उज्जैन लोकसभा क्षेत्र की मतगणना के दौरान विशेष केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किये जायें: जीतू पटवारी
भोपाल, 29 मई 2024
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जितेन्द्र (जीतू) पटवारी ने भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर लोकसभा संसदीय क्षेत्र उज्जैन (मध्यप्रदेश) में मतगणना दिवस 4 जून को विशेष केन्द्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त करने की मांग की है। श्री पटवारी ने अपने पत्र में लिखा है कि लोकसभा चुनाव के परिप्रेक्ष्य में पूरे देश सहित प्रदेश में ही आदर्श आचार संहिता प्रभावशील है। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव का मतदान चार चरणों में सम्पन्न हुआ है तथा चुनाव के परिणाम की मतगणना दिनांक 4 जून, 2024 को होना नियत है। उज्जैन संसदीय क्षेत्र से श्री महेश परमार (विधायक) कांग्रेस प्रत्याशी है, चूंकि उज्जैन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह नगर होने के कारण उनके लिए एनकेन प्रकारेण भाजपा के पक्ष में परिणाम लाने के प्रयास किये जाना संभावित है, क्योंकि यह उनकी प्रतिष्ठा का प्रश्न है।
श्री पटवारी ने कहा कि चूंकि लोकसभा संसदीय क्षेत्र उज्जैन में चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दबाव में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में खुलकर कार्य किया है, कार्यकर्ताओं का समर्थन किया है एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान एवं हतोत्साहित किया गया है। मतगणना दिवस 4 जून 2024 को मतगणना कार्य में शासकीय अधिकारी,कर्मचारी जो उपस्थित रहेंगे उनमें से अधिकतर भाजपा से जुड़े नेताओं के समर्थक होने के कारण एवं मुख्यमंत्री का दबाव एवं प्रभाव होने के कारण मतगणना निष्पक्ष रूप से होना संभावित नहीं है तथा मतगणना के दौरान इवीएम मशीनों एवं डाक मतपत्रों की गिनती में निश्चित रूप से शासकीय कर्मचारियों द्वारा किसी न किसी तरह से भाजपा प्रत्याशी को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाना संभव है ऐसी स्थिति में निष्पक्ष मतगणना होना सम्भव प्रतीत नहीं होता है।
श्री पटवारी ने कहा कि लोकसभा संसदीय क्षेत्र उज्जैन में जो कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह नगर होने एवं उनकी प्रतिष्ठा का प्रश्न होने की दशा में प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर मतगणना में हेरफेर कराने की पूरी संभावना निर्मित होना प्रतीत होता है, अतः 4 जून 2024 को होने वाली मतगणना दिवस पर लोकसभा संसदीय क्षेत्र उज्जैन में विशेष केन्द्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया जावे जिससे कि लोकसभा चुनाव के परिणाम की घोषणा निष्पक्ष रूप से घोषित हो सके जो कि न्यायोचित होगा।
