2 साल सेवा वृद्धि की मांग करने वाले कर्मचारी 2 दिन की चुनाव ड्यूटी से क्यों कतराते हैं.


चुप रहो नहीं तो सस्पेंड कर दिए जाओगे इस प्रकार से सुनने को मिलता है जरा सी भी सुविधा की मांग करने पर यह होता है मतदान कर्मचारियों के साथ.
लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा है मतदान केंद्र जहां भी बनाए गए हैं उन मतदान केंद्रों पर कार्यरत कर्मचारियों से पूछिए कुछ मतदान केंद्रों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश मतदान केंद्रों पर भारी परेशानी थी लैट्रिन बाथरूम खराब स्थिति में थे या नहीं थे गर्मी से बचने के लिए पंखे कूलर का भी कोई इंतजाम नहीं था जब मांग की गई और ऊपर वरिष्ठ अधिकारी को लिखा गया तो कई जगह पंखे कूलर का इंतजाम हुआ टीन शेड में मतदान केंद्र बना दिए गए आंगनबाड़ी केंद्रों में तो बहुत बुरी स्थिति थी मतदान केंद्र बनाने से पहले इसका अध्ययन होना चाहिए कि जो कर्मचारी एक दिन पहले से जाता है रात में वहीं रूकता है वह सुबह फ्रेश कैसे होगा नहाने के लिए क्या रहेगा जब तापमान इतना है तो मतदान दल में कार्यरत लोग भी इंसान है उनको मूलभूत सुविधा तो मिलना चाहिए सरकारी नौकरी करना है तो कई कर्मचारी भले ही नहीं बोले लेकिन परेशानी सभी को होती है इस पर भी मीडिया व जिम्मेदार अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए कोई भी सुनने को तैयार नहीं रहता शिकायत करने पर कहा जाता है नौकरी करना है नहीं तो सस्पेंड कर दिया जाएगा इस कारण कर्मचारी चुनाव ड्यूटी जाने से घबराते हैं जबकि यही कर्मचारी 2 साल सेवा वृद्धि बढ़ाने की मांग करते हैं लेकिन बहुत सारी व्यवस्थाओं के कारण 2 दिन की चुनाव ड्यूटी करना बहुत भारी पड़ जाता है.
गर्मी बहुत थी एयर कंडीशन की मांग नहीं थी लेकिन कूलर पंखे लैट्रिन बाथरूम भी कई जगह नहीं थे तो बहुत ही बुरी स्थिति में थे टूटे पड़े थे कई मतदान केंद्र छोटे-छोटे कमरों में भी बना दिए गए थे इस पर भी बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया.
भोपाल में जहां भी मतदान केंद्र बने हैं चुनाव हो चुका है जिम्मेदार मीडिया के साथियों को जाकर देखना चाहिए और कर्मचारियों का भी पक्ष मजबूती से रखना चाहिए.
हालांकि इन समस्याओं को लेकर मेरे द्वारा दिल्ली से लेकर भोपाल में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है लेकिन इस पर प्रकाश डालना मीडिया की भी जिम्मेदारी बनती है बूथ बनने से पहले वरिष्ठ अधिकारी जगह जाकर नहीं देखते नीचे वालों पर छोड़ दिया जाता है नीचे वाले भी कुछ बोलते हैं तो उनकी कोई सुनता नहीं है जहां बूथ नहीं बनना चाहिए वहां भी बूथ बना दिए जाते हैं इस वजह से बहुत परेशानी हुई.
सामान वापस करते समय भी पुरानी जेल पर कर्मचारियों को काफी समय लगा जिस प्रकार सामान देते समय व्यवस्था बनाई गई थी उसी प्रकार की व्यवस्था सामान लेते समय भी कर दी जाए तो उचित रहे.
हालांकि पहली बार कर्मचारियों को सांची का मठा दिया गया एक अच्छी व्यवस्था थी अन्य व्यवस्थाओं पर भी भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जिला निर्वाचन पदाधिकारी को ध्यान देना चाहिए कर्मचारी भी इंसान होता है.
नगर निगम का अमला पानी साफ सफाई व्यवस्था में सबसे ज्यादा सहयोग करता नजर आया उनको बहुत-बहुत धन्यवाद.
उमाशंकर तिवारी
प्रदेश सचिव
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ भोपाल मध्य प्रदेश
