प्रधानमंत्री जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में ऐतिहासिक प्रावधान किए

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*भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने केंद्रीय बजट 2026-27 के प्रचार अभियान के तहत महिला संवाद कार्यक्रम को किया संबोधित*

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*-मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने भविष्य के लिए नई दिशा देने वाला बजट प्रस्तुत किया*

*-प्रधानमंत्री जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में ऐतिहासिक प्रावधान किए*

*-अब देश में टैक्स बचाने की नहीं, बल्कि देने की मानसिकता विकसित हो रही है*

*-भारत की इकोनॉमी आने वाले समय में दुनिया में सबसे बेहतर होगी*

भोपाल, 06/02/2026। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने शुक्रवार को एलएनसीटी ऑडिटोरियम में केंद्रीय बजट 2026-27 के प्रचार अभियान के तहत आयोजित महिला संवाद को संबोधित किया। श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जो बजट पेश किया है, वह न केवल आने वाले भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, बल्कि यह नई दिशा में देश को अग्रसर करेगा। प्रधानमंत्री मोदी जी ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है और इस बजट में ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं, जिनसे महिलाएं आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त होंगी। 2014 के बाद देश में टैक्स देने की मानसिकता का एक बड़ा बदलाव आया है और आज लोग टैक्स बचाने के बजाय इसे ईमानदारी से चुकता करना चाहते हैं, यह मोदी सरकार का एक महत्वपूर्ण योगदान है। भारत की इकोनॉमी आने वाले समय में दुनिया में सबसे मजबूत और सबसे बेहतर होगी। यह बजट उस संकल्प को दर्शाता है, जिसमें न केवल महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित किया गया है, बल्कि समग्र रूप से देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए कई दूरगामी कदम उठाए गए हैं। कार्यक्रम को प्रदेश शासन की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी परांजपे और पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री रविंद्र यति ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन पैनलिस्ट श्रीमती गुंजन चौकसे और महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना जांचक ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्रीमती प्रज्ञा त्रिपाठी मंचासीन रहीं।

*टैक्स कलेक्शन से नहीं निकलती थी सैलरी, मोदी सरकार ने की टैक्स नीति में बदलाव*

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 2014 में देश की कमान संभाली, तब भारत 11वें नंबर की इकोनॉमी था। बेरोजगारी और इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में देश काफी पिछड़ा हुआ था। उस समय देश का टैक्स कलेक्शन इस स्थिति में था कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का खर्च भी पूरी तरह से नहीं निकल पाता था। 1980-1990 के दशक में इनकम टैक्स का स्लैब 60 प्रतिशत तक था, और इसके ऊपर 12 प्रतिशत सरचार्ज भी लगता था। इसके अतिरिक्त, कंपल्सरी डिपॉजिट स्कीम के तहत 4 प्रतिशत और पीपीएफ में 15 प्रतिशत राशि डालनी पड़ती थी। सरकारों का यह मानना था कि जितना अधिक टैक्स का स्लैब होगा, उतनी ज्यादा आमदनी होगी, लेकिन यह सोच गलत थी। सही दृष्टिकोण यह होना चाहिए था कि हम जितना कम टैक्स स्लैब बनाएंगे और जितनी अधिक सुविधाएं देंगे, उतना ही देश का विकास होगा। मोदी सरकार ने टैक्स स्लैब में सुधार किया, पेनल्टी और सजा को कम किया, जिससे टैक्सपेयर को सुविधा मिली और देश का राजस्व कलेक्शन भी बढ़ा। अब देशभर में टैक्स चुकाने का माहौल बन चुका है, और लोग टैक्स बचाने के बजाय ईमानदारी से टैक्स देने के लिए तत्पर हैं। अगर आजादी के बाद यह बदलाव समय रहते होता, तो हम आज अमेरिका और चीन से बहुत आगे होते। अब हम 4 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी तक पहुंच गए हैं, जबकि अमेरिका और चीन 18 से 20 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी पर पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने धीरे-धीरे सभी क्षेत्रों में सुधार किए, जिसके कारण देश को भारी कर्ज़ से मुक्ति मिल रही है। आने वाले वर्षों में भारत की इकोनॉमी दुनिया में सबसे मजबूत और प्रभावी होगी, और इसका श्रेय मोदी सरकार की दूरदर्शिता और सुधारवादी नीतियों को जाता है।

