जानलेवा गर्दन दर्द से 02 मिनिट में मुक्ति ( जगदीश रघुवंशी)

हड्डी चटकने या नस इधर से उधर हो जाने से गर्दन घुमाने में लाचार हो चुके पीड़ित को ग्राम पडोनिया के राधेश्याम दांगी चुटकियों में ठीक कर देते है। दांगी इस हुनर को ईश्वर की कृपा बताते हुए कहते है कि अब तक सेकड़ो पीड़ितों को वे महंगे डॉक्टरी इलाज से बचा राहत दे चुके है। दांगी सब काम छोड़ पीड़ित की सेवा में लग जाते है। जब तक पीड़ित को राहत न मिल जाए वे प्रयास में जुटे रहते है। इस मानवीय सेवा के आनंद से अभिभूत दांगी ईश्वर कृपा को सबसे बड़ा वरदान मानते है।
खेती किसानी में रमे-जमे दांगी किसी भी स्तर पर प्रचार-प्रसार की तमन्ना नही रखते। वे ये मानते है। जिस दिन वे हुनर का मूल्य किसी भी रूप में स्वीकार कर लेंगे। उसी दिन उनसे सरस्वती रूठ जागेगी।
