एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के शिक्षक मंत्री से मिले

प्रदेश के 63 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में कार्यरत प्राचार्य और शिक्षकों ने जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। शिक्षकों ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन लिखित परीक्षा लेकर इन स्कूलों में पदस्थ किया गया था, वर्तमान में आदिवासी छात्र समिति भारत सरकार ने इन्हीं पदों पर अन्य शिक्षकों को पदस्थ कर दिया है, जिससे नौकरी खतरे में पड़ गई है। शिक्षक कमल सिंह मर्सकोले ने बताया कि मंत्री ने काउंसिलिंग के माध्यम से जल्द ही पदस्थापना करने का भरोसा दिलाया है।
शिक्षकों ने बताया कि पहले विभाग के उच्च अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि आपको इन्हीं स्कूलों में मर्ज कर दिया जाए, पर अब हमें यहां से हटाया जा रहा है। ऐसा विभाग की लापरवाही के कारण हो रहा है। दरअसल, विभाग ने प्राचार्य और शिक्षकों की नियुक्ति की जानकारी भारत सरकार की आदिवासी छात्र समिति का समय से नहीं भेजी, इसलिए पहले से भरे पदों पर भारत सरकार ने नई नियुक्ति कर दीं। शिक्षक हीरानंद नरवरिया का कहना है कि हम सभी की काउंसिलिंग के माध्यम से सामान्य स्कूलों में पदस्थ कर दिया जाए।
बैतूल से भोपाल आए शिक्षक राजू मालवीय ने बताया कि एकलव्य विद्यालयों के नियमित शिक्षक तीन माह से अधिकारियों से मिल रहे हैं लेकिन हमारी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकाल रहे हैं। शाहपुर से आई शिक्षिका स्मिता जैन ने बताया कि हाल ही में आए नए शिक्षक हमसे सम्मानजनक व्यवहार नहीं कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में सारिका शर्मा, दशरथ धुर्वे, नरेंद्र जावलकर, गीतिका वर्मा, कमलेश जोशी, भेरूलाल गोले, प्रदीप सोलंकी, बुद्धेश्वर सोनी, महेंद्र पटेल, प्रतिमा प्रसाद, कमलेश ताड़ आदि शामिल हैं।
