फिल्म का गाना था “यहां तो हर चीज बिकती है बोलो जी क्या-क्या खरीदोगे: आज मप्र की राजधानी भोपाल की स्थिति भी यही है।
एक पुरानी फिल्म का गाना था “यहां तो हर चीज बिकती है बोलो जी क्या-क्या खरीदोगे: आज मप्र की राजधानी भोपाल की स्थिति भी यही है। रघु ठाकुर
5 जुलाई 2025 के भोपाल भास्कर में भोपाल शहर की खबर छपी थी जिस में कहा गया था कि इस शहर के नाले भी बेच दिए गए हैं ,
इतना ही नहीं शहर के 205 ना लों पर अतिक्रमण किया गया है और मकान दुकान बना ली गई हैं। पिछले लगभग 15 दिन से मैं इंतजार कर रहा था कि शायद सरकारी की इस पर कोई प्रती क्रिया आएगी या कोई कार्रवाई की बात होगी, क्योंकि थोड़ी सी बारिश में ही भोपाल जलमग्न हो जाता है परंतु इतने दिन के बाद जब सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो मुझे लगा कि अब बोलना चाहिए। आखीर इतनी बड़ी घटना इसका प्रभाव हर साल भोपाल शहर पर पड़ता है जो प्रदेश की राजधानी है जिससे सड़के बर्बाद हो रही है जिससे जल भराव होते हैं और प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का नुकसान इस के चलते होता है इसके ऊपर सरकार मौन क्यों है?
हालांकि यह स्थिति अकेले भोपाल की नहीं है बल्कि प्रदेश के लगभग सभी शहरों की है। आश्चर्य तो तब होता है कि कल भारत के राष्ट्रपति जी ने भोपाल नगर निगम के लिए पुरस्कृत किया है कि उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है। सफाई के क्षेत्र में अच्छा काम किया है ।परंतु सफाई की स्थिति भी भोपाल में क्या है? यह भोपाल का रहने वाला हर व्यक्ति जानता है। थोड़ा सा नए भोपाल का इलाका छोड़ दे तो बताएं सारे भोपाल की स्थिति क्या है हर भोपाल वासी जानता है और भोग रहा है।नीलम पार्क के बारे में हमने कई बार लिखा है ।अखबार में खबर छपी है और अकेले यही पार्क भोपाल शहर के अधिकांश पार्क आज ऐसी गंदी स्थिति में है कि देखना भी कठिन है।सड़कों पर कचरा के ढेर लगे हैं ।इसके बावजूद भी अगर भोपाल नगर निगम को राष्ट्रपति जी पुरस्कार देते हैं तो यह आश्चर्य ही है ।
ऐसा लगता है कि सरकार की जो चयन प्रक्रिया है वहीं कुछ गड़बड़ है और राष्ट्रपति जी को सही तथ्य नहीं बताए गए । 2 दिन पहले महामहिम राष्ट्रपति जी ने भोपाल के महापौर को सम्मानित किया और आज के अखबारों में खबर है कि कल भोपाल नगर में बस गड्ढे में घस गई । इसके एक दिन पूर्व भोपाल शहरज्योति टॉकीज के पास सड़क धस गई थी। क्या राष्ट्रपति जी अपने दिए हुए सम्मान को वापस लेंगी ।
महापौर जी की जनता के प्रति कितनी चिंता हैवह तो सर्वविदित है।मुझे याद है कि जब नीलम पार्क के बारे में लोगों ने कहा तो हम लोगों ने महापौर जी को पत्र लिखा था और लोगों ने बतायाकि शहर के लोगों ने उन्हें कई बार पहले भी लिखा, कई बार कहा , परंतु वह किसी नागरिक का उत्तर देना क्या, उस पर कोई प्रतीक्रिया व्यक्त करना भी उचित नहीं समझती है। कुल मिलाकर सारे भोपाल की लगभग यही स्थिति है। इन भवनों के नीचे पोल है = और सरकार का बजता ढोल है।
रघु ठाकुर
संरक्षक लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी
19 जुलाई 2025
नोट=पत्रकार भाईयों से प्रकाशन हेतु अनुरोध है।
@महामहिम राष्ट्रपति जी
@मा मु मंत्री जी
@मा कैलाश विजय वर्गीय मंत्री जी
