बात चुभेगी क्योंकि कडबी है और सच।
जब दरवाजे पर दस्तक देकर भीख मांगता है तो जब हम उसे कुछ दे देते हैं तो बह दुआ देता और धन्यवाद भी कहता है।
मध्यप्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी ने बीमा योजना में सहूलियत दी यह उन पत्रकारों के हित में जो चाटुकारिता नहीं करते हैं और अपना जीवन सादगी से जीते हैं परन्तु समाचार पत्रों में नोकरी करने के कारण मालिक का बंधुआ मजदूर हो जाता है।
मैंने बहुत से समाचार पत्र पढ़ें और उनमें उस समाचार को पढ़ना चाहा कि पत्रकारों को बीमा योजना का अतिरिक्त बोझ सरकार उठाएगी परंतु समाचार पढ़ने को नहीं मिला, यदि जनसंपर्क विभाग योजना का विज्ञापन देती तो हर अखबार में प्रकाशित होता।
कितना मजबूर हैं नोकरी करने बाला पत्रकार कि वह अपने समुदाय के समाचार को अपनी मर्जी से समाचार पत्र में प्रकाशित भी नहीं कर सकता है।
धन्यवाद है ऐसे पत्रकारों को जो आज भी गुलामी की मानसिकता में जीते हैं।radha vallabh sharda
