MP: खजाने की बढ़ी रौनक रवि अवस्थी
पैसा खुदा तो नहीं,लेकिन खुदा से कम भी नहींं…देश की सियासत में एक राजनेता का यह बयान कभी खूब चर्चा का विषय रहा… भले ही जीवन में सब कुछ पैसा न हो लेकिन बहुत कुछ पाने के लिए इसी पैसे की जरूरत होती है…राज्य के विकास के लिए भी सरकारी खजाने पर लक्ष्मी जी की कृपा जरूरी है…और पिछली दीपावली,नवरात्र पर लक्ष्मी खजाने पर मेहरबान रही..इसके चलते मप्र के राजस्व में सिर्फ एक माह में ही 584 करोड़ अधिक राजस्व का उछाल आया..
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धन,दौलत और शोहरत पाने का ख्वाब बुनते हुए हर कोई दिन-रात मेहनत करता है..मप्र के वाणिज्यिक कर विभाग ने भी सरकारी खजाने को भरने के लिए ऐसे ही जतन किए..नतीजे के तौर पर मप्र को अक्टूबर माह में ही जीएसटी से 3646 करोड़ रुपए का राजस्व मिला..जो इसी साल सितंबर की तुलना में 584 करोड़ ज्यादा है..यह दर्शाता है कि बढ़ती महंगाई के बावजूद प्रदेश के आम आदमी की खर्च करने की क्षमता बढ़ी है…
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खजाना भरने सरकारी जतन हुए सफल
नवरात्र,दीपावली पर बढ़ा GST राजस्व
अक्टूबर में GSTसे मिले ₹3646 करोड़
सितंबर 2024 से ₹584 करोड़ ज्यादा
महंगाई के बावजूद बढ़ी पेइंग कैपेसिटी
मप्र का राजस्व है सिर्फ टैक्स आधारित
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राज्य को जीएसटी यानी गुड्स सर्विस टैक्स से मिलने वाले राजस्व में उतार—चढ़ाव एक सामान्य प्रक्रिया है..लेकिन मौजूदा साल में जीएसटी ग्रोथ 5फीसद से अधिक रही..पिछले माह ही सरकार को जीएसटी से 3812 करोड़ रुपए मिले..जो बीते साल नवंबर में मिले जीएसटी राजस्व से 166 करोड़ रुपए अधिक है..मौसम के लिहाज से नवंबर भले ही सर्द रहा हो लेकिन खजाना भरने के मामले में इसने गर्माहट बनाए रखी..
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जीएसटी ने मप्र के खजाने को दी गर्माहट
सर्द नवंबर में भी मिले ₹166 करोड़ अधिक
साल 2024 में 5% से अधिक जीएसटी ग्रोथ
नवंबर में जीएसटी से मिले ₹3812 करोड़
4 माह में ही मिले GST से ₹13,991 Cr.
GST है खजाने की कमाई का बड़ा जरिया
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जीएसटी के अलावा प्रदेश में इंटर स्टेट जीएसटी यानी आईजीएसटी भी खजाने की कमाई का एक बड़ा जरिया है..जो आईजीएसटी के रूप में प्री सेटलमेंट और पोस्ट सेटलमेंट के तौर पर मिलता है..अंतर राज्यीय प्री सेटलमेंट के तहत ही मौजूदा वित्तीय साल में मप्र को 9043 करोड़ रुपए मिले जो बीते वित्तीय साल की तुलना में 6फीसद ग्रोथ के साथ 547 करोड़ ज्यादा हैं..वहीं पोस्ट यानी बाद में होने वाले समायोजित आईजीएसटी में 23 हजार 674 करोड़ रुपए मिले..पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में यह 15 फीसद ज्यादा है,जबकि मौजूदा वित्तीय साल पूरा होने में ही अभी चार माह बाकी हैं
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आईजीएसटी ने भी बढ़ाई खजाने की कमाई
IGST से 11 माह में मिले ₹32,727 करोड़
प्री,पोस्ट सेटलमेंट में 6 व 15% का इजाफा
इंटरस्टेट सप्लाई पर लगता है आईजीएसटी
केंद्र को सीजीएसटी के जरिए होती कमाई
MP में 3.32 लाख GST करदाता पंजीकृत
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टैक्स,सरकार की कमाई का प्रमुख जरिया है..आमजन से कर के तौर पर मिली राशि का उपयोग जनता की भलाई के लिए ही किया जाता है..प्रदेश के विकास में भी कर से मिली रकम का अहम योगदान होता है..केंद्रीयकृत जीएसटी व्यवस्था ने कर चोरी पर भी अंकुश लगाया है..इसके चलते राज्य के खजाने की माली हालत व प्रदेश की जीडीपी में सुधार हुआ…यही पैरामीटर किसी भी राज्य की प्रगति के सूचक हैं…और मप्र इस दिशा में तेज गति से कदम बढ़ा रहा है.
