महिलाएं हर महीने 2 हजार और फ्री बस से खुश, BJP मोदी के भरोसे
सुरेश डेविड बेंगलुरु में ऑटो चलाते हैं। लोकसभा चुनाव के सवाल पर कहते हैं, ‘मुझे तो BJP पसंद है, मोदी पसंद हैं। राम मंदिर बनाकर 500 साल का प्रॉब्लम सॉल्व कर दिया, लेकिन पत्नी को कांग्रेस हर महीने 2 हजार रुपए दे रही है, बस और बिजली भी फ्री है। वो कांग्रेस को वोट करेगी, मुझे भी यही करने को कह रही है।’ ये कहते-कहते डेविड हंसने लगते हैं।
मल्लिकार्जुन आर्मी में हैं। छुट्टियों में अपने घर बेंगलुरु आए हैं। वे कहते हैं, ‘इस बार भी मोदी आ रहे हैं। वे 24 घंटे काम कर रहे हैं। स्ट्रेट फारवर्ड बोलते हैं। नेक इंसान हैं। कर्नाटक सरकार महिलाओं को 2 हजार रुपए दे रही है, उसका असर होगा, लेकिन जीतेंगे मोदी ही।’
बेंगलुरु के स्लम एरिया चामराजपेट में रहने वाली सलोनी कर्नाटक यूनिवर्सिटी से MA कर रही हैं। 22 साल की सलोनी कहती हैं, ‘जिनके लिए धर्म जरूरी है, उनके लिए राम मंदिर मुद्दा हो सकता है। ऐसे लोग जो गरीब हैं और जिनके पास खाना तक नहीं है, उनके लिए थोड़ी सी मदद भी मायने रखती है। राम मंदिर पर इतने पैसे खर्च हुए, उसे गरीबों पर खर्च किया जा सकता है।’

कर्नाटक की 28 लोकसभा सीटों पर 26 अप्रैल और 7 मई को दो चरणों में वोटिंग होनी है। दैनिक भास्कर की टीम कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों में गई और लोगों के मुद्दे जानने की कोशिश की। फिलहाल ये 3 बातें समझ में आ रही हैं:
1. BJP का सबसे बड़ा मुद्दा है कि नरेंद्र मोदी को फिर से PM बनाना है। प्रचार भी इसी लाइन पर किया जा रहा है कि कर्नाटक में BJP जितनी सीटें जीतेगी, ‘मिशन 400’ पूरा करने में काम आएंगी। मोदी सबसे पॉपुलर लीडर हैं और उनके नाम पर BJP के पक्ष में वोटिंग होगी।
2. राम मंदिर, हिंदुत्व, आर्टिकल-370 और यूनिफॉर्म सिविल कोड कर्नाटक चुनाव में मुद्दे तो हैं, लेकिन इससे BJP को अलग से कोई फायदा नहीं हो रहा। 2019 में BJP इन्हीं मुद्दों पर 25 सीटें जीत चुकी है। विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से मिली हार के बाद BJP ने इन मुद्दों से दूरी बनाई है और डेवलपमेंट की बात शुरू की है।
3. कांग्रेस की 5 गारंटी चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा हैं। महिलाओं को हर महीने 2 हजार रुपए, फ्री बस, फ्री बिजली और बेरोजगार युवाओं को मिल रहे 3 हजार रुपए कांग्रेस के फेवर में माहौल बना रहे हैं। कांग्रेस को इसका कितना फायदा होगा, इसका टेस्ट इन चुनावों में होना है। कांग्रेस का फोकस लोकल मुद्दों पर है।





हर महीने 2 हजार और फ्री बस मिल रही, उज्ज्वला का नाम नहीं सुना
नित्या एजुकेशन ट्रस्ट के डायरेक्टर और लोकनीति के नेशनल कोऑर्डिनेटर संदीप शास्त्री भी मानते हैं कि कांग्रेस को लोकल मुद्दों पर फोकस करने का फायदा मिल सकता है। वे कहते हैं, ‘कांग्रेस लोकल मुद्दों, 5 गारंटी और लोगों को मिले फायदे को ही कैंपेन के केंद्र में रखे हुए है।’
‘इसके अलावा वे BJP की सेंट्रल लीडरशिप को निशाना बना रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष भी कर्नाटक के हैं और वे भी खुद को कर्नाटक के लीडर की तरह रिप्रेजेंट कर रहे हैं। कई सर्वे में ये सामने आया है कि कर्नाटक उन राज्यों में है, जहां लोगों को केंद्र और राज्य दोनों की योजनाओं का फायदा मिल रहा है।’

