RGPV घोटाले के आरोपियों के खिलाफ जारी होगा लुकआउट:पूर्व कुलपति, रजिस्ट्रार और रिटायर्ड फाइनेंस कंट्रोलर की तलाश में दबिश जारी

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के सरकारी खाते से 19.48 करोड़ रुपए प्राइवेट अकाउंट में ट्रांसफर किए जाने के मामले की जांच भोपाल पुलिस ने तेज कर दी है। मामले में गिरफ्तारी से बचने अंडरग्राउंड हुए यूनिवर्सिटी के तत्कालीन कुलपति प्रो. सुनील कुमार, तत्कालीन रजिस्ट्रार आरएस राजपूत सहित 3 आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कराने की कार्यवाही शुरू कर दी है।
पुलिस को शक है कि मामले के तीनों आरोपी विदेश जा सकते हैं। इसके चलते लुकआउट नोटिस जारी करने का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा है। दूसरी ओर, सोमवार को तत्कालीन कुलपति प्रो. सुनील कुमार ने भोपाल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। कोर्ट मंगलवार को अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी।
आरोपियों को पकड़ने SIT ने दी 6 बार दबिश
गांधी नगर पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले में गिरफ्त से बाहर चल रहे यूनिवर्सिटी के तत्कालीन कुलपति डॉ. सुनील कुमार, तत्कालीन रजिस्ट्रार 9 आरएस राजपूत और रिटायर्ड फायनेंस कंट्रोलर की गिरफ्तारी के लिए 3 टीमें बनाई गई हैं। इन टीम ने बीते 29 दिन में 6 बार आरोपियों को पकड़ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी है। लेकिन, आरोपी हर बार पुलिस के पहुंचने से पहले संबंधित स्थान से गायब हो गए।
डॉ. सुनील कुमार ने कोर्ट में लगाई अग्रिम जमानत याचिका
यूनिवर्सिटी के तत्कालीन कुलपति डॉ. सुनील कुमार ने सोमवार को भोपाल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। याचिका एडवोकेट सत्यम कौरव ने लगाई है। सुनवाई मंगलवार को होगी। भोपाल की गांधी नगर पुलिस ने तत्कालीन कुलपति सुनील कुमार, तत्कालीन रजिस्ट्रार आरएस राजपूत, रिटायर फाइनेंस कंट्रोलर ऋषिकेश वर्मा और आरबीएल बैंक के कर्मचारी कुमार मयंक के खिलाफ केस दर्ज किया है।

आरएस राजपूत की जमानत याचिका हो चुकी है खारिज
इससे पहले भोपाल जिला कोर्ट में तत्कालीन रजिस्ट्रार आरएस राजपूत ने जमानत याचिका लगाई थी, सुनवाई न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीन ने की थी, जिसे 12 मार्च को विशेष न्यायधीश भष्टाचार निवारण अधिनियम संकर्षण प्रसाद पांडेय ने खारिज की थी।
बिना अनुमति जा चुके हैं विदेश
साल 2022 में पूर्व रजिस्ट्रार आरएस राजपूत बिना अनुमति के विदेश जा चुके हैं। वह साल 2022 में 13 जनवरी नई दिल्ली से सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) गए थे। इस सफर में उनके साथ संगीता सिंह भी गईं थीं। इसका टिकट नर्मदा हॉलिडे द्वारा किया गया था। संचालनालय की सूचना के अनुसार उन्होंने इस यात्रा की परमिशन नहीं ली थी।

गिरफ्तारी की मांग को लेकर ABVP ने दिया धरना
इधर, अखिल भारतीय विद्याथी परिषद (ABVP) ने रविवार देर रात तक धरना प्रदर्शन किया। ABVP कार्यकर्ताओं के अनुसार वे कमिश्रर कार्यालय का घेराव कर RGPV घोटाले के दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन के लिए आए थे। देर रात SIT चीफ मलकीत सिंह ने आरोपियों के विरुद्ध वारंट और लुक आउट नोटिस जारी करने की बात कही। साथ ही उनको तीन दिन के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन भी दिया। जिसके बाद ABVP ने अपना प्रदर्शन रोका।

22 मार्च को हुई थी कुमार मयंक की गिरफ्तारी
मामले में पुलिस ने 22 मार्च को पहली गिरफ्तारी की थी। पुलिस ने RBL बैंक में बतौर टास्क हेड कार्यरत रहे कुमार मयंक को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि एक्सिस बैंक के अपने पर्सनल अकाउंट में जमा किया था। कुमार मयंक पर धारा 420, 468, 409, 407 के तहत गिरफ्तार किया था। कुमार मयंक RBL बैंक में नवंबर 2018 से मार्च 2023 तक टास्क हेड के पद पर कार्यरत रहे हैं। उन्हें सरकारी संस्थाओं के अकाउंट RBL बैंक में खुलवाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
यह है मामला
RGPV के अकाउंट से 19.48 करोड़ रुपए प्राइवेट अकाउंट में ट्रांसफर किए जाने के मामले में यूनिवर्सिटी के प्रभारी कुलपति प्रो. मोहन सेन ने गांधी नगर पुलिस थाना में FIR दर्ज कराई थी। इसमें यूनिवर्सिटी के तत्कालीन रजिस्ट्रार आरएस राजपूत, रिटायर फाइनेंस कंट्रोलर ऋषिकेष वर्मा, तत्कालीन कुलपति प्रो. सुनील कुमार, RBL बैंक के कर्मचारी कुमार मयंक और दलित संघ सोहागपुर पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था।
आरोपियों की तलाश में जुटी हमारी टीम
पुलिस उपायुक्त जोन-4 मलकीत सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश में हमारी टीमें जुटी हुई हैं। हमने लुकआउट नोटिस के लिए प्रोसेस किया है, ताकि उन्हें इमीग्रेशन क्लियरेंस नहीं मिले।
