“ब्रह्माकुमारीज केंद्रों पर विमान हादसे के पीड़ितों को सामूहिक ध्यान के माध्यम से दी गई श्रद्धांजलि”

? सादर प्रकाशनार्थ ?
“ब्रह्माकुमारीज केंद्रों पर विमान हादसे के पीड़ितों को सामूहिक ध्यान के माध्यम से दी गई श्रद्धांजलि”
“तीन दिवसीय अखंड राजयोग ध्यान द्वारा दिवंगत आत्माओं के लिए शांति और शक्ति की विशेष तपस्या आरंभ”
“गाइडेड मेडिटेशन से दिव्य प्रकंपनों के माध्यम से पीड़ितों को पहुंचाया सहयोग और संवेदना”
भोपाल, जून 2025 —
नीलबड़ स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन मेडिटेशन रिट्रीट सेंटर में हाल ही में घटित अहमदाबाद विमान हादसे में दिवंगत हुई आत्माओं एवं उनके परिवारजनों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त करते हुए तीन दिवसीय अखंड सामूहिक ध्यान तपस्या आरंभ की गई जिसके अंतर्गत सभी साधक अपने दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर प्रकंपन फैलाने में योगदान देंगे इसकी फलस्वरूप निरंतर ध्यान साधना चलती रहेगी।
इस अवसर पर संस्थान की निदेशिका वरिष्ठ राजयोगिनी नीता दीदी ने उपस्थित साधकों को संबोधित करते हुए कहा —
> “जब कोई भी पीड़ा या आपदा संसार में घटती होती है, तो आत्मिक दृष्टि से हम सभी एक परिवार के रूप में उसका अनुभव करते हैं। परमात्मा की संतान होने के नाते हमारा यह आध्यात्मिक एवं नैतिक कर्तव्य बनता है कि हम उन आत्माओं को शांतिपूर्ण गति और उनके परिजनों को सहनशक्ति तथा साहस की ऊर्जा दें।”
कार्यक्रम में वरिष्ठ राजयोगी भ्राता रामकुमार जी ने सभी उपस्थित साधकों को गाइडेड मेडिटेशन द्वारा इस साधना में सहभागी बनाया, जिसमें साधक स्वयं को फरिश्ता स्वरूप में अनुभव कर, दिव्य प्रकाश स्वरूप परमात्मा से शांति और शक्ति की किरणें लेकर उन सभी पीड़ित आत्माओं तथा उनके परिजनों को प्रवाहित कर किए जाते है।
ध्यान की इस विधा में साधक स्वयं को निर्मल, उज्ज्वल आत्मा के रूप में अनुभव करते हैं,
तथा परमात्मा शिव से दिव्य प्रकंपन प्राप्त कर,
सूक्ष्म रूप से उस स्थान पर पहुँचकर प्रेम, शक्ति व शांति की तरंगें प्रवाहित करते हैं।
इस प्रक्रिया से दिवंगत आत्माओं को मुक्ति की गति, तथा उनके परिजनों को साहस, सहनशक्ति और ईश्वरीय संबल प्राप्त होता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुट होकर यह प्रार्थना की —
> “ईश्वर से हमें यह वरदान मिले कि भविष्य में ऐसी कोई भी दुर्घटना न हो, तथा सभी को आंतरिक स्थिरता, धैर्य और सकारात्मक सोच का संबल प्राप्त हो।”
“वायुमंडल में व्याप्त भय और दुख को समाप्त करने हेतु हम सभी निरंतर सकारात्मक ऊर्जा फैलाते रहें।”
इस प्रकार का आध्यात्मिक आयोजन में साधक, नागरिक, सेवाकेन्द्र प्रभारीगण, युवावर्ग एवं वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
तीन दिन तक चलने वाली इस श्रद्धांजलि तपस्या में विभिन्न स्थानों से ऑनलाइन भी जुड़कर लोगों ने सहभागीता निभाई।
इस प्रकार का आयोजन संपूर्ण भोपाल स्थित 50 से भी अधिक ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्रों पर किया गया।