बेंगलुरु के स्लम एरिया चामराजपेट में रहने वाली मेरी भी ऐसा ही कहती हैं, ‘हर महीने 2 हजार रुपए मिलते हैं। बस में फ्री सफर की सुविधा मिल रही है। चावल के लिए हर महीने 120 रुपए मिलते हैं।’

हालांकि इसी इलाके में रहने वाले मजदूर रंजीत कुमार कहते हैं, ‘मुझे मोदी पसंद हैं। उनसे फायदा कुछ नहीं है, बस मोदी पसंद हैं। मोदी नहीं, मोदी साब, मैं उन्हें वोट दूंगा। मोदी साब ने राम मंदिर बनवा दिया।’
सीनियर जर्नलिस्ट बेलागारु समीउल्लाह कहते हैं, ‘राज्य सरकार की स्कीम गृहलक्ष्मी, फ्री बस राइड, 10 किलो फ्री राशन और युवाओं को 3 हजार स्टाइपेंड काफी सक्सेसफुल हैं। महिलाओं के खाते में हर महीने 2000 रुपए आ रहे हैं, फ्री बस राइड है। 1.4 करोड़ महिलाओं को इसका फायदा मिल रहा है।’
‘ये महिलाएं इस पैसे को खर्च कर रही हैं, बस से आ-जा रही हैं, इससे छोटे-छोटे दुकानों की इकोनॉमी को सीधा फायदा मिल रहा है। फ्री बस राइड से महिलाएं मंदिरों में जा रही हैं, इससे मार्केट में पैसा आ रहा है। इससे जिन लोगों को फायदा हो रहा है, वो किसे वोट करेंगे, इसी से कर्नाटक में चुनाव का नतीजा तय होगा।’
बेंगलुरु के इंदिरा नगर इलाके में दुकान चलाने वाले मोहम्मद सादिक कहते हैं, ‘कर्नाटक सरकार की 5 स्कीम का फायदा मिल रहा है। आयुष्मान और मुद्रा लोन के बारे में सुना है, लेकिन उनका फायदा नहीं मिल रहा।’
विधानसभा चुनाव के बाद BJP रणनीति बदलने के लिए मजबूर हुई
सीनियर जर्नलिस्ट बेलागारु समीउल्लाह के मुताबिक, ‘राममंदिर, CAA, आर्टिकल-370 या फिर रिलीजियस पोलराइजेशन इस बार कर्नाटक में काम करता नहीं दिख रहा है। BJP ने बीते विधानसभा चुनाव में रिलीजन के मुद्दे पर कैंपेन किया था, लेकिन रिजल्ट से उन्हें झटका लगा।’
‘कर्नाटक के लोगों ने इन मुद्दों और इस तरह की बातें करने वाले नेताओं को रिजेक्ट कर दिया। BJP ने भी इन मुद्दों से किनारा किया है। आप देखिए पार्टी ने ईश्वरप्पा, प्रताप सिम्हा, अनंत कुमार हेगड़े सभी को साइड कर दिया है। ये भी साफ है कि माइनॉरिटी वोट BJP को नहीं मिलने वाले हैं।’

