भोपाल में 25% बढ़ सकता है सब्जियों का रकबा

इस साल भोपाल में हुई 65 प्रतिशत ज्यादा बारिश ने खेतों में खुशहाली फैला दी। भोपाल में सब्जियों का रकबा लगभग 25% बढ़ जाएगा। इस कारण सब्जियों की पैदावार भी 25% ज्यादा होगी। इसका घरों की रसोई तक असर यह होगा कि सब्जियों के दाम अगले 2 महीने तक स्थिर बने रह सकते हैं। इनमें ज्यादा बदलाव होने के आसार नहीं है।
उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक आरके सगर बताते हैं कि भोपाल में 2023-24 में सब्जी का रकबा 11800 हेक्टेयर था। इस साल यह लगभग 3000 हेक्टेयर बढ़ जाएगा। रकबा बढ़ने से पैदावार में भी इजाफा होगा। इससे बाजार में आवक बढ़ेगी तो दाम ज्यादा नहीं बढ़ सकेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति के पूर्व सदस्य एवं हॉर्टिकल्चर एग्रीकल्चर एक्सपर्ट योगेश द्विवेदी बताते हैं कि ज्यादा बारिश के कारण जमीन में अच्छी नमी थी। नवंबर से ही ठंड अच्छी पड़ी। यह मौसम अभी तो सब्जियों की फसल के लिए फायदेमंद रहा। इसी कारण रकबे में इजाफा हुआ है।
यदि दिसंबर, जनवरी में ज्यादा ठंड पड़ी तो दिक्कत हो सकती है। थोक व्यापारी हरिओम खटीक बताते हैं, अभी आवक अच्छी हो रही है। दाम भी स्थिर हैं। एक-दो महीने तक यही ट्रेंड बना रह सकता है। मतलब यह है कि दाम में ज्यादा बदलाव आने की संभावना कम है।
व्यापार के ट्रेंड में बदलाव से बाजार पर पड़ा असर
- ज्यादातर किसान खेत से ही माल बेचने लगे हैं। व्यापारी गाड़ियों से माल शहर तक लाते हैं। इसमें भाड़ा, बारदाना और मजदूरी जुड़ जाती है। इस कारण व्यापारियों की तरफ से रेट भी बढ़ जाते हैं।
- होशंगाबाद से मिर्ची सिर्फ भोपाल की मंडियों तक ही पहुंच पाती थी। अब भोपाल इंदौर के अलावा कई शहरों के व्यापारी सीधे होशंगाबाद पहुंचकर माल खरीद लेते हैं। इस कारण लोकल मार्केट में आवक कम हुई तो रेट कम नहीं हो पाते।

