मप्र में जिला स्ट्रिंगर के लिए आवेदन आमंत्रित

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द सूत्र (thesootr.com) भोपाल मप्र का एक बड़ा डिजिटल मीडिया हाउस है। यह मप्र,छग का एक व्यवस्थित व गुणवत्तापूर्ण विश्वसनीय खबरों का डिजिटल प्लेटफॉर्म है। द सूत्र का मप्र के अलावा छग,दिल्ली व अन्य राज्यों में भी स्टाफ व मजबूत नेटवर्क है। मप्र में इसके विस्तार को लेकर जिला स्तर पर स्ट्रिंगर नियुक्त किए जाने हैं। यदि आप इच्छुक हैं तो अपना सीवी दो कान्टेक्ट नंबर्स व अन्य जानकारी के साथ उल्लेखित व्हाटसएप नंबर पर भेजें। चयन होने पर पर खबर व अन्य जानकारी प्रेषित करने आपको संबंधित ग्रुप से जोड़ा जाएगा।

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अपेक्षित….

 

इन खबरों पर रखें फोकस

 

1.कोई जनसमस्या जिससे समाज का एक बड़ा वर्ग प्रभावित हो रहा हो।

 

2.सरकारी कार्यक्रमों में खबर का कोई ऐसा एंगल जो खबर को रोचक बनाए।

( उदाहरण के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर्स का सम्मेलन हुआ। इसमें शामिल डॉक्टर्स के लिए जो खाना पकाया गया। इसमें पानी के लिए केटर्स ने कनेक्शन टायलेट नल से लिया।यानी टायलेट का पानी उपयोग किया गया। यह रिपोर्टिंग के नजरिए का महज एक Example है। जरूरी नहीं,सब जगह ऐसा होता हो। कहने का तात्पर्य यह कि अपनी खबर कुछ अलग हटकर हो लेकिन सही तथ्यों के साथ।)

 

3.सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक मैदानी स्थिति और जिला प्रशासन का दावा व योजना प्रगति से जुड़े आंकड़ों के साथ।

 

4. किसी भी क्षेत्र से जुड़ी एक्सक्लूजिव खबर,जो सिर्फ अपने पास हो।

 

5. पुरानी कोई प्रकाशित खबर,जिसमें अधिकारी का बयान हो कि देखता हूं, जांच करते हैं,पता करते हैं जैसे का फालोअप। वास्तव में उसमें कुछ हुआ भी या नहीं। इसमें साप्ताहिक जनसुनवाई में आने वाले प्रकरण भी शामिल किए जा सकते हैं।

 

6.अदालती महत्वपूर्ण फैसले। जिसमें संबंधित घटनाक्रम का बेकअप भी रहे।

 

7. जिला कलेक्टर या सरकार के आदेशों के पालन नहीं हो सकने वाले संबंधित समाचार। उदाहरणार्थ,जिला कलेक्टर या सरकार ने कोई आदेश जारी किया,लेकिन जमीन पर वह उतरा ही नहीं।

 

8. जिला प्रशासन के महत्वपूर्ण आदेश। महत्वपूर्ण बैठक की अंदर की खबर।

 

9.आपराधिक बड़े घटनाक्रम,जिसमें कोई मानवीय संवेदना वाला एंगल हो।

 

10. जांच एजेंसियों के छापे/सर्वे से जुड़ी सही तथ्यों के साथ खबर। काल्पनिक कुछ भी नहीं,जितना ज्ञात हो वहीं लिखें।

 

11. संस्थान द्वारा बताई गई खबरों पर तय समय पर काम कर रिपोर्ट करें।

 

12. राजनीतिक घटनाक्रमों,जनप्रतिनिधियों की प्रमुख गतिविधियों पर पैनी नजर व इनसे जुड़े समाचार।

 

13.बड़े घटनाक्रमों की दो तीन लाइन की ब्रेकिंग तत्काल व बाद में इसकी विस्तृत रिपोर्टिंग कर भेजें।

 

14.आप बड़े सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों में आरटीआई के जरिए भी जानकारी जुटा सकते हैं।

 

15.खबर करने से पहले यदि आप संस्थान से मार्गदर्शन,सुझाव लेंगे तो आपको ज्यादा आसानी होगी।

 

16.खबर,वीडियो,फोटो आपको संस्थान के व्हाट्स एप ग्रुप में ही भेजना है।

 

17.द सूत्र की किसी संस्थान से कोई स्पर्धा नहीं है,लिहाजा खबर में पिटने जैसी कोई बात नहीं,सिर्फ एंगल सबसे अलग हो,भले ही एक-दो दिन बाद उसे हम कर सकें। जहां तक तात्कालिक घटनाक्रम वाली खबर,तो उसमें भी अलग एंगल वाले बिंदु का ध्यान रखें।

 

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ये खबर अस्वीकार्य

 

