ED : छापेमारी में मिला करोड़ों रुपये कैश, महंगी गाड़ियां और लग्जर घड़ियों का बॉक्स…

मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंबई में चार जगहों पर बड़ी छापेमारी कर 3.3 करोड़ रुपये के कैश, लग्जरी घड़ियां, ज्वेलरी, विदेशी करेंसी और महंगी गाड़ियां जब्त की हैं. ED यह कार्रवाई एक कथित डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क की जांच के तहत हुई है, जो व्हाइट-लेबल ऐप्स और बिना रजिस्ट्रेशन वाले फाइनेंशियल प्लैटफॉर्म्स के जरिए चलाया जा रहा था.
यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत शुरू हुई, जो इंदौर के लसूड़िया पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR के आधार पर है. ED अभी कई डिजिटल और फाइनेंशियल रिकॉर्ड की जांच कर रही है. इस जांच में फिलहाल अवैध पैसों का पता लगाया जा सके और अतिरिक्त सबूत जुटाए जा सकें.
इन ऐप्स के जरिए होती थी स्ट्टेबाजी और ट्रेडिंग
ED अधिकारियों के अनुसार, VMoney, VM Trading, Standard Trades Ltd, IBull Capital, LotusBook, 11Starss और GameBetLeague जैसे कई सट्टेबाजी और ट्रेडिंग ऐप्स जांच के दायरे में हैं. माना जा रहा है कि ये मंच व्हाइट-लेबल ऐप्स के जरिए चलाए जा रहे थे, जहां ADMIN अधिकार मुनाफा साझा करने के आधार पर बेचे या साझा किए जाते थे.
विशाल अग्निहोत्री, धवल देवराज जैन और मयूर पड्या उर्फ “पंड्या” को इस नेटवर्क के मुख्य ऑपरेटर के तौर पर पहचान की गई है. पंड्या पर अवैध सट्टेबाजी के लिए कैश पेमेंट और दूसरे ट्रांजैक्शन संभालने की जानकारी थी.
क्या होती है डब्बा ट्रेडिंग?
डब्बा ट्रेडिंग एक अवैध और अनियमित ट्रेडिंग है, जो मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों के बाहर की जाती है. इसमें ट्रेडर सिक्योरिटीज या कमोडिटी की कीमतों पर सट्टा लगाते हैं. इस सट्टा के लिए उन्हें वास्तव में सिक्योरिटीज या कमोडिटी खरीदने की जरूरत नहीं होती है.
डब्बा ट्रेडिंग के तहत कैसे काम होता है?
SEBI – नियमित एक्सचेंजों के बजाय, डब्बा ट्रेडर बाजार की कीमतों पर गैर-लिखित सट्टा लगाते हैं. ट्रेड का निपटारा कैश में होता है. इसमें मुनाफा या नुकसान बाजार की उतार-चढ़ाव के आधार पर तय होता है, जो पूरी तरह से औपचारिक फाइनेंशियल निगरानी से बाहर होता है. ये ट्रेड आमतौर पर नॉन-रजिस्टर्ड ब्रोकरों या प्लैटफॉर्म के जरिए किए जाते हैं, जिससे इसमें शामिल लोगों को फाइनेंशियल और कानूनी जोखिम होते हैं.
