शिवराज की पदयात्रा में ऑक्सफोर्ड पासआउट बहू भी साथ
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के लाडकुई गांव से रविवार को पदयात्रा की शुरुआत की। इस पदयात्रा में शिवराज की पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय के साथ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी पासआउट बहू अमानत भी गांवों में पदयात्रा कर रही हैं। दैनिक भास्कर ने शिवराज की इस पदयात्रा में पहुंचकर इसका उद्देश्य जाना।
शिवराज सिंह चौहान से दैनिक भास्कर ने बातचीत की…
सवाल: इस यात्रा का उद्देश्य क्या है? शिवराज: मोदी जी का संकल्प विकसित भारत…! और वो संकल्प हमारे लिए मंत्र है। विकसित भारत के लिए जनता जागे और अपने गांवों को विकसित बनाए। अकेले सरकार नहीं, समाज भी निकले। इसलिए जनता को जगाने निकले। जनसैलाब उमड़ पड़ा है, जो विकसित भारत के अभियान के लिए अपने आप को समर्पित कर रहे हैं।
सवाल: बहू अमानत और आपका पूरा परिवार पैदल चल रहा है। बहू पहली बार पदयात्रा कर रही हैं? शिवराज: यहां तो सब हैं। यहां कोई परिवार नहीं, सब एक परिवार हैं। सबका लक्ष्य है, विकसित भारत।
सवाल: राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी नजदीक है? शिवराज: अभी विकसित भारत, बाकी पार्टी जाने, अपना काम अपन कर रहे हैं।
अब पढ़िए पदयात्रा का आंखों देखा हाल
रविवार शाम 4:14 सीहोर जिले के लाडकुई गांव में पुलिस चौकी के सामने सड़क पर लगा टेंट, जिसमें केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पहुंचते हैं। साथ में शिवराज की पत्नी साधना सिंह चौहान, बडे़ बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत भी मंच पर पहुंचते हैं।
स्थानीय विधायक रमाकांत भार्गव, आष्टा विधायक गोपाल सिंह चौहान, सीहोर विधायक सुदेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, पूर्व जिला अध्यक्ष रवि मालवीय, रघुनाथ सिंह भाटी भी मंच पर मौजूद होते हैं।

मंच पर 5 कुर्सियों पर शिवराज, साधना, विधायक भार्गव सहित बीजेपी के नेता बैठते हैं। कार्तिकेय और अमानत मंच पर काफी देर तक पीछे खड़े रहते हैं। इसके बाद कार्यकर्ता कुर्सियां लगाते हैं, तब दोनों बैठते हैं। बीच-बीच में साधना सिंह और कार्तिकेय भी कार्यकर्ताओं का हाथ हिलाकर अभिवादन करते हैं। स्वागत के बाद स्थानीय विधायक रमाकांत भार्गव भाषण देते हैं।

शिवराज ने जनता को बताया पदयात्रा का उद्देश्य पहली सभा में शिवराज ने पुलिस चौकी लाडकुई के सामने लगे मंच पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत का मतलब ऐसा भारत जहां, सड़क-बिजली-पानी का जाल बिछा हो। जहां खेती उन्नत होती हो, मां-बहन-बेटियों का सम्मान हो। बच्चे ठीक से पढ़ते हों, हर परिवार रोजगार से जुड़ा हो। कोई भूखा न सोए, इलाज की बेहतर सुविधाएं हों। जिंदगी लोग आराम से बिताएं।

शिवराज ने कहा कि ये विकसित भारत मोदी जी का संकल्प है और ये विकसित भारत मेरे जीवन का मंत्र बन गया है। इसका मतलब लाडकुई और हमारे हर गांव विकसित हों। ये काम अकेले मंत्री, मुख्यमंत्री विधायक-सांसद नहीं कर सकते। सबको अपना योगदान देना होगा।
मुझे मन में लगा कि कुछ करना पडे़गा। कृषि मंत्री के रूप में किसान रोम-रोम में रमा है। खेती मेरी सांस में बसी है। बहनें लखपति दीदी बनें, दिन और रात मैं इस साधना में लगा हूं। साधना का मतलब मेरी धर्मपत्नी की बात नहीं कर रहा हूं।


शिवराज बोले- खेतों की पूरी कुंडली बनाकर लाए हैं शिवराज ने कहा- मैं आज अकेला नहीं आया हूं। देश के जाने-माने साइंटिस्ट भी साथ आए हैं। आईसीएआर के डीजी एमएल जाट भी यहां आए हैं। ये किसानों से चर्चा करेंगे। खेती में अधिकतम उत्पादन कैसे हो, इसके लिए यहां के गांवों के खेतों की पूरी कुंडली बनाकर लाए हैं। तो कार्यक्रम कोई ऐसा कर्मकांड नहीं कि बस आंधी नहीं तूफान है, शिवराज सिंह चौहान है।
इसमें हम किसानों, आदिवासी भाइयों-बहनों, नौजवानों, पीएम आवास के हितग्राहियों से गंभीर चर्चा करने वाले हैं। जिलाधीश सहित प्रशासन के सारे मित्र बैठकर सोचेंगे कि क्या बेहतर कर सकते हैं।

