मेट्रो में तुर्किए की कंपनी को ठेके पर फैसला नहीं

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भोपाल-इंदौर मेट्रो में तुर्किए की कंपनी ‘असिस गार्ड’ के अनुबंध को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। दूसरी ओर, 31 मई को इंदौर मेट्रो के लोकार्पण की तैयारी है। ऐसे में कांग्रेस ने पहले सिस्टम निकालने और फिर लोकार्पण करने की मांग रखी है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इसे लेकर मेट्रो एमडी को लेटर भी लिखा है।

दोनों शहरों के मेट्रो स्टेशनों पर असिस गार्ड कंपनी ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगा रही है। इसे लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और भोपाल सांसद आलोक शर्मा का बयान सामने आ चुका है। वहीं, कांग्रेस भी मैदान में उतर गई। इसे लेकर 21 मई को कांग्रेसियों ने मेट्रो ऑफिस का घेराव भी किया था। पूर्व मंत्री शर्मा ने सात दिन का अल्टीमेटम दिया था। इसी बीच मेट्रो एमडी को भी उन्होंने पत्र लिखा है।

पाकिस्तान ने तुर्किए के ड्रोन से हमला किया-शर्मा पूर्व मंत्री शर्मा ने बताया कि इंदौर-भोपाल मेट्रो में तुर्किए विरोधी देश के डिजिटल सिस्टम डोर टिकिट कलेक्शन सिस्टम लग रहे हैं। मेट्रो एमडी को इस कंपनी का टेंडर निरस्त करने के लिए आवेदन दिया था। इसका अभी क्या स्टेटस है, इसे लेकर एमडी को फिर से लेटर लिखा है। पाकिस्तान ने तुर्किए के ड्रोन से भारत पर हमला किया था। इसलिए तुर्किए की कंपनी का ठेका तत्काल निरस्त होना चाहिए।

तुर्किए की कंपनी को लेकर 21 मई को कांग्रेसियों ने मेट्रो ऑफिस का घेराव भी किया था।
तुर्किए की कंपनी को लेकर 21 मई को कांग्रेसियों ने मेट्रो ऑफिस का घेराव भी किया था।

‘असिस’ को भोपाल-इंदौर में यह काम मिला एमपी मेट्रो कॉर्पोरेशन ने मेट्रो स्टेशनों पर ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन के लिए साल 2024 में इंटरनेशनल टेंडर कॉल किए थे। कुल 3 कंपनियों ने टेंडर भरे थे। इनमें से एक तुर्किए की असिस इलेक्ट्रॉनिक ब्लिसिम सिस्टमेलेरी भी शामिल है, जबकि दो अन्य कंपनी- एनईसी कॉर्पोरेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और शेलिंग फॉस्क ग्लोबल डिजिटल टेक्नोलॉजी थीं।

230 करोड़ रुपए के टेंडर कॉल के मुकाबले तुर्किए की कंपनी ने 186 करोड़ 52 लाख रुपए की राशि टेंडर में दी थी। दूसरे स्थान पर एनईसी कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड ने 204.57 करोड़ का प्रस्ताव सौंपा था। इस हिसाब से तुर्किए की कंपनी को टेंडर हासिल हो गया।

डीआरएम तिराहा, अलकापुरी, एम्स में काम चल रहा टेंडर मिलने के बाद कंपनी ने स्टेशनों पर सिस्टम लगाने भी शुरू कर दिए। भोपाल में सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर और रानी कमलापति स्टेशन पर गेट्स लगाए जा चुके हैं जबकि डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स में काम चल रहा है।

इंदौर में भी 5 स्टेशन- गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर-3 तक सिस्टम इंस्टॉल किया जा चुका है। भोपाल और इंदौर के पहले फेस के कुल 53 स्टेशनों पर कंपनी काम करेगी। कंपनी के जिम्मे सबसे महत्वपूर्ण ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन यानी किराया लेने की पूरी प्रक्रिया का सिस्टम तैयार करने का काम है। जिसमें कार्ड के जरिए किराया लेने के बाद ही गेट खुलना भी शामिल है। यह कंपनी सिस्टम का पूरा मेंटेनेंस भी करेगी।

ड्रोन और कई सुरक्षा उपकरण बनाती है असिस गार्ड कंपनी तुर्की की कंपनी असिस गार्ड ड्रोन सहित कई तरह के उपकरण बनाती है। ये बॉर्डर पर सुरक्षा के काम भी आते हैं। ASİSGUARD रक्षा उद्योग के क्षेत्र में तकनीकी आवश्यकताओं के समाधान विकसित करने के लिए रोटरी विंग सशस्त्र/निरस्त्र ड्रोन सिस्टम, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल विजन और सीमा सुरक्षा प्रणाली और सैन्य वाहन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम विकसित करती है। यह कंपनी अनुकूलित और संशोधित डिजाइन आवश्यकताओं के लिए इंजीनियरिंग सॉल्यूशन देती है।

जीतू ने कहा-7000 करोड़ का प्रोजेक्ट विदेशी कंपनियों की झोली में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मेट्रो प्रोजेक्ट का टेंडर विदेशी कंपनी को दिए जाने पर सवाल किया है। उन्होंने कहा कि भदभदा से रत्नागिरी के बीच के 7 हजार करोड़ के मेट्रो के काम का ठेका विदेशी कंपनियों को दिया है। इनमें से 3248 करोड़ रुपए का टेंडर अकेले फ्रांसीसी कंपनी को दिया है। पटवारी ने ट्विट किया- देश के युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, लेकिन विदेशी कंपनियों को लगातार ठेके दिए जा रहे हैं। सरकार न तो देश के युवाओं को पर्याप्त रोजगार दे पा रही है और न ही उन्हें प्राथमिकता दे रही है।

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