एमपी में चक्रवाती तूफान ‘दाना’ का असर नहीं

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अंडमान सागर से उठे चक्रवाती तूफान ‘दाना’ की वजह से कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है। हालांकि, मध्यप्रदेश में इसका असर नहीं रहेगा। नमी की वजह से गुरुवार को राज्य के पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, शहडोल, सागर और रीवा संभाग में हल्की बारिश जरूर हो सकती है। दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-उज्जैन में तेज धूप खिली रहेगी। पचमढ़ी दिन और रात दोनों समय प्रदेशभर में सबसे ठंडा है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 10-11 दिन से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में दो सिस्टम एक्टिव रहे। इसके चलते मध्यप्रदेश के पश्चिमी-दक्षिणी हिस्से में बारिश का दौर बना रहा। खासकर इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के जिलों में बारिश हुई। बुधवार को बारिश का सिलसिला थम गया लेकिन कई जिलों में दिन का तापमान गिर गया है। रातें भी ठंडी हो गई है।

अगले 24 घंटे में साफ रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में अगले 24 घंटे में बारिश होने का अनुमान नहीं है। ऐसे में ज्यादातर शहरों में तेज धूप खिली रहेगी।

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने कहा-

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‘दाना’ तूफान का एमपी में असर नहीं रहेगा। वातावरण में नमी बढ़ने के साथ ही अभी दिन का तापमान कुछ दिनों से सामान्य से अधिक है। जब तापमान ज्यादा रहता है और नमी ज्यादा होती है तो धुंध छा जाती है। मानसून की रवानगी के बाद मौसम भी बदलता है। सामान्यत: ऐसा ही होता है लेकिन इस बार दो स्थितियां अलग हैं।

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बारिश के बीच ठंड की दस्तक मध्यप्रदेश में बारिश के बीच ठंड की दस्तक भी हो गई है। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से कम है। इनमें भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, खंडवा, पचमढ़ी, रायसेन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, बैतूल, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नौगांव, रीवा, सतना, टीकमगढ़, उमरिया और मलाजखंड शामिल हैं।

पचमढ़ी में रात का तापमान सबसे कम 14.4 डिग्री और मंडला में 15.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। भोपाल, इंदौर में मंगलवार-बुधवार की रात सीजन की सबसे ठंडी रात रही थी।

हालांकि, दिन में कई शहरों में गर्मी का असर भी देखने को मिल रहा है। बुधवार को दमोह, खजुराहो में पारा 35 डिग्री के पार रहा। वहीं, पचमढ़ी में यह सबसे कम 27.4 डिग्री और मलाजखंड में 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

तूफान का इन राज्यों में असर मौसम विभाग ने ‘दाना’ के बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई है। ये अगले 24 घंटे में कभी भी ओडिशा के पुरी जिले और पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सागर नाम के टापू से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इसका असर ओडिशा, पश्चिमी बंगाल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी में भी होगा।

तूफान से निपटने के लिए ओडिशा ने नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स (NDRF), ओडिशा डिजास्टर रिलीफ फोर्स (ODRF) और फायर ब्रिगेड की 288 टीमें तैनात की हैं। तूफान के गंभीर असर की आशंका वाले 14 जिलों के सभी स्कूल-कॉलेज की 25 अक्टूबर तक छुट्टी की गई है। इन जिलों के 10 लाख लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है। सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द की गई हैं। ओडिशा में 150 और बंगाल में 198 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।

मानसून की हो चुकी विदाई मध्यप्रदेश से 15 अक्टूबर को मानसून लौट चुका है, लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे के दौरान देवास, सीहोर, उज्जैन, इंदौर, खंडवा, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी और छिंदवाड़ा में हल्की बारिश दर्ज की गई।

बड़े शहरों में अक्टूबर में ऐसा रहता है मौसम

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