संन्यास लेने का सोचने लगे थे शमी
चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की पहली जीत के हीरो मोहम्मद शमी एक समय संन्यास के बारे में सोचने लगे थे। उन्हें लगने लगा था कि वे इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी नहीं कर पाएंगे। 34 साल के शमी ने गुरुवार को दुबई के मैदान पर बांग्लादेश के 5 विकेट लेकर जोरदार वापसी की। वे सबसे तेज 200 वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बने।
शमी के कोच बदरुद्दीन ने मैच के बाद शमी की कमबैक स्टोरी शेयर की। उन्होंने बताया- ‘शमी खुद की वापसी को लेकर संशय में थे। एक समय उनके दिमाग में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के विचार भी आने लगे थे।’ शमी 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के बाद चोटिल हो गए थे। उन्हें एड़ी की सर्जरी करानी पड़ी थी। फिर उन्हें वापसी के लिए 14 महीने का इंतजार करना पड़ा था।
बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन से शुरुआत…

बार-बार शमी की वापसी टलने पर बदरुद्दीन बोले-
वे खुद पर भरोसा खो चुके थे। उन्हें लगने लगा था कि वे इंटरनेशनल क्रिकेट में दोबारा नहीं खेल पाएंगे। उनके दिमाग में कई बातें आने लगी थीं, जैसे- वे 32 साल के हो चुके थे। ऐसे में फास्ट बॉलर्स के लिए वापसी करना मुश्किल होता है।


कोच और बड़े भाई ने मोटिवेट किया कोच ने बताया कि निराशा के दौर में उनके बड़े भाई और मैंने उन्हें मोटिवेट किया। उन्हें फैमली का साथ मिला। मैंने उनसे कहा- ‘आपमें अभी 2-3 साल क्रिकेट बचा हुआ है और आप वापसी कर सकते हो।’ पहले भी उन्होंने कई बार चोट से वापसी कर खुद को इंटरनेशनल क्रिकेट में साबित किया है।

शमी की वापसी का प्लान… शमी की वापसी का प्लान बताते हुए बदरुद्दीन कहते हैं- ‘हमने प्लान बनाया था कि जब तक शमी पूरी तरह फिट नहीं होंगे, तब तक वापसी नहीं करेंगे। इसी वजह से उनकी वापसी में देरी हुई।’ शमी टी-20 वर्ल्ड कप और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे।
- रिहैब के बाद नेट सेशन में छोटे-छोटे स्पेल डालने का प्लान बनाया था। वे 4-4 ओवर फेंकते थे।
- चैंपियंस ट्रॉफी से पहले तक शमी ने नेट पर 8-8 ओवर के स्पेल फेंकने की प्रैक्टिस की।
बांग्लादेश के खिलाफ 100% क्षमता से गेंदबाजी की इंग्लैंड के खिलाफ फॉर्म पर नहीं होने पर कोच ने कहा- ‘हमने प्लान बनाया था कि दो-तीन इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद ही अपना 100% एफर्ट लगाना है। उन्होंने आज पूरी क्षमता से गेंदबाजी की। अब मैं कह सकता हूं कि बुमराह की कमी को वे पूरा कर देंगे।