1. व्यक्तिगत राग-द्वेष,प्रचार वाली खबरों से बचें।

 

2. अफसरों को महिमा मंडित करने वाली खबरें नहीं।

 

3. वाहवाही वाले सरकारी व पुलिस की उपलब्धि बखान करने प्रेस नोट न भेजें।

 

4. राजस्व यानी जमीन से जुड़े विवादित मामले,व्यक्तिगत झगड़े वाली विवादित खबरों से बचें।

 

5. छिटपुट खबरें जैसें गंदगी,सड़क,बिजली,ट्राफिक,पानी की समस्या वाली फिलर खबर नहीं।

 

6. सभी जगह एक जैसी खबरें प्रकाशित कर दबाव बनाने वालों से बचें। अर्थात ऐसा न हो खबर

नगर के किसी एक पत्रकार ने बनाई हो और सबको बांट दी हो।

 

7.छिटपुट एक्सीडेंट,इक्का—दुक्का लोगों के घायल होने,मरने या नवजात का शव मिला,नेताओं की बयानबाजी जैसी खबरों में अपना वक्त जाया न करें।

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प्रसार के लिए ये करना अनिवार्य

 

बनाए व्हाटस एप ग्रुप,यह संस्थान व आपके लिए आवश्यक भी और महत्वपूर्ण भी। इससे आपकी खबर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सकेगी। आपका भी नेटवर्क बढ़ेगा।

 

1.अधिकाधिक लोगों के कान्टेक्ट नंबर हासिल कर इनका व्हाटस एप ग्रुप बनाने इन्हें एकजाई कर संस्थान को भेजें। रोज-रोज,एक-एक नंबर न बताएं। एक बार में कम से कम आठ-दस नंबर दें।

 

2. ग्रुप एक से ज्यादा,यानी जितने अधिक हो सके,बनाना है। ये केटगरी वाइज हो सकते हैं। जैसे अधिकारी,कर्मचारियों का अलग। सामाजिक संगठन,व्यक्ति,व्यापारी वर्ग,महिला वर्ग,राजनेताओं के अलग।

 

3.शहर में जारी अन्य व्हाट्स एप ग्रुप्स में संस्थान एडमिन का नंबर 9399033058 या 9098658769 या 8815948174 जुड़वाने का प्रयास करें। ताकि यहीं से संबंधित ग्रुप में खबर पोस्ट की जा सके। ये ग्रुप्स किसी सामाजिक संगठन,व्यापारी या अन्य वर्ग के हो सकते हैं।

 

4.उन्हें बताएं कि हमारा उद्देश्य सिर्फ गुणवत्तापूर्ण खबरों को साझा करने का है।

 

5. एक समुदाय में जितने लोगों से ग्रुप शुरू हो,करें। बाद में इनमें अन्य लोगों को जुड़वाते रहे। पूरे ढाई सौ लोगों का इंतजार करेंगे तो ग्रुप शुरू ही नहीं हो सकेगा।

 

6. ग्रुप दस लोगों से भी शुरू किया जा सकता है और इतने नंबर्स आपके फोन में ही होंगे। बस इन्हें वर्गानुसार अलग-अलग कर ग्रुप्स बनाए जा सकते हैं। बाद में इनमें नंबर जोड़े जा सकते हैं।

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आपको क्या मिलेगा

1. वीडियो के साथ महत्वपूर्ण व तथ्यात्मक खबर जो प्रसारित करने योग्य हो पर प्रति खबर 05 (पांच)सौ रुपए।

 

2.यदि आप अपने शहर से 25 किमी से अधिक दूर जाकर खबर मय वीडियो तैयार करते हैं तो

8 (आठ)सौ से एक हजार रुपए प्रति खबर, यदि खबर प्रसारित करने योग्य है। आप,इस मामले में संस्थान से पहले मार्गदर्शन भी ले सकते हैं।

 

3.यदि आप संस्थान के बताने पर किसी अधिकारी की बाइट लेकर भेजते हैं तो प्रति बाइट 2

(दो )सौ रुपए।

 

4. यदि कोई बहुत अधिक सनसनीखेज एक्सक्लूसिव खबर करते हैं तो खबर की महत्व के आधार पर आकर्षक राशि मिलेगी। जो 01 (एक) लाख रुपए तक या इससे भी अधिक हो सकती है,लेकिन इसका निर्धारण संस्थान करेगा।

 

5.स्वयं के द्वारा जनरेट विज्ञापन पर 25 फीसद व संस्थान से बताए गए विज्ञापन का फॉलोअप करने यानी आरओ जुटाना,भुगतान करवाना आदि.. पर 5 (पांच ) प्रतिशत कमीशन।

 

6.व्हाट्स एप ग्रुप बनवाने व खबरों का फ्लो शुरू होने पर संस्थान की आईडी,माइक उपलब्ध कराया जाएगा।

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संपर्क

रवि अवस्थी,द सूत्र,भोपाल

9826019364

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