सीनियर जर्नलिस्ट विजय कुमार तिवारी जी से मुलाकात.

सीनियर जर्नलिस्ट विजय कुमार तिवारी जी से मुलाकात……इन्होंने मुझे वर्ष 1986 में नभाटा के टेस्ट में एक या दो नंबर से फेल कर दिया था, बावजूद इसके स्नेह बनाए हुए हैं आज तक।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की मिश्रित भाषा जिसमें असंसदीय शब्द भी शामिल होते हैं, अलंकरण के साथ सुनना खास अनुभव होता है। बस ऐसे ही शब्दों और संवादों के श्रवण के लिए दादा की कंपनी भाती है और समय मिलते ही उनके पास पहुंच जाता हूं। जीवन के उन फलों को यादगार बना कर लौटता हूं… ऐसी ही एक सुबह थी आज….
