हज़ार, बारह सौ, पंद्रह सौ नहीं, यह विश्वास, भरोसे और संजीदगी की निभाई…!

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😇चकरघिन्नी. कॉम😇
✍️खान आशु

हज़ार, बारह सौ, पंद्रह सौ नहीं, यह विश्वास, भरोसे और संजीदगी की निभाई…!
बात हज़ार रुपए की नहीं… न ही रक्षा बंधन पर्व के तोहफे के रूप में बढ़ाए गए ढाई सौ रुपए से बारह सौ पचास रुपए हो जाने की है…! बात दीपावली की रंगत को बढ़ाने के लिए बहनों को पंद्रह सौ रुपए देने का घोषणा पर खत्म हो जाती है…! बात तो एक करोड़, छब्बीस हज़ार, छत्तीस हजार बहनों के विश्वास की है…! इस विश्वास पर खरा साबित रहने के लिए खजाने से पंद्रह सौ सत्तासी करोड़ रुपए न्योछावर कर देने की है…! वादा निभाई की ही बात है कि योजना पर अब तक कुल पैंतालीस सौ करोड़ रुपए खर्च कर दिए जाते हैं…! विपक्ष की दसियों बातों के बीच, दुर्भानाओं और दुष्प्रचार के बीच विश्वास की एक योजना लगातार तीस माह चल गई, चल रही है और आगे भी निर्बाध चलती रहेगी इसकी कल्पना की जा सकती है…!
लाड़ली बहना के नाम से आज सिवनी जैसा दूरस्थ जिला भी इतिहास बना रहा है… कई और जिले भी इस कड़ी का हिस्सा बन चुके हैं…! करने को यह काम मंत्रालय की बंद दीवारों के बीच से… या सीएम हाउस की आरामदायक जगहों से भी हो सकता था…! लेकिन मुखिया जी ने बहनों के चेहरों पर आने वाली सुखद मुस्कान से रिश्ता निभाई की शुरुआत की…! बहनों को मिलने वाली हर माह की स्वावलंबन की खुशियां अब सार्वजनिक मनाई जा रही हैं।
बढ़ी हुई राशि बहनों को पहले से ज्यादा मजबूत, अधिक खुशहाल, ज्यादा आशान्वित और अधिक निश्चिंत बनाएगी, इसकी कल्पना की जाना चाहिए…!

पुछल्ला
कृष्णा जी… अब बहनों के साथ भी!
योजना को एक नए नाम से जाना जाएगा। धार्मिक आस्थाओं से ओतप्रोत सरकार इसके लिए भगवान श्रीकृष्ण जी जोड़े जाने पर विचार कर रही है। घोषणा जल्दी ही हो सकती है, जिसे बहन सुभद्रा के नाम से जोड़ा जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण जी की बहन सुभद्रा जी के साथ योजना का नाम निश्चित रूप से इसमें बरकत लाएगी।
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12/11/2025

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