चुनाव आयोग ने 6 राज्यों के गृह सचिव हटाए:पश्चिम बंगाल के DGP को भी हटाया, विवेक सहाय को कमान; एक से ज्यादा पदों पर थे
चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की घोषणा के दो दिन बाद सोमवार को पश्चिम बंगाल के DGP समेत 7 राज्यों के गृह सचिव को हटा दिया। 6 राज्यों के गृह सचिवों में गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अफसरों का नाम शामिल है। विवेक सहाय को पश्चिम बंगाल का नया DGP बनाया गया है।
आयोग ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) कमिश्नर इकबाल सिंह चहल और मिजोरम के एक IAS अफसर को भी हटाने को कहा है। महाराष्ट्र सरकार ने एक दिन पहले चुनाव आयोग से BMC कमिश्नर को तबादले से छूट देने की अपील की थी। हालांकि, ECI ने ये अपील खारिज कर दी।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू की सोमवार दोपहर में बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उनके पास संबंधित राज्यों में मुख्यमंत्री कार्यालय में दोहरे प्रभार थे।
अब पढ़िए हटाए गए अफसरों के बारे में…








बंगाल के DGP ममता के करीबी, CBI ने पूछताछ की तो CM धरने पर बैठ गईं
पश्चिम बंगाल के DGP राजीव कुमार पहले भी विवादों में रहे हैं। शारदा चिटफंड घोटाले से जुड़े केस में CBI की टीम 3 फरवरी 2019 को कुमार के घर पूछताछ करने के लिए गई थी तो टीम को रोका गया था। मुख्यमंत्री बनर्जी ने केंद्र सरकार पर विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। वे धरने पर बैठ गई थीं। कुमार उस वक्त कोलकाता के पुलिस आयुक्त थे।
इसी मामले में अदालत के आदेश के बाद, उनसे मेघालय के शिलांग में सीबीआई ने पूछताछ की थी। राजीव कुमार के पहले भी राज्य में 2016 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान डीजीपी को हटाया गया था।

TMC ने कहा- भाजपा ने केंद्रीय एजेंसियों का कंट्रोल अपने हाथ में लिया
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने DGP को हटाए जाने की कार्रवाई को गलत बताया। उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि BJP चुनाव आयोग समेत कई संगठनों को हथियाने की पूरी कोशिश कर रही है।
उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है। लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद आज जो हुआ वह भाजपा का आईना है। BJP चुनाव आयोग के कामकाज को हथियाने और उन पर नजर रखने की पूरी कोशिश कर रही है।
