छात्रा ने CM से कहा– सेक्शुअल हरासमेंट पर बहस हो

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भोपाल में आयोजित मॉक पार्लियामेंट में एक छात्रा ने सीएम डॉ. मोहन यादव से कहा- सरकार विकसित भारत या आपातकाल जैसे मुद्दे चुनती है, लेकिन सेक्शुअल हरासमेंट जैसे जरूरी मुद्दों पर कभी चर्चा नहीं होती। बहुत सारी बातें दबाई जाती हैं। सेक्शुअल हरासमेंट जैसे मामलों में लोगों को सजा भी नहीं मिल रही। इस पर भी मॉक पार्लियामेंट में डिबेट होनी चाहिए। छात्रा छाया बिलगैंया ने गुरुवार को बीजेपी महिला मोर्चा की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट में विपक्ष की भूमिका में रहते हुए ये बातें कही।

सीएम ने कहा सरकार अपराधियों को किसी हाल में नहीं बख्शेगी।
सीएम ने कहा सरकार अपराधियों को किसी हाल में नहीं बख्शेगी।

CM का जवाब- एमपी पहला राज्य जिसने फांसी का प्रावधान किया

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, भोपाल में ही एक घटना में हमारी पुलिस ने बहुत तेजी से काम किया और आरोपी को फांसी की सजा दिलवाई। मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसने ऐसे मामलों में फांसी का प्रावधान किया। हमारी सरकार ऐसे अपराधियों को किसी हाल में नहीं बख्शेगी।

इस बीच CM ने पूछा- कौन सा जिला जहां SP और कलेक्टर दोनों महिलाएं हैं? छात्राओं ने जवाब में नरसिंहपुर बताया। सीएम ने उनके जवाब को सही बताते हुए कहा- शहडोल संभाग में तो संभागायुक्त भी महिला हैं।

CM बोले – हमारी सरकार ने बहनों को सम्मान दिया

CM ने कहा, हमारी संस्कृति में महिलाओं को हमेशा सम्मान मिला है। हमारी सरकार भी इसी भावना से काम कर रही है। हमने महिलाओं को प्रशासन के बड़े-बड़े पदों पर नियुक्त किया है। महिला मोर्चा के मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव के अलावा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री भारती पवार, मंत्री कृष्णा गौर, मेयर मालती राय, भिंड सांसद संध्या राय, पीपुल्स ग्रुप के डायरेक्टर मयंक विश्नोई मौजूद थे।

कांग्रेस ऐसी गरीब पार्टी जिसे कोई भारतीय नाम नहीं मिला

सीएम ने भाजपा द्वारा महिलाओं को दिए गए सम्मान का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। सीएम ने कहा- आप कभी कल्पना करते हैं कि कांग्रेस पार्टी ने कांग्रेस नाम क्यों रखा? ये ऐसी गरीब पार्टी जिसको कोई भारतीय नाम ही नहीं मिला। आपके भाई बहन पैदा होते तो आप क्या अमेरिका, इंग्लैंड के बच्चों की तरह नाम रखते हो क्या? उनके नाम रख रहे हो तो वहां जाकर चुनाव लड़ो। वहां जाकर काम करो।

सीएम ने राहुल गांधी पर निशाना साधा

सीएम ने पूछा- पूरी पार्लियामेंट में हमारा शुभ वस्त्र क्या है? भाई का या बहन का?

एक छात्रा ने कहा- कुर्ता पजामा और साड़ी।

सीएम बोले- ये भैया तो टीशर्ट में ही घूमता रहता है। पता नहीं कहां की बुद्धि लेकर आए। क्या बोलते हैं खुद को ही मालूम नहीं। किसको बोलते हैं ये भी मालूम नहीं।

अटल जी ने 50 साल तक विपक्ष के नेता की दमदारी से भूमिका निभाई

सीएम ने पूछा- अटल जी कितने साल नेता प्रतिपक्ष रहे? जवाब में देरी हुई तो सीएम बोले चैटजीपीटी खोल लो। सीएम ने कहा- अटल जी विदेश मंत्री बनने के पहले 50 साल तक विपक्ष में रहे। कई प्रधानमंत्री आए-गए लेकिन दमदारी से अपनी भूमिका अदा की। नेता प्रतिपक्ष जैसे पद को गौरवांवित किया। जब बांग्लादेश से युद्ध का मौका आया तो अपनी प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए बहनों की संज्ञा दी साक्षात दुर्गा कहा- ये दुर्गा से संबंध जोड़कर हमारी पार्टी माता-बहनों को देवी के रूप में देखती है।

साक्षात दुर्गा कहकर सीमा पर लड़ने वाले जवानों का हौसला अफजाई की। देश का मनोबल बनाए रखा। संघर्ष की बात आई तो आपातकाल के दौरान कविता लिखी- आओ फिर से दीया, बुझी हुई बाती सुलगाएं।

सीएम ने पूछा- आपातकाल की सबसे खराब बात क्या थी

महिला संसद में मौजूद छात्राओं और महिला जनप्रतिनिधियों से सीएम ने आपातकाल के दौरान के सबसे खराब अनुभव के बारे में बताने को कहा। इस दौरान नूतन कॉलेज की एक छात्रा ने कहा- एक व्यक्ति जो देश के सर्वोच्च पद पर थी, उसने अपने पद को बचाए रखने के लिए पूरे देश को दांव पर लगा दिया था।

