राष्ट्रीय मंच से मोदी का दलीय तेवरों वाला संदेश
राष्ट्रीय मंच से मोदी का दलीय तेवरों वाला संदेश
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ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी प्रधानमंत्री ने करदाताओं के धन से संचालित होने वाले सार्वजनिक संसाधन वाले संस्थानों से राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रतिपक्ष पर निशाना साधा है.दूरदर्शन/आल इंडिया रेडियो जैसे संस्थान पूरे राष्ट्र की निष्पक्ष सेवा के लिए होते हैं.जब प्रमुख राज्यों में चुनाव चल रहे हों तब अचानक सत्र बुला महिला आरक्षण पर संविधान संशोधन बिल पेश कर उसे पारित कराने की कवायद प्रचार नहीं तो क्या है.? क्या यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं.?जब छोटे मोटे दलों के समर्थन से सरकार चला रहे हों तब दो तिहाई वोट दूर की कौड़ी ही थी.
