डॉ प्रतिभा राजगोपाल इन दिनों भोपाल में मध्यस्थता केंद्र मेडिएशन सेंटर का संचालन कर रही हैं

आज डॉक्टर प्रतिभा तिवारी जो अब डॉक्टर प्रतिभा राजगोपाल है हमारे घर पधारीं हमारे और उनके बीच परिवार जैसे संबंध आज से लगभग 50 वर्ष पहले से बने हुए हैं वर्ष 1975 में जब हम में शहडोल में जनसंपर्क अधिकारी के पद पर पदस्थ था तब उनके पिता श्री परम आदरणीय तिवारी जी जिला न्यायाधीश के पद पर आसीन थे और डॉक्टर प्रतिभा तिवारी महाविद्यालय में व्याख्याता के पद पर पदस्थ थी डॉक्टर तिवारी मेरे लिए फूलों का गुलदस्ता लेकर आई थी और मैंने उन्हें अपनी पुस्तक समय की धरोहर भेंट की हम दोनों बड़ी देर तक पुरानी स्मृतियों में खोय रहे इस बीच एक दूसरे के परिवारों की बीते अर्से की घटनाओं पर भी लंबी चर्चा हुई डॉ प्रतिभा राजगोपाल इन दिनों भोपाल में मध्यस्थता केंद्र मेडिएशन सेंटर का संचालन कर रही हैं इस केंद्र के बारे में भी विस्तार से बातचीत हुई उन्होंने मुझे इस केंद्र से जुड़ने का आग्रह किया तो मैं सहर्ष इसके लिए तैयार हो गया क्योंकि यह केंद्र समाज सेवा के लिए महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है अतः इसके लिए सभी का जनसहयोग बहुत आवश्यक है इस शुभ कार्य के लिए मैंने डॉक्टर प्रतिभा राजगोपाल को बहुत-बहुत बधाई दी और अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की