*अमेरिका और जापान में उनकी जीडीपी से अधिक कर्ज*

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि अभी सरकार का कुल खर्च और दखल जीडीपी लगभग 56 प्रतिशत के आसपास है, इसे घटाकर 50 प्रतिशत के करीब लाने का सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका, जापान और अन्य विकसित देशों की इकोनॉमी में उनका कर्ज़ उनकी जीडीपी से कहीं अधिक है, लेकिन भारत इस कर्ज़ को नियंत्रित करने में सक्षम है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत अब ऐसी दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां आने वाले समय में भारत की इकोनॉमी दुनिया में सबसे मजबूत होगी। पहले बजट में हम सिर्फ यही चिंता करते थे कि साबुन महंगा हो गया या कपड़े सस्ते हो गए, लेकिन अब नया बजट दुनिया के नक्शे कदम पर आधारित है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि भारत दुनिया के देशों से कैसे मुकाबला करेगा। अमेरिका ने जब सभी देशों पर टैरिफ लगाया, तो चीन ने रेयर अर्थ की सप्लाई बंद कर दी और पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया। लेकिन भारत सरकार ने इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए पहली बार रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। भारत हर क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन पर जोर देगा, ताकि चीन और अन्य देशों पर निर्भरता कम हो सके और भारतीय निर्यात में वृद्धि हो। सेमीकंडक्टर, जो इलेक्ट्रॉनिक वाहनों और कई अन्य उत्पादों में काम आता है, पहले चीन, अमेरिका या ताइवान जैसे देशों में बनता था, लेकिन अब सरकार ने इस उद्योग के लिए 40 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। उन्होंने कहा कि देश में 7 नए रेलवे कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं, जिनसे भारतीय उत्पादों की लागत में कमी आएगी। आने वाले समय में, अगर किसी उत्पाद की कीमत दुनिया में सबसे कम होगी, तो वह केवल भारत में ही होगी। क्योंकि हमारे उत्पाद अब मालगाड़ी के जरिए पहुंचेंगे, जिससे लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चीन में उत्पादन की लागत सबसे कम है, क्योंकि वहां ट्रांसपोर्टेशन की लागत कम होती है। लेकिन भारत इस स्थिति को बदलने के लिए पूरी तरह से तैयार है और इसके लिए मोदी सरकार ने जो योजनाएं बनाई हैं, वे भारत को विश्व बाजार में सबसे प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।

*बौद्ध सर्किट से बढ़ेगा भारत में पर्यटन*

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भारत के पर्यटन क्षेत्र में बौद्ध सर्किट के निर्माण से बड़ा बदलाव आने वाला है, जो न केवल आंतरिक बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। भारत का रक्षा बजट इस साल 15 प्रतिशत बढ़ा है। यह हमारी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक अहम कदम है। दुनिया के कई देश पर्यटन के कारण आर्थिक रूप से प्रगति कर चुके हैं और अब भारत इस दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ा रहा है। जापान, बर्मा और अन्य बौद्ध देशों के लोग भारत आना चाहते थे, लेकिन बौद्ध सर्किट के अभाव में उन्हें सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं। अब सरकार ने बौद्ध सर्किट बनाने का निर्णय लिया है, जिससे इन देशों से पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। इस पहल से भारत को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन में नया मुकाम मिलेगा। अगर पहले की सरकारों ने इस दिशा में ध्यान दिया होता तो आज हमारा देश आर्थिक और पर्यटन के मामले में कहीं आगे होता। आने वाले वर्षों में भारत दुनिया में सबसे आगे होगा। भारत में स्वास्थ्य सेवाएं न केवल उत्कृष्ट हैं, बल्कि सस्ती भी हैं। सरकार अब हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही है। इससे भारत मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेगा और अधिक पर्यटक इलाज के लिए भारत आएंगे। सरकार ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। बजट में महिला हॉस्टल, कौशल विकास कार्यक्रम और स्व- सहायता समूहों के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए गए हैं। इन योजनाओं से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। विद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल मिशन के माध्यम से भारतीय खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल को साबित करने का अवसर मिलेगा, इससे भारत में खेलों को एक नया मुकाम मिलेगा और हमारी युवा पीढ़ी को इससे लाभ होगा।

 

(आशीष उषा अग्रवाल)

प्रदेश मीडिया प्रभारी

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