ऑटो ड्राइवर चांद पाशा भी यही कहते हैं, ‘कर्नाटक में कांग्रेस जीत रही है। BJP हिंदू-मुसलमान के झगड़े में फंसाती है।’
लोकनीति के नेशनल कोऑर्डिनेटर संदीप शास्त्री भी इस बात से सहमत हैं। वे कहते हैं, ‘कर्नाटक में BJP ने अपनी स्ट्रैटजी बदली है। पार्टी उत्तर भारत वाले मुद्दे यहां इस्तेमाल नहीं कर रही है। BJP का नॉर्थ फॉर्मूला दक्षिण में नहीं चल रहा है। यहां मोदी की लीडरशिप और केंद्र के काम को ही कैंपेन में जोर-शोर से उठाया जा रहा है।’
‘इसके अलावा BJP राज्य की कांग्रेस सरकार पर अटैक कर रही है। राज्य सरकार की नाकामी पर उसका फोकस है। यहां कम्युनल पोलराइजेशन की कोशिश होती रही है, लेकिन विधानसभा चुनाव के रिजल्ट से साफ हो गया कि यहां ये सब नहीं चल रहा है।’
राम मंदिर, हिंदुत्व, CAA या आर्टिकल-370 की बात करें, तो ये BJP के लिए जितने इफेक्टिव होने थे, हो गए हैं। इसे ऐसे समझिए कि इन मुद्दों पर BJP को सपोर्ट करने वाले वोटर बीते चुनाव में 25 सीट जिता चुके हैं। वे तो BJP के साथ हैं ही। पार्टी को और अच्छा करना है, इसलिए वो लोकल मुद्दों पर फोकस बढ़ा रही है।’
कांग्रेस ने GST और NDRF फंड को मुद्दा बनाया, लोगों में भी नाराजगी
सीनियर जर्नलिस्ट बेलागारु समीउल्लाह बताते हैं कि तमिलनाडु और केरल की तरह केंद्र की तरफ से फंड्स और रिलीफ न मिलना कर्नाटक में भी मुद्दा है। वे कहते हैं, ‘केंद्र से हक नहीं मिलना चुनाव में काफी बड़ा मुद्दा बन गया है। कर्नाटक GST और दूसरे टैक्स के जरिए केंद्र को पैसा भेजने वालों में दूसरे नंबर पर है, लेकिन केंद्र से फंड मिलने के मामले में राज्य 10वें नंबर पर है।’
‘कर्नाटक केंद्र को अगर 1 रुपया भेज रहा है तो उसे पलटकर सिर्फ 13 पैसे मिल रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर CM सिद्धारमैया ने विधानसभा के बाहर धरना भी दिया था और राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गई।’

समीउल्लाह कहते हैं, ‘एक बड़ा मुद्दा ये भी है कि केंद्र ने कर्नाटक को NDRF डिजास्टर रिलीफ फंड भी नहीं दिया। लगभग पूरा कर्नाटक सूखे की स्थिति में है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण और PM मोदी यहां कई बार आ चुके हैं। वे राज्य सरकार को निशाना बना रहे हैं, लेकिन रिलीफ फंड नहीं दे रहे। इस बात से लोग काफी नाराज हैं।’
हालांकि, पॉलिटिकल एनालिस्ट एसए हेमंत की इस मुद्दे पर अलग राय है। वे कहते हैं, ‘ये मुद्दा मीनिंगलेस है। अगर बेंगलुरु के लोग बोलते हैं कि हम ज्यादा टैक्स देते है तो हमारा टैक्स हमें देना चाहिए। उत्तर कर्नाटक को नहीं देना चाहिए, गुलबर्गा को नहीं देना चाहिए, धारवाड़ को नहीं देना चाहिए, तब क्या होगा। डेवलपमेंट कैसे होगा।’

‘मुझे लगता है कि कर्नाटक के आर्थिक विषयों पर स्टेट BJP ठीक ढंग से बोल नहीं रही है। उन्हें डेटा के साथ बोलना चाहिए कि केंद्र ने इतना पैसा दिया है। वे सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को काउंटर नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए नैरेटिव बन रहा है।’
कर्नाटक में पानी की कमी बड़ा मुद्दा, कांग्रेस-BJP दोनों पर सवाल
सीनियर जर्नलिस्ट बेलागारु समीउल्लाह पानी की कमी को कर्नाटक में चुनाव का बड़ा मुद्दा मानते हैं। वे कहते हैं, ‘पानी के मुद्दे पर लोग कांग्रेस सरकार से भी नाराज हैं। बारिश नहीं हो रही है और बेंगलुरु जैसे शहरों में पीने का पानी नहीं है। लोगों को लगता है कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर सीरियस नहीं है।’

‘इस मुद्दे पर कांग्रेस ने BJP को ही घेर लिया है। गोवा से महादयी प्रोजेक्ट के तहत नॉर्थ कर्नाटक को पानी मिलना था। पिछले साल विधानसभा चुनाव में BJP ने झूठ बोल दिया कि केंद्र ने क्लियरेंस दे दिया है। ये प्रोजेक्ट 5 साल से लटका है और केंद्र सरकार क्लियरेंस नहीं दे रही है।’

