मुख्यमंत्री का यह भी नवाचार : इंदौर में सलामी लेने वाले पहले कलेक्टर

•••मुख्यमंत्री का यह भी नवाचार : इंदौर में सलामी लेने वाले पहले कलेक्टर
**इंदौर के पूर्व 33 कलेक्टरों पर भारी आशीष सिंह, कुछ महीने बाद हो जाएंगे उज्जैन कमिश्नर **
कीर्ति राणा इंदौर। मुख्यमंत्री यादव ने तो भोपाल में स्वाधीनता दिवस परेड की सलामी ली लेकिन अपने प्रभार वाले इंदौर जिले में झंडा फहराने के लिए कलेक्टर आशीष सिंह ही उपयुक्त लगे। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से 34 वें कलेक्टर आशीष सिंह, इंदौर के पूर्ववर्ती 33 कलेक्टरों से नंबर वन हो गए। सरकार ने पच्चीस से अधिक जिलों में भी कलेक्टरों को मुख्य परेड की सलामी लेने के निर्देश दिए थे। पहले मंत्री विजयवर्गीय को सतना जाना था परेड की सलामी लेने, एक दिन पहले सरकार ने इस आदेश में संशोधन कर उन्हें प्रभार वाले धार जिले में ध्वजारोहण करने संबंधी आदेश जारी कर दिया था। जो चार आदेश संशोधित किए उनमें तीन अन्य मंत्रियों एंदल सिंह कंसाना को दतिया, राज्यमंत्री राधा सिंह को सिंगरोली और प्रद्युमन सिंह तोमर को शिवपुरी में परेड की सलामी लेना थी।
इस कारण माना जा रहा था कि इंदौर में भी किसी मंत्री को ध्वजारोहण के लिए भेजा जा सकता है।सरकार ने कोई संशोधित आदेश जारी नहीं किया तो यह तय हो गया कि कलेक्टर आशीष सिंह मुख्यमंत्री के कितने भरोसेमंद हैं। इससे यह संकेत भी मिल गए हैं कि कुछ महीनों बाद आशीष सिंह का संभागायुक्त बनना तय है, आदेश तो यह भी अप्रत्याशित ही है कि आशीष सिंह यहां कलेक्टर हैं और उज्जैन में उनके पास सिंहस्थ मेला अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार प्रभार है।वहां किसी आयएएस की इस पद के लिए अलग से नियुक्ति नहीं की गई है।
🟢 कुछ अलग पहचान रही है आशीष सिंह की
आशीष सिंह 2018 में देवास में कलेक्टर रहने के दौरान सुर्खियों में आए थे। जिले के उमरिया गांव में बोरवेल में 4 साल का बच्चा रोशन गिर गया था। कलेक्टर रहते आशीष सिंह ने 35 घंटे तक लगातार मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलवाया था और यह सफल चर्चित रेस्क्यू केस में शामिल हुआ।
मध्य प्रदेश में सबसे पहली पोस्टिंग कटनी में अपर कलेक्टर के रूप में मिली थी। इसके बाद 2016 में उन्हें मध्य प्रदेश के इंदौर में जिला पंचायत का सीईओ नियुक्त किया गया।
इंदौर में नगर निगम आयुक्त रहते हुए महज 6 महीने में शहर से 13 लाख टन कचरा साफ कराया था।
पूर्व में वो भोपाल-देवास कलेक्टर, इंदौर नगर निगम आयुक्त, उज्जैन नगर निगम आयुक्त और उज्जैन कलेक्टर के रूप में काम चुके हैं। उनके कार्यकाल में ही इंदौर स्वच्छता के मामले में नंबर वन आया था। इसके बाद उन्हें महाकाल मंदिर विस्तारीकरण के पहले चरण की जिम्मेदारी मिली थी। उज्जैन कलेक्टर और महाकाल मंदिर समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने इस जिम्मेदारी का भी निर्वहन किया। फिर उन्हें उज्जैन कलेक्टर के पद से हटाकर भोपाल में एमपीआरडीसी की जिम्मेदारी मिली थी।
कौन बनेगा करोड़पति में भी जा चुके है
कलेक्टर सिंह ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की हॉट सीट पर भी बैठ चुके हैं। इंदौर शहर ने जब स्वच्छता की हैट्रिक लगाई थी, तब आशीष सिंह वहां निगम कमिश्नर थे। इसके बाद उन्हें केबीसी के कर्मवीर ऐपिसोड में हॉट सीट पर बैठने का मौका मिला था। शो में उन्होंने साढ़े 12 लाख रुपए जीते थे।
🔴इंदौर जिले के पहले कलेक्टर थे नारायण सिंह
01 नारायणसिंह 1956-59 । 02 देवी सहाय। 03 केसीसी राजा । 04 केएल अग्रवाल ।05 डब्ल्यू. एस. ताम्बे। 06 आरपी कपूर। 07 पीके लहरी। 08 एनआर कृष्णन । 09 जेके सिब्बल। 10 एसके सूद।
11 नरेश नारद । 12 रमेश सक्सेना। 13 एपीके जोगी
14 ओपी रावत । 15 भागीरथ प्रसाद । 16 सुधीरनाथ
17 एसवीअय्यर । 18 के सुरेश । 19 एमएम उपाध्याय । 20 एसआर मोहन्ती। 21 एम गोपाल रेड्डी । 22 मनोज श्रीवास्तव । 23 मोहम्मद सुलेमान
24 राजेश राजोरा । 25 विवेक अग्रवाल । 26 राकेश श्रीवास्तव । 27 राघवेन्द्रसिंह । 28 आकाश त्रिपाठी
29 पी नरहरि । 30 निशांत वरखड़े । 31 लोकेश कुमार जाटव । 32 मनीष सिंह । 33 डॉ. इलैयाराजा टी. । 34 आशीष सिंह 5 जनवरी 2024 से….
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