सांसद वाड्रा-हिंसा के शिकार बंग्लादेशिय सनातनियो के मुकाबले फिलिस्तीन प्यारा(श्याम चौरसिया )

सुर्खियों में बने रहने के लिए नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका वाड्रा ने भारत की गरिमा,मर्यादा, संसद के मान- सम्मान और भारतीय विदेश नीति की पूंगी बजाने में कसर नही छोड़ी। उन्होंने 05 अगस्त से हिंसा,आगजनी,उत्पीड़न, बलात धर्म परिवर्तन के शिकार 01 करोड़ 40 लाख बंगला देशी सनातनियो के प्रति कोई सहानुभूति,मानवीयता प्रकट करने की बजाय आतंकी संगठन फिलिस्तीन की पीठ सहलाई। थपथपाई।वे फिलिस्तीन मार्का झोला संसद में लेकर प्रकट हुई।उन्होंने फिलिस्तीनी मार्का झोले के मार्फ़त एक तो वायनाड के गैर सनातनियो को खुश कर दिया। दूसरे भारत भर के गैर सनातनी वोट बैंक, ओवेशी और कट्टर मुल्ला मौलवियों, जिहादियो को कांग्रेस की नीति-नीयत का ठप्पा लगा कर उनका विश्वास जीत लिया।
सासंद वाड्रा जानती है। हिंसा, उत्पीड़न के शिकार बंगला देशी सनातनियो के पक्ष में जबान खोलने से न तो बंगलादेश के सनातनियो का भला हो सकता है । न भारत के सनातनी पिघल सकते है। इसलिए वोट बैंक को साधे रखने के लिए आतंकी संगठन फिलिस्तीन,हमास, हूती को समर्थन देने में कोई हर्जा नही दिखता।
चीन,पाकिस्तान भी तो फिलिस्तीन के समर्थन में मैदान में है। वे कहा विश्व की जनचेतना की परवाह कर रहे है। सांसद वाड्रा ने भारत की विदेश नीति को ताक में रख पाक और चीन को मजबूती दी है।
सनद रहे। लगभग 08 हजार किमी दूर हरकत करने वाले फिलिस्तीन, हमास,हूती के समर्थन और इजराइल के विरोध में भारतीय गैर सनातनियो ने सड़क पर उतर भारत सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। कोसा था। तब भी कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन के अन्य दलों ने कथित आतंकियों का विरोध करने की बजाय फिलिस्तीन को मदद के लिए भारत सरकार पर दबाब बनाने की कोशिश की थी। यदि गैर सनातनियो को फिलिस्तीन से वाकई प्रेम है तो अरबो रुपयों की जकात ओर वक्फ से मदद कर सकते थे। मगर नहीं। वे भारत सरकार पर दंड पेल कर फिलिस्तीन को अपनी ताकत दिखाना चाहते थे।मगर पांसा पलट गया। सरकार कांग्रेस की नही बल्कि एनडीए के pm मोदी की है। भारत सरकार के कड़े,निर्णायक रुख से अपनी खीज मिटाने के लिए गैर सनातनियो के सरदारों ने भारत मे गैर सनातनियो के उत्पीड़न की जम कर भैरवी बजाई। पर ये भैरवी जलते इंग्लैंड,फ्रांस, जर्मनी, आदि एक दर्जन पश्चमी देशों की चीख में असर नही दिखा सकी। आखिर ये देश भी तो इनकीं बत्तमीजियो, ज्यादतियों, हरकतों से तो जले।मगर pm मोदी के कड़े रुख की वजह से वे भारत मे हरकत नही कर सके।दाल नही गला सके।भारत शांत रहा।
फिलिस्तीन के हिंसात्मक तथ्य को कांग्रेस और इंडी गठबंधन अनदेखा करके विश्व जमात का विश्वास खो चुका है। इंडी गठबंधन की लचर,दोगली नीतियों और घोर असफलता की वजह से ही विश्व pm मोदी को वैश्विक नेता कबूलता है।
हिंसा,उत्पीड़न के शिकार पड़ोसी बंगलादेशी सनातनियो को भी कांग्रेस से ज्यादा भरोसा आरआरएस, वीएचपी, धर्माचार्यो,बीजेपी, बंगाल, आसाम, त्रिपुरा, मेघालय के सनातनियो पर है।
शायद इसी लिए सांसद वाड्रा ने फिलिस्तीन मार्का झोला धारण करके अपनी और कांग्रेस की नीति,नीयत, आचरण,प्रवर्ति का उदघोष किया। वाड्रा के इस साहस? का 99 में से कितने सांसदो ने अभिनंदन किया। इसका खुलासा आज नही बल्कि बिहार,दिल्ली,बंगाल के विधान सभा चुनावों में होगा।
यदि सांसद वाड्रा समय की नब्ज पर हाथ रखने की कला में पारंगत होती तो वे महाराष्ट्र, हरियाणा विधान सभा चुनावों में हुए सफाए से सबक ले लेती।
