2015 बेच के आईएएस को शीघ्र थमाई जा सकती जिलों की कमान ( श्याम चोरसिया)

बीजेपी संगठन से मिले फील्ड बेक के बाद कुछ जिलों के कलेक्टर, एसपी को बदल कर 2015 बेच के आईएसएस अधिकारियों को तैनात किया जा सकता है। बड़ी सर्जरी की सुगबुगाहट और अटकलों का बाजार मप्र मंत्रालय वल्लभ भवन में गर्म है।
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के करीबन 3 संभागों के कमिश्नर, कुछ जिला कलेक्टर और एसपी की नई पदस्थापनाएं हो सकती हैं।कलेक्टरी का इंतजार कर रहे 2015 बैच के 6 से ज्यादा आईएएस अधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।2015 बैच की संस्कृति जैन पहले ही कलेक्टर बन चुकी हैं। जबकि बाकी अधिकारियों का नंबर आना बाकी है। इस लिहाज से 2015 के आधा दर्जन आईएएस अधिकारी कतार में है।जिनमे प्रमुख पार्थ जैसवाल, अदिति गर्ग, रोशन सिंह, मृणाल मीना, हर्ष सिंह, हर्शल पंचोली, हिमांशु चंद्र और ऋतुराज सिंह के है। इसी 2015 बैच की आईएएस अधिकारी संस्कृति जैन पहले ही कलेक्टर बन चुकी हैं।2015 बैच के अर्पित वर्मा, बालगुरू के, गूंचा सनोबार, राखी सहाय को अभी कलेक्टरी के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। सूत्रों की माने तो कटनी, सतना, रीवा, मंडला, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, सागर, आगर मालवा, देवास, अलीराजपुर, खंडवा, खरगौन, नर्मदापुरम, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, दतिया, अशोक नगर, शिवपुरी, भिंड और मुरैना कलेक्टरों को बदला जा सकता है।
कुछ कलेक्टर, कमिश्नर के अलावा मंत्रालय और सतपुड़ा-विंध्यांचल भवन में लंबे समय से पदस्थ अधिकारियों के प्रभार को भी बदला जा सकता है।कई अधिकारी एक ही स्थान पर करीबन तीन सालों से जमे हुए हैं।
पुलिस विभाग में भी बदलाव की बयार चर्चा में है।सरगर्मी तेज है। पुलिस मुख्यालय और ईओडब्ल्यू, लोकायुक्त संस्थानों में पुलिस अधीक्षकों को बदलना तय माना जा रहा है। प्रदेश की इन दोनों जांच एजेंसियों में कई एसपी स्तर के अधिकारी एक स्थान पर टिके रहने की निर्धारित समय सीमा को पार चुके हैं।सूत्रों की माने तो तबादलों की सूची अंतिम चरण में है। सूची जल्द ही जारी होने के आसार लगते है।
सनद रहे अर्से से बीजेपी के कुछ मन्त्री ही नही बल्कि अनेक विधायक, जिला पंचायत, जनपद पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी कुछ कलेक्टर,एसपी के रवैये से नाखुश है। ये निजाम में सुनवाई न होने से दुखी है। यही पीड़ा आम भाजपाइयों की भी है।उनका आरोप है कि थाने कचहरी में उनकी सुनवाई न होने के संदेश ठीक नही जा रहे है। इन शिकायतों को सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने गंभीरता से लिया है।
