*आलोक वर्सेज आलोक 20 -20, 2014 वर्सेज़ 2024..?*
*झोला छाप ख़बरी*
*आलोक वर्सेज आलोक 20 -20, 2014 वर्सेज़ 2024..?*
आपने भोपाल के पटीएबाजो के किस्से बहौत सुने होंगे लेक़िन राजनीति की पटिए बाजी औऱ इन पटिए से मिला याराना कभी नही सुना होगा ….?
यही नही राजनीति में दो यारो के किस्से और राजनीतिक पटिएबाजी आज भी भोपाल की गलियों में गुना गुना रही है *यारा तेरी यारी को मैने तो खुदा माना ..*
आज आप जिस आलोक को 2024 में भोपाल के सांसद प्रत्याशी के रूप में देख रहे है और आपने जिस आलोक को 2014 में संसद में चुनकर पहुँचाया उनकी यारी की मिसाल औऱ राजनीति व संजोग भी बिल्कुल ज़िन्दगी के 20-20 मैच की तरह है ….?
एक आलोक बर्रु कट भोपाली है तो दूसरा आलोक भोपाली पुराने भोपाल की पटिए बाजी औऱ सेफिया कालेज से हमीदिया की राजनीति और एक ऐसा याराना की मन मे दादा जी के स्वर औऱ उस कच्चे मकान की वो गहरी नींद जैसे गुनगुना रही हो आज भी *पुरानी जीन्स और गिटार वो मोहल्ले की छत ओ मेरे यार ….? या यू कहे कि यार बिना चेन कहा रे …*
आलोक शर्मा जिनके दादाजी एक उम्दा दर्जे के संगीतकार थे और पिता जी एक शिक्षक , इस पीढ़ी के आलोक शर्मा जो आज भी भोपाल को शहर नही अपना परिवार अपना घर और अपना सब कुछ मानते है ऐसे नेता बहौत काम मिलते है ….
अब बात करते है दो यारो की समानता की 2014 में आलोक।संजर भोपाल से लोकसभा का चुनाव लड़ने मैडन में कूदे औऱ संसद भवन में जनता ने उन्हें पहुँचाया ….
अब इसी सीट से आलोक शर्मा 2024 में चुनाव लड़ रहे है । तो बात दो यारो के पटिए बाजीकी भी होना लाज़मी है ….
आलोक शर्मा और आलोक संजर में फ़र्ख सिर्फ़ 2014 से 2024 का है आलोक शर्मा की माता जी और आलोक संजर की माता जी का जन्मदिन एक ही दिन आता है ..यही नही दोनो के 2 -2 बेटे है जिनमे से एक का नाम भी एक ही है । आलोक शर्मा के गुरु कैलाश जोशी है और आलोक संजर के गुरु कैलाश सारंग है यहाँ भी यारो ने गुरु बाज़ी दिखाई ….?
एक सेफिया कॉलेज से युवा राजनीति में आया तो दूसरा हमीदिया से यही नही दोनो ने शिवराज का हाथ ऐसा थमा की शिवराज ने भी यारो की इस पटीएबाजी में चंगे अस्टे खेले ..?
दोनों जमीनी नेता है भोपाल को शहर नही घर मानते है दोनो एक दूसरे के चुनाव में खड़े रहकर विपक्ष से जंग जितने की ताल ठोकते है …? दो बार संजर पार्षद रहे दो बार शर्मा पार्षद रहे ….?
आजभी इस भोपाल में पटिए बाजो के बीच इस यारी के किस्से सुरमा भोपाली से कम नही ….10 साल पहले आलोक 3 लाख से अधिक वोट से विजय हुए थे और इस बार का आलोक 6 लाख वोट से भी अधिक की ताल भोपाल के ताल के किनारों के पटीयों गूंज संसद में फिर गूंजने की तैयारी में है और इस बार बरु कटेंगे और फिर भोपाल नंबर वन होगा …?
