मध्य प्रदेश की आबकारी नीति पास या फेल भाग्य का फैसला होगा 31 मार्च को पंकज सिंह भदौरिया
मध्य प्रदेश में आबकारी नीति में शासन ने निर्धारित किया है की 75% दुकान रिन्यूवल होती हैं तो उस जिले में बाकी दुकानों को टेंडर से बेचा जाएगा ऐसा न होने पर सभी दुकानों के टेंडर बुलाए जाएंगे इस प्रक्रिया में कई जिले रिन्यूवल हो गए और कुछ जिलों में मोनोपोली के तहत जिले में एक ही ठेकेदार ने दुकान ले ली और कुछ जिलों में अभी टेंडर बुलाए जाने हैं यह प्रक्रिया 31 मार्च तक जारी रहेगी
इंदौर और भोपाल सहित कई जिलों में हो चुका है एफडीआर घोटाला
पिछले कई वर्षों में टेंडर के बाद देखने में आया है कि शराब कंपनियों द्वारा टेंडर तो खरीद लिए गए और दुकान भी दो-तीन माह तक संचालित की गई जब इनके कागजों की पड़ताल की गई तो इसमें एफडीआर फर्जी पाए गए जिसमें इंदौर भोपाल साहित कई ऐसे जिले हैं जहां फर्जी एफडीआई के चलते कई अधिकारियों को अटैच किया गया और कुछ छोटे अधिकारियों को सस्पेंड
भी किया गया
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आबकारी आयुक्त के निर्देश 24 मार्च को एफडीआई नहीं हुए जाम तो होगी आबकारी अधिकारियों पर कार्यवाही*
इस बार भी जिन दुकानों को रिन्यूवल किया जा चुका है उनके समस्त पेपर एफडीआर सहित लगभग 10 दिन के अंदर जमा होने चाहिए इसके लिए 20 मार्च तक का समय रखा गया है और बाकी सभी टेंडर होने के बाद एफडीआर 31 मार्च से पहले जमा होने का समय रहता है ऐसे में आबकारी विभाग के बड़े-बड़े अधिकारी होली के माहौल में भी रविवार के दिन छुट्टी होने के बाद भी भोपाल के कैंप ऑफिस में देर रात तक उपस्थित रहे
इसी बीच आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल अपने अधीनस्थ आबकारी अधिकारियों को कुछ विशेष निर्देश देकर देर शाम कैंप ऑफिस से रवाना हो गए लेकिन आबकारी विभाग के बड़े अफसर देर रात तक छुट्टी के दिन भी काम करते नजर आए
रविवार को भी कैंप ऑफिस में काम करते नजर आए आपकारी के बड़े अफसर
सूत्रों की माने तो आबकारी आयुक्त ने पत्र के माध्यम से समस्त जिलों के आबकारी अधिकारियों को सूचित किया था कि जितने भी टेंडर रिन्यूवल हुए हैं और नए टेंडर द्वारा जो दुकान ठेकेदारों को दी गई हैं इन सभी शराब ठेकेदारों द्वारा दी गई बैंक गारंटी और आबकारी अधिकारी के द्वारा सर्टिफिकेट के साथ हेड ऑफिस में 24 मार्च 11:00 तक जमा कराई जाए शायद इसी के चलते आबकारी आयुक्त और कई डिप्टी कमिश्नर सहित अन्य अधिकारी कैंप ऑफिस भोपाल में मौजूद थे
रायसेन जैसे जिले अभी भी एफडीआर जमा नहीं कर पाए हैं-सूत्र
सूत्र तो यहां तक बताते हैं की मध्य प्रदेश के कुछ जिले ऐसे हैं जहां के आबकारी अधिकारी अभी तक ठेकेदारों से पेपर और एफडीआई जमा नहीं कर पाए हैं जिसमें रायसेन जैसे कुछ जिलों के नाम कानाफुंसी के जरिए सुनाई दिए है
वही आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने पत्र में साफ-साफ निर्देश किए हैं कि 24 तारीख तक जो भी अधिकारी मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवा पाएगा तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी ऐसे में सवाल है कि आज दिनांक तक जिन आबकारी अधिकारियों ने दस्तावेज जमा नहीं किए हैं उन पर क्या कार्यवाही होगी
आबकारी नीति में दिल्ली के मुख्यमंत्री गए जेल एमपी के घोटालेबाजों का क्या होगा
देश में आबकारी विभाग की नीतियों को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहित कई बड़े नेता जेल जाते दिखाई दिए हैं फिर ऐसे में मध्य प्रदेश में पिछले समय भी फर्जी एफडीआई जमा करने की घटनाएं देखी जा चुकी है और आज भी अगर शराब व्यापारियों के द्वारा तय समय में दस्तावेज जमा नहीं कराए गए हैं तो उनकी मनसा क्या है यह एक बड़ा सवाल है?
आबकारी आयुक्त ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को प्राइवेट बैंकों के पेपर पर नजर रखने की दी सलाह
रीवा में पिछले वर्ष प्राइवेट बैंकों द्वारा और सहकारी बैंकों द्वारा एफडीआई का मामला देखा गया था जो आज भी जांच के दायरे में है!
आबकारीआयुक्त
ने कैंप ऑफिस से निकलते समय अपने अधीनस्थों को auबैंक का नाम लेते हुए निर्देश दिए की प्राइवेट बैंक को के पेपर पर ध्यान दें और नजर रखें
