गरिमा बची रहे या जवाबदेही?

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गरिमा बची रहे या जवाबदेही?

(मंत्री पर जांच के आदेश पर नाराजगी से उठे बड़े सवाल)

मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया ऊइके पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप चर्चा में हैं। लेकिन इस प्रकरण का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जब इन आरोपों की जांच के आदेश दिए गए तो खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नाराजगी जताते हुए ऐसे आदेशों को मंत्रियों की गरिमा के खिलाफ बताया और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत दिए।

यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या किसी मंत्री पर लगे आरोपों की प्राथमिक जांच के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति आवश्यक होनी चाहिए? और यदि ऐसा है तो क्या यह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुकूल है?

(जब सत्ता सवालों से भागे, जवाबदेही खत्म होती है)

सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो, हर लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल मंत्र है—पारदर्शिता और जवाबदेही। जब किसी मंत्री के खिलाफ गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप सामने आते हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके और जनता का भरोसा कायम रहे।

मुख्यमंत्री द्वारा ऐसे आदेशों पर नाराजगी जताना और जांच कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का इशारा देना यह दर्शाता है कि सत्ता में बैठे लोग खुद को कानून और प्रक्रिया से ऊपर मानने लगे हैं। यही रवैया भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का सबसे बड़ा कारण बनता है।

(भ्रष्टाचार के खिलाफ सिर्फ भाषण नहीं, कार्रवाई चाहिए)

आज देश और प्रदेश में जनता ऐसे नेताओं को देखना चाहती है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ सिर्फ भाषण न दें, बल्कि खुद को भी जांच और आलोचना के लिए प्रस्तुत करें। सत्ता की ‘गरिमा’ का मतलब यह नहीं हो सकता कि मंत्रियों को किसी भी तरह की जांच से ऊपर मान लिया जाए।

यदि ऐसे मामलों में कार्रवाई रोकने या जांच दबाने का प्रयास होगा तो इससे दो बड़े खतरे पैदा होंगे:

1. ईमानदार अधिकारियों का मनोबल टूटेगा।

2. जनता के बीच सरकार की विश्वसनीयता और नीयत पर सवाल खड़े होंगे।

(लोकतंत्र में हर पद पर जवाबदेही जरूरी)

प्रदेश सरकार को यह संदेश देना चाहिए कि चाहे मंत्री हो, अफसर हो या मुख्यमंत्री खुद—कोई भी व्यक्ति लोकतांत्रिक जवाबदेही से ऊपर नहीं है। अगर मुख्यमंत्री स्वयं इस जांच का समर्थन करते और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कहते तो इससे एक सकारात्मक उदाहरण बनता।

सत्ता की असली गरिमा तभी है जब वह ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करे। यही रास्ता जनता का भरोसा जीतने का है।

#MohanYadavCM #SampatiyaUikey #MadhyaPradesh

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