मुरारीलाल से राम कथा

आप में से कोई भी गुजरात जाएं और भावनगर जिले में स्थित महुआ में मुरारी लाल के आलीशान आश्रम में जाइए और वहां पूछताछ करिए कि मुझे फलाने जगह पर एक कथा करवानी है
उसके बाद आपको क्या जानकारी मिलती है वह आप खुद देखिए
जब आप जाएंगे तब आपके ऊपर तमाम शर्ते बताई जाएंगी जैसे पांडाल भी उनके ही किसी फर्म का होगा कैटरिंग भी उनके ही किसी फर्म का होगा शामियाना कनात टेंट तंबू सब वह जहां से बताएंगे वही से करना होगा कथा स्थल पर एयर कंडीशन युक्त एक कुटिया जैसी बनवानी पड़ेगी जो बाहर से तो कुटिया दिखे लेकिन अंदर से उसमें ऐसो आराम के सारी चीजें लगी हुई हो…
बिजनेस क्लास में आने जाने का भाड़ा …उनके तमाम संजीदो, करिंदों आर्केस्ट्रा बाजा पेटी वालों तबलचियो आदि को प्लेन में आने जाने का भाड़ा और कथा कराने की फीस सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी
एक मामूली आदमी की औकात नहीं होगी कि वह मुरारीलाल से राम कथा करवा सके
बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां कथा करवाती हैं बकायदा कई तरह से कमाई होती है जैसे किसी चैनल पर टेलीकास्ट करके कमाई कथा स्थल पर लगे तमाम एडवर्टाइज से कमाई कथा स्थल पर कई लोगों को स्टॉल देकर कमाई और लोग कहते हैं कि सारे वारे न्यारे करने के बाद कंपनियों को ४० से ₹ ५० लाख का मुनाफा होता है
और राम कथा के नाम पर आपको क्या परोसा जाएगा ?? अली मोला अली मोला या या अल्लाह या अल्लाह या सस्ती फुहड़ शायरी या फिल्मी गाने या फिर या हुसैन या हुसैन या फिर मोहम्मद की करुणा
इससे अच्छा किसी साधारण पंडित जी को पकड़ो उनसे कथा सुनो उन्हें १०००,२०००,३०००,४००० जितनी क्षमता हो दक्षिणा दो और उन्हें विदा करो या फिर खुद ही रामचरितमानस और भागवत गीता खरीदो और उसे पढ़ो
इन लोगों ने धर्म को व्यापार बना लिया है लेकिन उस पर मुझे कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि पैसा कमाना हमारा संविधान सबको हक देता है लेकिन व्यास पीठ पर बैठकर अली मोला अली मोला अली मोला का जाप करने वाले या या हुसैन या हुसैन करने वाले या या अल्लाह या अल्लाह करने वालो को शर्म आनी चाहिए कि तुम हिंदुओं को धिम्मी बना रहे हो हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में ढकेल रहे हो…
ज्ञानवापी प्रकरण में इन्हें साँप सूंघ जाता है, इन्हें समझ नहीं आ रहा कि फव्वारा कहें या शिवलिंग..
