शालाओं, संकुलों की गलतियों से अथिति शिक्षकों को लटका दिया (श्याम चोरसिया )
60 हजार से अधिक अथिति शिक्षकों कीअप्रैल में खत्म कर दी गयी वेलिडिटी को जुलाई में रिचार्ज होने की उम्मीदों पर कुछ शालाओं, संकुलों की अति बुद्धिमानी,अति उत्साह ने गाज गिरा तनाव का शिकार बना दिया।
शाला हितेषी, अनुभवी, व्यवहारिक प्राचार्यो ने आयुक्त द्वारा चाही गयी रिक्तियों की जानकारियां निर्धारित प्रोफार्मा में अपलोड कर के अथितियों के ज्वाइनिंग के रास्ते खोल उन्हें तनाव मुक्त कर दिया था। हजारों अथितियों ने 01 जुलाई को ज्वाइनिंग देकर अध्यापन का दायित्व सम्हाल शेक्षणिक मिशन को गति दे विद्यार्थियों को राहत दे दी। लेकिन कुछ शाला प्रचार्यो ने निर्धारित प्रोफार्मा की अपील को समझे बिना पद तो शो कर दिए मगर वे पद किस विषय के है? इसका उल्लेख नही किया। नतीजन अथिति पेशोपेश में पड़ पिछले साल की तरह तनाव में आ गए। वजह। समन्धित विषय का कोई उलकेख न होने से अथिति अपनी id से पोर्टल पर पूर्ति नही कर पाए।
शाला प्रचार्य ओर संकुल प्रचार्य से गलती दूर करने की गुजारिश करने लगे। कुछ शाला प्रचार्यो ने गलती को गंभीरता से लेकर समाधान की कोशिश में जुट गए। कुछ ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ अथितियों के कांधे पर ही बंदूक रख दी। बेबस अथिति।
अथिति 02 जुलाई तक पॉर्टल अपग्रेड होने की लालसा में बेचैनी से पल पल कम्प्यूटर ओपन करते रहे। मगर उन्हें निराशा ही हाथ लगी। बेबस अथिति गत वर्ष की तरह इस साल भी लंबे समय के लिए लटका दिए।
पोर्टल कब अपग्रेड होगा? ये लंबी प्रक्रिया और पेंच वाला उबाऊ काम है। पोर्टल न तो संकुल न जिला शिक्षा अधिकारी अपग्रेड कर सकते है। ये आयुक्त कार्यालय से ही सम्भव है। यदि प्रचार्यो ने शाला हित में सक्रियता दिखाई तो अथितियों का उद्धार हो सकता है। वरना शालाओं को लंबे समय तक शिक्षकों की तंगी भुगत विद्यार्थियी के कोप का शिकार होना पड़ सकता है। शालाओं ने विद्यार्थी तो है मगर शिक्षकों का घोर टोटा है। फिलहाल सेकड़ो अथिति शिक्षक भविष्य को लेकर तनावग्रस्त है।
