बिजनेसमैन दिलीप सूर्यवंशी ने भाजपा को दिया 29 करोड़ का चंदा

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क्या चंदे कारण दिलीप बिल्डकॉन में पार्टनर देवेंद्र जैन एवं अन्य अधिकारियों को मिला सीबीआई से अभयदान?

क्‍या दिलीप सूर्यवंशी के 200 करोड़ से खरीदे विधायकों से गिरी थी कमलनाथ सरकार?

विजया पाठक, एडिटर, जगत विज़न
सत्ता का प्रसाद और भागीदारी से कैसे कोई फर्श से अर्श पर पहुंचता है इसका उदाहरण बिजनेसमैन दिलीप सूर्यवंशी। 2003 में बीजेपी की सरकार बनते ही दिलीप सूर्यवंशी के भाग्य बदल गए। कभी छोटे-मोटे ठेके उठाने वाला व्यक्ति कैसे भाजपा सरकार के 18 साल में बिजनस टाईकुन बन गया। इनका उस समय वो रसूख था कि कहा जाता है कि कलेक्टर/एसपी की सूची इनके ऑफिस से फाइनल होती थी। सरकार अगर मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में इनके पूर्ववर्ती प्रोजेक्ट की जांच की गई तो देश का एक बड़ा घोटाला उजागर होगा। यहां तक इनके अनैतिक काम करने के डर से एक ईएनसी ने नौकरी से इस्तीफा देना ही बेहतर समझा था। क्या प्रदेश, क्या देश बड़े-बड़े ठेके दिलीप बिल्डकॉन को मिलने लगे थे। पर कहते हैं हर दिन एक जैसा नहीं होता। सत्ता से बेरुखी के कारण 2019 से इनको व्यापार में घाटा होना चालू हुआ, इनके कुछ प्रोजेक्ट फ़ेल हुए। साथ-साथ इनके कुछ धंधों में अडानी समूह ने दिलचस्पी दिखाना चालू किया था। इसी कड़ी में सीबीआई ने दिलीप बिल्डकॉन के कार्यकारी निदेशक देवेंद्र जैन, जीएम रत्नाकरण साजीलाल, सुनील कुमार, अनुज गुप्ता को हिरासत में लिया। अब जब चारों तरफ़ से परेशानियों में घिरे दिलीप बिल्डकॉन ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को 29 करोड़ का चंदा देकर करीब-करीब अपनी सारी परेशानियों से निजात पा ली है। दरअसल एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की ओर से जारी रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पिछले दो दशकों में फर्श से अर्श पर पहुंचे भोपाल के मशहूर बिजनेसमेन दिलीप सूर्यवंशी अब देश के टॉप 10 दानदाताओं में शामिल हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दिलीप सूर्यवंशी ने भाजपा को पिछले साल में 29 करोड़ रुपए सिर्फ डोनेशन दिया है। खास बात यह है कि दिलीप सूर्यवंशी को भाजपा सरकार की छत्र छाया में काफी फलने फूलने का अवसर मिला। सूत्रों के अनुसार दिलीप सूर्यवंशी ने लंबे समय तक चुनाव और इसके अलावा अन्य कार्यों में काफी आर्थिक सहयोग दिया है।

आखिर किसके सहयोग से गिरी कमलनाथ सरकार
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार जब वर्ष 2020 में जब भाजपा नेताओं ने कमलनाथ की सरकार गिराने की योजना बनाई उस समय खरीदे गए कांग्रसी नेताओं को दी जाने वाली 200 करोड़ रुपए से अधिक की व्यवस्था की गई थी। अब यह रकम किसने कैसे दी, इसकी जांच जरूरी है।

