लायंस क्लब होशंगाबाद आयुष

लायंस क्लब होशंगाबाद आयुष के कार्यक्रम में डॉक्टर मनीषा तिवारी उद्घोषक के रूप में प्रस्तुति दें रहीं थीं तभी लायन सुषमा कुलश्रेष्ठ ने कहा कि ये तो हमारी स्कूल,कालेज में साथ पढ़ी और सरस्वती शिशु मंदिर कटनी में साथ में शिक्षिका रहीं हैं।
फिर क्या था 20 वर्षों बाद दोनों सखियां अपनी यादों में खो गई।
लायंस क्लब होशंगाबाद आयुष की वरिष्ठ सदस्य लायन डॉक्टर मनीषा तिवारी एक सक्रिय उद्घोषक के अलावा स्थापित कवियत्री हैं।
वर्तमान में वह शासकीय गृह विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय नर्मदा पुरम में अध्यापन का कार्य कर रही हैं, मूल रूप से कटनी मध्य प्रदेश की निवासी हैं और एक कवियत्री होने के नाते कई कवि सम्मेलन में सहभागिता कर चुकी हैं। अभी-अभी डॉक्टर मनीषा तिवारी का कविता संग्रह “मन बंजारा” प्रकाशित हुआ है, निश्चित रूप से एक स्त्री की वेदना,उसके अंतर्मन को परिभाषित करते हुए ,उनके सपने ,उनके सपनों के यथार्थ को परिभाषित करते हुए इन कविताओं को बहुत ही खूबसूरत और साधारण शब्दों से लिखा गया ।
इन कविताओं में कहीं ना कहीं प्रश्न है पर उनके साथ समाधान भी ।
आवाज घर प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक निश्चित रूप से पठनीय है और कहीं ना कहीं हृदय के कोने-कोने तक पहुंचने की शक्ति रखती हैं ।
लायन डॉक्टर मनीषा तिवारी को इस भावनाओं के प्रस्फुटन और उनके आलेखन के लिए बहुत-बहुत बधाइयां।
एक जगह वह लिखती हैं ….
खुद को खुद से ही
जंग लड़ना भी जरूरी है
बहुत बिखरी हुई हूं मैं
सिमटना भी जरूरी है ।
दिल में जो रखा पत्थर
वो सांसों पर भारी है
उस पत्थर को शीशे सा * *पिघलना भी जरूरी है
समंदर सा भरा रहता है
आंखों में हरदम ही
उसे दरिया बना आंखों से
बहना भी जरूरी है।
