लघुकथा “कूटनीति” जो नारी शिक्षा पर आधारित

साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश द्वारा हिंदी भवन में लघुकथा महोत्सव -2026 का आयोजन सम्पन्न
मैने पढ़ी लघुकथा “कूटनीति” जो नारी शिक्षा पर आधारित है।
भोपाल | ‘लघुकथा कथा परिवार की आकार में छोटी लेकिन प्रभाव में बड़ी सदस्य है, लघुकथा की लोकप्रियता लेखकों पाठकों और आलोचकों के बीच उसके लघु आकार के कारण ही नहीं बल्कि उसके तीव्र प्रहार और प्रभाव के कारण हुई है | ‘
यह उदगार हैं डॉ. विकास दवे निदेशक साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद भोपाल के जो हिंदी भवन के महादेवी वर्मा कक्ष में साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित लघुकथा महोत्सव -2026 में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे |
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में श्रीमती कांता रॉय निदेशक लघुकथा शोध केंद्र भोपाल ने इस अवसर पर कहा आज मध्यप्रदेश में लघुकथा के लिये ऐतिहासिक दिन है नये लघुकथा लेखक अच्छा लेखन कर रहे हैं लेखन के लिये पढना बहुत ज़रूरी है |
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राम वल्लभ आचार्य एवं कुमार सुरेश ने भी अपने विचार रखते हुए लघुकथा विधा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी उपस्थित जनों को बधाई दी |
कार्यक्रम का सफल संचालन लघुकथा शोध केंद्र के सचिव घनश्याम मैथिल ‘अमृत ‘ ने किया | इस अवसर पर डॉ. संजय सक्सेना, गोविन्द पॉल, सरोज दवे, विनोद जैन, चरणजीत सिंह कुकरेजा, डॉ. मालती बसंत, डॉ. गिरजेश सक्सेना, गोकुल सोनी, सुधा दुबे, राजकुमार बरुआ,सुनीता प्रकाश, मेघा मैथिल, मुज़फ्फर इक़बाल सिद्दीकी नीना सिंह सोलंकी, नीतिराज चौरे, जया केतकी, मनोज जैन मधुर, कपिल शास्त्री, सुरेश पटवा, संत कुमार मालवीय, डॉ. शबनम सुल्ताना, डॉ.प्रियंका श्रीवास्तव,डॉ. क्षमा पाण्डेय सहित नगर के लगभग पचास लघुकथाकारों ने विविध विषयों पर केंद्रित अपनी -अपनी उत्कृष्ट लघुकथाओं का वाचन किया, कार्यक्रम के अंत में कांता रॉय ने उपस्थित जनों का आभार प्रकट किया |