संदीप शास्त्री कहते हैं कि BJP ने पानी के मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस सरकार पर सारे खजाने को फ्रीबीज में लुटाने का आरोप लगाया है। BJP चुनाव में मुद्दा उठा रही है कि कांग्रेस ने राज्य का खजाना खाली कर दिया है और उसके पास सरकार चलाने के पैसे नहीं हैं।’
बेंगलुरु की एक नामी कंपनी में इंजीनियर अक्षित भी यही मानते हैं। वे कहते हैं, ‘कांग्रेस फ्रीबीज की पॉलिटिक्स कर रही है। इस तरह की स्कीम भविष्य में देश और कर्नाटक को नुकसान पहुंचाएंगी।’
अब जानिए पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रही हैं
BJP: राम मंदिर से आम जनता में खुशी, कांग्रेस हार से पागल हो गई है
कर्नाटक BJP के अध्यक्ष और पूर्व CM बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र कहते हैं, ‘कर्नाटक में राम मंदिर का बड़े लेवल पर इम्पैक्ट होगा। CAA यहां मुद्दा नहीं है।’
GST रिटर्न के सवाल पर विजयेंद्र कहते हैं, ‘ये कांग्रेस सरकार का पागलपन है। पिछले 9 महीने में ही उनकी पॉपुलैरिटी खत्म हो गई है क्योंकि वे कोई डेवलपमेंट नहीं कर पाए। जो वादे करके सरकार में आए थे, उन्हें पूरा नहीं कर पा रहे हैं।’

कांग्रेस की गारंटी के असर पर विजयेंद्र कहते हैं, ‘इन सभी बातों का फायदा वो विधानसभा चुनाव में ले चुके हैं। ये लोकसभा चुनाव है। लोग चाहते हैं कि मोदी जी ही लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनें।’
BJP प्रवक्ता मोहन विश्वा कहते हैं, ‘विधानसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस ने कहा था कि सरकार में आने के बाद हम 24 घंटे में पांचों गारंटी लागू करेंगे। इनमें से कोई तीन महीने, कोई छह महीने में लागू हुई।’

मोहन विश्वा आगे कहते हैं, ‘कांग्रेस ने युवा निधि का वादा किया है। पिछले 5 साल में 5.2 लाख ग्रेजुएट्स हो चुके हैं। इसमें सिर्फ 80 हजार ने निधि के लिए आवेदन किया था। इसमें भी राज्य सरकार सिर्फ 3500 स्टूडेंट्स को पैसे दे पाई। इससे पता चलता है कि सरकार की स्कीम्स कितनी इफेक्टिव हैं।’
वहीं, BJP के कर्नाटक से राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया कहते हैं, ‘कर्नाटक में राम मंदिर तो बड़ा मुद्दा है ही, साथ ही सिद्धारमैया और स्टालिन के बेटों ने सनातन धर्म का जो अपमान किया है, वो भी मुद्दा है। BJP की लड़ाई परिवारवाद और करप्शन के खिलाफ है, इस लड़ाई में जनता भी हमारे साथ आ रही है।’
कांग्रेस: राम मंदिर का कोई असर नहीं, कांग्रेस की गारंटी से लोग खुश
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चीफ स्पोक्सपर्सन और पूर्व एमएलसी रमेश बाबू कहते हैं कि कर्नाटक में महंगाई, बेरोजगारी के साथ ही सर्वाइवल की लड़ाई है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल से लेकर दालों तक के दाम बहुत बढ़ा दिए हैं।
हम गृहलक्ष्मी स्कीम के तहत प्रदेश की 1.17 करोड़ महिलाओं को दो हजार रुपए महीना दे रहे हैं। इसलिए महिलाएं कांग्रेस को वोट देंगी। राम मंदिर का कर्नाटक में कोई असर नहीं है, क्योंकि ये BJP का अपना मुद्दा है।’

JD(S): लोन लेकर लोगों को पैसे बांट रही कांग्रेस
JD(S) स्पोक्सपर्सन प्रदीप कुमार कहते हैं, ‘कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार महिलाओं को दो हजार रुपए महीना दे रही है, लेकिन ये सब लोन लेकर कर रही है। कर्ज से फ्री स्कीम चला रहे हैं। ऐसे में कर्नाटक पर इसका नेगेटिव असर होगा।’

‘केंद्र सरकार की आयुष्मान जैसी योजनाएं हैं, जिनका लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। किसानों के खाते में सीधे पैसा जा रहा है। सालों पुराने राम मंदिर के विवाद को BJP ने खत्म कर दिया। CAA का यहां नेगेटिव नहीं, पॉजिटिव असर होगा।’
