फ्लाईओवर और मेट्रो पिलर के नीचे रोड पर ही पार्किंग; लगता है जाम, दुर्घटनाओं का भी खतरा

ट्रैफिक पुलिस सिर्फ चिह्नित स्थानों पर ही करती है कार्रवाई
शहर में अब तक फुटपाथ पर ही अतिक्रमणकारियों का कब्जा था, लेकिन अब सड़क पर भी अवैध पार्किंग होने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। मेट्रो और फ्लाइओवर के नीचे इस तरह की पार्किंग विकसित हो गई है। मैदा मिल रोड, एमपी नगर, डीबी सिटी रोड, प्रगति पेट्रोल पंप, मानसरोवर, कोहेफिजा और बैरागढ़ समेत कई इलाकों में इस तरह की अवैध पार्किंग से ट्रैफिक जाम के साथ एक्सीडेंट जोन भी बनने लगे हैं। इधर ट्रैफिक पुलिस इन अवैध पार्किंग के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं कर रही।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा हो रही अवैध पार्किंग
प्रगति पेट्रोल पंप से लेकर रानी कमलापति नर्मदा ट्रामा सेंटर तिराहा तक जीजी फ्लाईओवर के नीचे, सुभाष नगर अंडर ब्रिज से लेकर एसबीआई बैंक तक मेट्रो के पिलर के नीचे, कोहेफिजा थाने के पास फ्लाईओवर के दोनों ओर, बैरागढ़ में कोहेफिजा फ्लाईओवर के नीचे दोनों तरफ और बैरागढ़ में हटाए गए बीआरटीएस कॉरिडोर में अवैध पार्किंग परेशानी का कारण बनने लगी है।
एमपी नगर में सभी तरह के प्रयास और मल्टी लेबल पार्किंग बनाने के बाद भी लोग सड़क पर ही वाहन पार्क करते हैं। अब इसी तरह के हालात शहर के दूसरे इलाकों में बनने लगे हैं। ट्रैफिक पुलिस कुछ चिह्नित जगहों पर ही नो पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई करती है, जबकि सड़क पर खड़े वाहनों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है।
सिर्फ यहां पार्क कर सकते हैं वाहन
वाहन पार्किंग के लिए जगह चिह्नित होती है। यह फ्री और पेड होती हैं। इसके अलावा सड़क किनारे सफेद पट्टी और फुटपाथ के बीच भी वाहन पार्क कर सकते हैं। सर्विस रोड और मुख्य सड़क पर वाहन पार्क नहीं किए जा सकते हैं। शहर मे सिर्फ न्यू मार्केट ही ऐसी जगह है जहां सड़क पर स्मार्ट पार्किंग दी गई है।
स्टेट बैंक चौराहा : वाहन और ठेले ब्रिज के नीचे खड़े होते हैं
स्टेट बैंक चौराहे पर कोहेफिजा थाना के पास फ्लाईओवर के नीचे लोग अपने वाहन पार्क कर देते हैं। इससे ब्रिज का एक हिस्सा वाहन के कब्जे में आता है, जिससे पीक समय में जाम की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा यहां ब्रिज के नीचे ही टर्न पर ठेले खड़े रहते हैं। इससे अधिकतर समय जाम लगता है। वाहनों को हटाने की कार्रवाई भी की जा चुकी है लेकिन इस समस्या से स्थाई राहत कभी नहीं मिल सकी है।
लालघाटी फ्लाईओवर : दोनों किनारों पर वाहनों का कब्जा
लालघाटी फ्लाईओवर के नीचे कारों से लेकर पिकअप तक खड़े रहते हैं। साथ ही स्टॉप नहीं होने पर भी लाल बस उन वाहनों के सामने खड़ी होती हैं। एक तरफ की रोड को दोनों किनारों पर कब्जा होने से वहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए बिच में थोड़ी सी ही जगह बचती है। जिसके कारण अधिकतर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।
यहां कंडम वाहन बने परेशानी
रायसेन रोड पर गोविंदपुरा औद्योगिक गेट के पास, शाहजहांनाबाद चौराहे से नूरमहल रोड, भोपाल टॉकीज चौराहा से शाहजहांनाबाद चौराहा, लाल मस्जिद से सैफिया कॉलेज रोड, पुराना कबाड़खाना से बड़वाले महादेव रोड, सांई मंदिर रोड पर टीला थाने की ओर जाने वाला मार्ग, जेपीनगर से डीआईजी बंगला चौराहा, सपना लॉज अग्रवाल धर्मशाला से मिलन गार्डन के सामने, सेंट्रल लाइब्रेरी के पास इतवारा रोड, बरखेड़ी ऐशबाग फाटक के पास, सेम कॉलेज के सामने रायसेन रोड, मेहता मार्केट के सामने, गोविंदपुरा स्टॉप रायसेन रोड, गिन्नौरी मार्ग, कोहेफिजा से कर्बला की ओर जाने वाले मार्ग पर भी इस तरह के वाहनों की संख्या काफी है।
इस पर भी कार्रवाई करेंगे…
^हमने लंबे समय से सड़कों पर खड़े कंडम वाहनों को लेकर प्लानिंग की है। पुराने शहर में ऐसे वाहन मालिकों को नोटिस दिए हैं। नए शहर में भी फ्लाईओवर और मेट्रो के पिलर के नीचे बड़ी संख्या में वाहन पार्क होने लगे हैं। इससे ट्रैफिक जाम तो होता ही है, रात में एक्सीडेंट की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। इसको लेकर कार्रवाई करेंगे।
-संजय कुमार सिंह, डीसीपी ट्रैफिक
समाधान… वाहनों और ठेलों पर जुर्माना बढ़ाने के साथ राजसात करने की कार्रवाई भी हो…
अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम जिम्मेदार है। ऐसे में जहां पर ब्रिज के नीचे या सड़क किनारे ठेले खड़े हो रहे हैं, वहां नगर निगम को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इसके अलावा ब्रिज के नीचे खड़े होने वाले वाहनों के लिए नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस को मिलकर काम करना चाहिए। इसके लिए नगर निगम परिषद की बैठक में वाहनों और ठेलों को राजसात करने का अधिकार ले लेना चाहिए। जुर्माने की राशि को भी बढ़वाना चाहिए। आदतन अतिक्रमण करने वालों पर राजसात की कार्रवाई करनी चाहिए। –एसएस लल्ली, रिटायर्ड एएसपी ट्रैफिक
