धर्मांतरण-रेप केस की आरोपी बहनों का ईरानी डेरा कनेक्शन
भोपाल की बागसेवनिया पुलिस की गिरफ्त में आई धर्मांतरण और रेप केस की आरोपी बहनें अमरीन और आफरीन फिलहाल जेल में हैं। वहीं पुलिस की जांच में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
20 साल पहले दोनों बहनें परिवार के साथ लखनऊ से भोपाल आई थीं। परिवार वहीं के एक ईरानी कबीले से ताल्लुक रखता है। भोपाल आने के बाद पिता ने एक टेलर की दुकान में कारीगरी की। इससे परिवार का गुजारा बमुश्किल होता था। पुलिस जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि दोनों का ईरानी डेरे से संबंध है। पुलिस इसके साक्ष्य जुटा रही है।
2020 में कोरोना काल में पिता की मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने जॉब करने की ठानी। पहले अमरीन ने नर्मदापुरम के एक स्पा सेंटर में काम किया। उसी ने अपनी छोटी बहन आफरीन को भी एक स्पा में नौकरी दिलाई। यहां से दोनों बहनें कई हाई प्रोफाइल लोगों के संपर्क में आईं। स्वयं देह व्यापार से जुड़ीं। बाद में दूसरी लड़कियों को भी इस दलदल में धकेल दिया।

आरोपी बहनें 5-7 लड़कियों को देह व्यापार में धकेल चुकी हैं
एफआईआर दर्ज कराने वाली दोनों पीड़िताओं का दावा है कि आरोपी बहनें करीब पांच-सात लड़कियों को देह व्यापार में धकेल चुकी हैं। इस धंधे में लाने के लिए ये बहनें एक ही तरीका अपनाती थीं।
पहले उन्हें बच्चा संभालने के नाम पर घर में नौकरी पर रखतीं। फिर साथ घुमाती-खिलातीं। हाई प्रोफाइल पार्टियों में ले जातीं। मौका पाकर चंदन, बिलाल, चानू उर्फ हाशिम रजा उनके साथ रेप करते थे।
शिकायत करने पर बदनामी का डर दिखाती थीं। बाद में काम के बहाने उन्हें अहमदाबाद में रहने वाले यासिर के पास भेजती थीं। यासिर उन्हें अहमदाबाद में स्पा सेंटर में जॉब दिलाने के बहाने देह व्यापार के लिए मजबूर करता था। पूरे रैकेट का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अमरीन-आफरीन और चंदन यादव उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार किया। तीनों को जेल भेज दिया गया है।
अमरीन और चंदन के मोबाइल फोन तो जब्त कर लिए गए, लेकिन आफरीन का फोन जब्त नहीं हुआ। वह फोन के संबंध में पुलिस को लगातार गुमराह करती रही। आखिरकार, पुलिस ने रिमांड खत्म होते ही 26 फरवरी को उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस की दो टीमें फरार आरोपी यासिर, बिलाल और चानू की तलाश में जुटी हैं।

दो बहनों की हो चुकी शादी, एक भाई मानसिक बीमार
अमरीन और आफरीन सहित उनकी कुल चार बहनें और दो भाई हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी, जबकि दो भाइयों में से एक मानसिक रोगी है। बिलाल उनका मौसेरा भाई है, जो उनके काले कामों में बराबरी का गुनहगार है। वह मूल रूप से मुंबई का रहने वाला है, जो भोपाल में दोनों बहनों के साथ अब्बास नगर वाले घर में रहने लगा था। फिलहाल, पुलिस को बिलाल के मुंबई में होने की जानकारी मिली है।
बता दें कि एफआईआर दर्ज कराने वाली दोनों पीड़िताएं अमरीन और आफरीन के गिरोह पर एमडी ड्रग तस्करी में शामिल होने के आरोप भी लगा चुकी हैं।
इनकी शिकायत के बाद हुआ पूरे रैकेट का खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ, जब 22 फरवरी की रात भोपाल और छत्तीसगढ़ की रहने वाली दो युवतियां बागसेवनिया थाने पहुंची। दोनों ने अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई। 21 और 32 साल की दोनों लड़कियों की आपसी पहचान इंस्टाग्राम चैट के जरिए हुई थी।
पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया। 23 फरवरी को अमरीन, आफरीन और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। तीन अन्य आरोपी बिलाल, चानू और यासिर फरार हैं।

शराब और ड्रग्स लेने के लिए दबाव डालती थीं
पीड़िताओं ने एफआईआर में बताया है कि चंदन यादव सागर रॉयल विला में अमरीन-आफरीन के साथ रहता था। वह दोनों बहनों के संपर्क में आने के बाद इस्लाम अपना चुका है। अमरीन और आफरीन दोनों पीड़िताओं को गुजरात और मुंबई ले गई थीं। वहां भी उन्होंने अनजान लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। वे शराब पीने और एमडी ड्रग्स लेने के लिए भी दबाव डालती थीं।

अमरीन के मोबाइल में कई संदिग्ध वॉट्सएप ग्रुप मिले
पुलिस ने अमरीन, आफरीन और चंदन के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। अमरीन के मोबाइल में कई संदिग्ध वॉट्सएप ग्रुप मिले हैं। उसमें कई युवतियों के फोटो भी हैं।
पुलिस को अमरीन और आफरीन के देह व्यापार गिरोह से जुड़े होने के भी सबूत मिले हैं। उनके गिरोह में चंदन यादव के अलावा बिलाल और यासिर भी काम करते थे। दोनों पीड़िताओं से तीनों युवक कई बार रेप कर चुके।
पीड़िताओं ने पुलिस को बताया कि दोनों बहनें घर में रहने के दौरान उन्हें सदस्य की तरह मानती थीं। कभी भेदभाव महसूस नहीं कराती थीं। इसी के साथ वह लगातार इस्लाम की पांच अच्छाइयां बताकर कन्वर्ट होने और उसके बाद अच्छी जगह शादी कराने का झांसा देती थीं।