सीएम ने पूछा: वो कौन व्यक्ति था? छात्रा- जिन्हें हम आयरन लेडी कहते हैं इंदिरा गांधी। उन्होंने अपनी सत्ता को बचाए रखने के लिए कदम उठाए गए वो मुझे सबसे ज्यादा गलत लगते हैं। जिसे हम भाई-भतीजावाद कहते हैं तो जो प्रिविलेज केवल उन पदों पर विराजमान लोगों का दिया जाना चाहिए था वो केवल उनकी फैमिली को दिया जा रहा है ये सबसे गलत बात है।

आयुषी शर्मा (छात्रा)- आपातकाल के बारे में पढ़कर ये बहुत बुरा लगा कि संजय गांधी के ऑर्डर पर 1.1 करोड़ लोग जिनकी उम्र 15 से 70 साल के बीच थी। उनकी नसबंदी करा दी गई थी। ये उनकी राइट टू लाइफ के खिलाफ था। ये अकल्पनीय निर्णय था।

महिला संसद में किस नेता ने क्या कहा…

हितानंद बोले- राहुल जो लाल किताब लेकर चलते हैं वो जरूर पढ़ें

बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने कहा- संविधान की हत्या किसने की वो उस किताब में साफ लिखा है और लोकतंत्र के लिए तो लोकतंत्र बचाओ आंदोलन ही पूरा चला है। उसकी 50वीं वर्षगांठ हम मना रहे हैं। उस समय न कोई वकील बचा था न अपील बची थी। न्याय व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। प्रचार व्यवस्था, मीडिया की व्यवस्था भी ध्वस्त थी।

भाजपा के पहले के दल जनसंघ ने उस दौर की लड़ाई लड़ी। भाजपा ने ही बताया कि लोकतंत्र बचेगा, देश रहेगा तो हम रहेंगे। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हमारी भाजपा ने व्यवस्था बनाई। वो लाल किताब जरूर पढ़ें उसमें वेणुगोपाल जी ने बहुत कुछ लिखा है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बोले: अमेरिका, यूरोप में महिलाएं संसद का नेतृत्व करती हैं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा- दुनिया में जिस समाज ने महिलाओं को सम्मान दिया वो समाज आगे बढ़ा। हर वो देश जहां महिलाओं को सम्मान मिला चाहे अमेरिका हो या यूरोप ये देश दुनिया में इसलिए चमकते हैं क्योंकि सबसे ज्यादा महिलाओं का सम्मान कहीं पर है तो यहां पर है।

मैं हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी जी को धन्यवाद देना चाहता हूं क्योंकि दुनिया के देशों में जहां पार्लियामेंट में महिलाओं का प्रतिशत स्वीडन हो, नार्वे, साउथ अफ्रीका या फिर ऑस्ट्रेलिया की बात करें ये वो देश हैं जहां 33% आरक्षण न मिलने के बावजूद महिलाएं संसद का प्रतिनिधित्व करती हैं।

हेमंत बोले- इंदिरा ने लोकतंत्र को घुटनों तले दबा दिया

हेमंत खंडेलवाल ने कहा- वो इंदिरा गांधी जो एक समय महिलाओं का आदर्श बनकर उभरी थीं। 1971 का चुनाव भारी बहुमत से जीता था। जेपी के आंदोलन से एक जांच से वो इतनी घबरा गई थीं कि जब राजनारायण केस में कोर्ट ने उनके खिलाफ निर्णय किया तो उन्होंने देश के लोकतंत्र को घुटनों तले दबा दिया। बाबा साहब के संविधान को मिटाने का प्रयास किया।

जहां इस देश में सामूहिक नेतृत्व चलता है, इंदिरा गांधी ने एक नारा दिया- इंडिया इज इंदिरा, इंदिरा इज इंडिया। वहीं से हमारे लोकतंत्र का अपमान शुरू हुआ। अटल-आडवाणी जैसे लोग जिनकी कोई गलती नहीं थी। लेकिन वो उनके राजनीतिक विरोधी थे इसलिए इंदिरा गांधी ने देश के लोकतंत्र को कुचलने का काम किया।

खंडेलवाल ने कहा- जो लोग जेल में रहे उनसे हम दर्दनाक किस्से सुनेंगे तब हम समझ पाएंगे कि काला इतिहास इस देश में आया था इंदिरा गांधी के रूप में वो महिला जिसका सम्मान देश करता था उसने संविधान को कुचलने का काम किया।

हम सब उसे याद करें और फिर से यह कोशिश करें कि लोकतंत्र के रूप में देश का संविधान, मर्यादा दुनिया में सबसे आगे जाए। लोकतंत्र के मामले में हम यूरोप और अमेरिका से आगे निकलें। हमारे प्रधानमंत्री इसी रास्ते पर जा रहे हैं।

वीडी शर्मा ने कहा- इंदिरा ने लोकतंत्र की हत्या की वीडी शर्मा ने कहा- मॉक पार्लियामेंट का उद्देश्य ही यह है कि हमारी संसद कैसे काम करती है। लेकिन, आज की मॉक पार्लियामेंट का विषय जो है कि 50 साल पहले एक कानून पारित करके देश में आपातकाल कैसे लागू किया गया। जो पार्लियामेंट 5 साल की होती है इमरजेंसी लगाकर उसे 6 साल तक किया गया था। जब इमरजेंसी लगी तब मैं भी पांच साल का था। लेकिन, आज की हमारी पीढ़ी में हम सब लोग देश के इतिहास को पढ़ें।

इंदिरा गांधी के चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग हुआ है। इसलिए 6 साल के लिए चुनाव लड़ने से कोर्ट ने प्रतिबंधित कर दिया था। ये संविधान की व्यवस्था थी। लेकिन, इंदिरा गांधी ने कहा था कि ये कानून नहीं चलेगा। और उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ आंदोलन खड़ा हुआ लोग सड़कों पर आए।

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