सुरक्षा’ पर सियासत
‘सुरक्षा’ पर सियासत
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर सेना की अग्निवीर योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता में आई तो इस योजना को कूड़ेदान में फेंक देगी..तीन साल पहले लागू इस योजना के तहत अब तक लाखों युवा रोजगार पा चुके हैं..अग्निवीर योजना राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा विषय है.. राजनीतिक लाभ के लिए विपक्ष का ऐसे मामलों को सियासी रंग देना कहां तक उचित है…?
बीते साल अक्टूबर में दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचीन में तैनात अग्निवीर जवान गावते अक्षय लक्ष्मण की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी…राष्ट्र सेवा में शहीद होने वाले वह पहले अग्निवीर हैं..कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अक्षय की शहादत पर दु:ख जताते हुए योजना में शहीद के परिवार को कोई लाभ नहीं मिलने के आरोप लगाए..लेकिन बाद में एक आरटीआई में हासिल जानकारी में खुलासा हुआ कि शहीद अक्षय के परिवार को केंद्र सरकार की ओर से
एक करोड़ रुपए से ज्यादा की आर्थिक मदद व अन्य सुविधाएं दी गईं..इस खुलासे से राहुल के आरोप की कलई खुल गई..लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल एक बार फिर इस योजना को लेकर हमलावर है व सत्ता में आने पर योजना को बंद करने की बात कह रहे हैं..जबकि देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आवश्यकता के अनुसार योजना में सुधार की बात पहले ही कह चुके हैं..योजना रातों रात तैयार नहीं हुई बल्कि इस पर 1989 से विचार किया जा रहा था..देश की सैन्य क्षमता को अधिक युवा व सक्षम बनाने के क्रम में इस दिशा में उत्तरोत्तर सुधार किए गए व यह योजना भी इसी का परिणाम है..हालिया रिपोर्ट के अनुसार,भारत 51 लाख से अधिक सैनिकों की क्षमता के साथ सैन्य क्षेत्र में अमेरिका,रूस व चीन के बाद अब दुनिया की चौथी बड़ी ताकत बन चुका है..एक दिन पहले उप्र के जालौन में आयोजित चुनावी सभा में राहुल गांधी ने एक बार फिर इस योजना पर सवाल उठाए..इससे पहले भी वह इस योजना को चुनावी मुद्दा बनाते रहे हैं..