सत्ताधारी बीजेपी को चंदा देने के मामले में देश के टॉप 10 में है दिलीप बिल्डकॉन
पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में सुर्खियों में रहे दिलीप बिल्डकॉन के मालिक दिलीप सूर्यवंशी राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने के मामले में देश के बड़े दानदाताओं में शुमार हो गए हैं। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष देश के राजनीतिक दलों को 2544 करोड़ से ज्यादा चंदा मिला। सबसे ज्यादा 2243 करोड़ भाजपा को मिले, जबकि कांग्रेस को मात्र 281 करोड़ रुपए चंदे के रूप में मिले। रिपोर्ट में 20 हजार रुपए से ज्यादा चंदा देने वालों का जिक्र किया गया है। खास बात यह कि मध्यप्रदेश के चर्चित बिल्डर दिलीप बिल्डकॉन के मालिक सूर्यवंशी देश के सबसे बड़े राजनीतिक चंदा देने वालों की सूची में शामिल हैं।

कुल इतना मिला भाजपा को कुल चंदा
इस वर्ष में भाजपा को जो चंदा मिला वह कांग्रेस, आप, एनपीईपी और सीपीआई (एम) को मिले चंदे से 06 गुना ज्यादा है। राष्ट्रीय दलों को मिले चंदे में 89 फीसदी (करीब 2262 करोड़ रुपए) कॉरपोरेट और व्यावसायिक क्षेत्रों से मिला। इसमें 2064 करोड़ भाजपा को, कांग्रेस को 190 करोड़ रुपए चंदा मिला। 2022-23 की तुलना में 2023-24 में सभी राष्ट्रीय दलों को 1693 करोड का चंदा ज्यादा मिला। पूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने भाजपा को 723.6 करोड़ और कांग्रेस को 156.4 करोड़ रुपए दान दिया। ट्रायम्फ इलेक्टोरल ट्रस्ट ने भाजपा को 127.50 करोड़ रुपए चंदा दिया। दिलीप बिल्डकॉन ने भाजपा को 29 करोड़ और क्रोटेक डेवलपर्स ने 27 करोड़ रुपए का चंदा भाजपा को दिया। दिलीप बिल्डकॉन देश के दस बड़े दानदाताओं की सूची में 9वें नंबर पर हैं। उनका नाम प्रदेश में सड़कें, पुल आदि बनाने को लेकर सुर्खियों में रहा है। डंपर घोटाले में भी दिलीप बिल्डकॉन का नाम सामने आ चुका है।

चंदे का 88 फीसदी भाजपा के हिस्से में
वित्तीय वर्ष 2023-24 में देश के छह राष्ट्रीय दलों को मिले कुल चंदे का 88 फीसदी से ज्यादा 2243 करोड़ रुपए भाजपा को मिले, जो 2022-23 की तुलना में 1524 करोड़ रुपए अधिक है। हालांकि कांग्रेस के चंदे में भी भारी उछाल आया है, वहीं बसपा को एक रुपए का भी चंदा नहीं मिला।

सीबीआई ने की थीं छापेमारी
आरोप है कि दिलीप बिल्डकॉन कंपनी ने NHAI के रीजनल ऑफिसर अकील अहमद को 20 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। इसी सिलसिले में सीबीआई ने दिलीप बिल्डकॉन के नई दिल्ली, बेंगलुरू, कोचिन, गुड़गांव और भोपाल स्थित दफ्तरों में छापे मारे और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया। सीबीआई ने कहा है कि इन जगहों पर की गई कार्रवाई में करीब 4 करोड़ रुपये बरामद किए गए हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। दिल्ली टीम की कार्रवाई के बारे में लोकल पुलिस और CBI भोपाल के अफसरों को भनक तक नहीं लगी।

दिलीप बिल्डकॉन ने हाल में ही खरीदा है एक चार्टर्ड प्लेन
विलासिता में रहने वाले इनके पुत्र रोहन सूर्यवंशी एवं करण सूर्यवंशी पार्टी के भी शौकीन है, इन्होंने इसके लिए अपने होटल ताज लेकफ्रंट में एक सूईट भी बनवाया है। इसी कड़ी में हाल ही में इन्होंने करोड़ों रुपये का चार्टर्ड प्लेन भी खरीदा है। खैर यह प्लेन खरीदे या रॉकेट पर पिछले 20 सालों में जो साम्राज्य खडा हुआ उसकी नींव की जांच बहुत जरूरी है।

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