प्रशंसनीय, प्रेरणादायक है ” डायरी का मुड़ा हुआ पन्ना “

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प्रशंसनीय, प्रेरणादायक है ” डायरी का मुड़ा हुआ पन्ना ”

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( अमिताभ पाण्डेय)

राजगढ। ” डायरी का मुड़ा हुआ पन्ना ” नामक पुस्तक में अपने आसपास समाए पात्रों के माध्यम से बहुत प्रेरणादायक संदेश दिए

गए हैं। प्रतिभावान युवा संजय सक्सेना द्वारा लिखी गई यह पुस्तक पाठकों को रुचिकर अंदाज में समाज के लिए बेहतर काम करने की प्रेरणा देती है।

उक्त आशय के विचार आज होटल राजबाग पैलेस में ” डायरी का मुड़ा हुआ पन्ना ” शीर्षक से लोकार्पित हुई पुस्तक पर चर्चा के दौरान अतिथियों ने व्यक्त किए।

इस अवसर पर पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतीश सक्सेना, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ मीनाक्षी सक्सेना, आगर जिले के कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, राजगढ़ जिले के कलेक्टर हर्ष दीक्षित, पूर्व विधायक रघुनंदन शर्मा, सामाजिक संस्था भारतीय टोपी संघ के संस्थापक सुरेन्द्र सिंह उमठ , पीयूष शर्मा, अरविंद शर्मा, पप्पू राणावत , आकाशवाणी भोपाल के समाचार संपादक संजीव शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार, साहित्यकार एवं समाजसेवी संजीव परसाई , अरोरा जी झाबुआ, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ रेखा पाण्डेय, रामबाबू, पवन स्वर्णकार , सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान पुस्तक की विविध दृष्टिकोण से साहित्यिक समीक्षा

वरिष्ठ साहित्यकार राधारमण त्रिपाठी, उमराव सिंह लाखनोत, कल्लू खा कुरैशी , ए के शर्मा, साजिद हाशमी, नाहिद खान , राहुल कुंभकार, सत्येन्द्र भारिल्य ने प्रस्तुत की।

कार्यक्रम का धाराप्रवाह संचालन युवा कवि शाहिद प्रहरी ने किया।

इस अवसर लोकेश जीजाजी , सुरेश दादा, चौपाल के संयोजक मनोज हाड़ा, युवा भाजपा नेता साकेत शर्मा, मार्तण्ड सिंह , गिरीराज शर्मा, दिलीप चौहान, मनोज सक्सेना, संजय विजयवर्गीय, मुकेश मामा विजयवर्गीय, जितेन्द्र श्रीवास्तव, कमल चौहान , राकेश चौधरी, अरुण पाण्डेय, राजेन्द्र शर्मा, बलराम खटनावलिया, वाहिद प्रहरी, सहित महिलाएं , बच्चे भी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है भारतीय टोपी संघ की टीम के उर्जावान सदस्य, प्रबंधन और पत्रकारिता में अपने नाम और काम से प्रभावी पहचान बनाने वाले साथी संजय सक्सेना की लिखी पुस्तक ” डायरी का मुड़ा हुआ पन्ना ” इन दिनों बहुत चर्चा में है।

अपने जन्मस्थान राजगढ़ से भोपाल सहित अनेक शहरों में घूमते – घुमाते , मिलते-

मिलाते संजय ने बीते बरसों में हुए तमाम अनुभव को एक किताब की शक्ल में ढाला है। उनकी यह पुस्तक ” डायरी का मुडा हुआ पन्ना” शीर्षक से अब पाठकों तक पहुंच रही है।

इस पुस्तक को अमेज़न स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसे आनलाइन आर्डर बुक करके भी मंगवा सकते· हैं।

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