एक दिन में दो-दो कार्यक्रम, किसान-वैज्ञानिक चर्चा करेंगे 29 तारीख से देश के 6 हजार कृषि वैज्ञानिक निकलने वाले हैं। सीहोर जिले में भी वैज्ञानिकों की 3 टीमें आ रहीं हैं। एक दिन में दो-दो कार्यक्रम होंगे। 10–15 गांवों के बीच में किसान और वैज्ञानिक बैठकर चर्चा करेंगे। किसानों की दिक्कतों को समझते हुए शोध किए जाएंगे।
जब विकसित भारत के लिए पैदल चलना था तो सामने बैठा परिवार आया तो ये परिवार भी आया। हमने कहा चले चलो। अब ये बहू भी देखेगी कि बड़ा परिवार है। इस बीच साधना सिंह ने टोका- बहू नहीं बेटी कहिए। शिवराज भी कहते हैं, हां…बहू नहीं बेटी।

लाड़कुई के दुर्गा चौक पर हितग्राहियों से संवाद लाड़कुई के दुर्गा चौक में दो मंच बने हैं। मुख्य मंच के बगल में मंत्री, विधायकों के लिए कुर्सियां लगी थीं। सबसे पहले कार्यक्रम स्थल पर विधायक रमाकांत भार्गव पहुंचते हैं। बगल वाले मंच पर जाकर विधायक की पट्टिका वाली कुर्सी पर बैठ जाते हैं। शिवराज परिवार के साथ जैसे ही मुख्य मंच पर पहुंचते हैं, सबसे पहले इशारा करके भार्गव को मुख्य मंच पर बुलाते हैं।
कन्या पूजन के साथ की कार्यक्रम की शुरुआत दुर्गा चौक लाड़कुई में शिवराज ने पत्नी,बेटे, बहू के साथ सबसे पहले कन्या पूजन किया। बता दें कि शिवराज ने मुख्यमंत्री रहते हुए हर कार्यक्रम की शुरुआत कन्या पूजन से करने की परंपरा शुरू की थी।
पब्लिक के सामने अफसरों से योजनाओं की जानकारी ली। दुर्गा चौक लाडकुई के कार्यक्रम में शिवराज ने मंच पर जनपद सीईओ, जल निगम और तमाम विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों से पीएम आवास, नल–जल योजना, अमृत सरोवर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी योजनाओं के बारे पूछा।
पीएम आवास के हितग्राहियों से लिया फीडबैक दुर्गा चौक लाडकुई में शिवराज ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से पूछा कि पैसे पूरे मिले? किस्त मिलने में कोई दिक्कत तो नहीं आई? मकान अच्छा बना या नहीं?
हितग्राही ने कहा- पीएम आवास में पैसे कम हैं एक हितग्राही ने कहा कि पैसे तो पूरे मिल गए, लेकिन, कम पड़ रहे। शिवराज ने पूछा कि आपको एक लाख 20 हजार मिले हैं? हितग्राही ने कहा एक लाख 43 हजार मिले हैं। शिवराज ने कहा उसमें शौचालय की राशि भी है। जो मिले वो पूरे मिले हैं। बाकी आपका राशि बढ़ाने का सुझाव है। फिर हितग्राही ने कहा थोड़ा बढ़ाकर ढाई लाख कर दो।
एक हितग्राही ने आवास पर लोगों द्वारा कब्जा करने की शिकायत की। शिवराज ने कहा उसकी जांच कराकर आपकी मदद करेंगे।

आदिवासियों से बुनियादी सुविधाओं, समस्याओं पर चर्चा लाडकुई के शासकीय कन्या शिक्षा परिसर में शिवराज ने आदिवासी वर्ग के हितग्राहियों से पानी, बिजली, शिक्षा, रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा कर फीडबैक लिया। शिवराज ने लोगों के सामने बिजली विभाग के अधिकारियों से सीधे हितग्राहियों की चर्चा कराई और बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए।
स्वच्छता, खेती और जलसंरक्षण पर जोर दिया इस दौरान शिवराज सिंह ने जनता और कई अधिकारियों से बात की। उन्होंने कहा कि मैं विकास का रास्ता आज लाड़कुई को बताने आया हूं, जिसका सबसे पहला कदम होगा स्वच्छ लाड़कुई। जब प्रधानमंत्री झाड़ू उठा लेते हैं, तो अपना घर भी साफ रखना चाहिए । हम जलसंरक्षण और खेती में विकास का भी काम करेंगे, ताकि सही मायनों में फायदा मिल सके।
इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें-
