मुरैना में मकान में रखे पटाखों में हुआ था विस्फोट

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मुरैना में 25 नवंबर की आधी रात को दो मंजिला मकान में हुए विस्फोट मामले में पुलिस ने मान लिया है कि विस्फोट मकान में रखे पटाखों के कारण हुआ था। पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इनमें से 5 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

पुलिस ने इन 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया

  • आकाश राठौर पिता मुंशीलाल राठौर
  • पंकज उर्फ पुष्पराज पिता रामकिशोर राठौर
  • कृष्णा राठौर पिता श्रीनिवास राठौर
  • सद्दाम हुसैन पिता शौकीन उर्फ पप्पू खान
  • भूरी खान पति शौकीन उर्फ पप्पू खान
  • शौकीन उर्फ पप्पू खान
  • लल्ला उर्फ इकबाल पिता मुंशी खान
  • राहुल बंसल पिता ओम प्रकाश बंसल

सद्दाम और उसके परिवार के लोग बनाते थे पटाखे पुलिस ने इनमें से आकाश राठौर, पंकज उर्फ पुष्पराज राठौर, कृष्णा राठौर, सद्दाम हुसैन और राहुल बंसल को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि भूरी खान, शौकीन उर्फ पप्पू खान और लल्ला उर्फ इकबाल अभी पुलिस गिरफ्त से दूर है। आरोपी सद्दाम, उसकी मां भूरी खान, पिता शौकीन खान और रिश्ते में भाई लल्ला एक ही परिवार के है। ये शहर के इस्लामपुरा इलाके में रहते हैं। सद्दाम और उसके परिवार के लोग पटाखे बनाने का काम करते थे।

आरोपी आकाश राठौर ने अपने घर में पटाखे रखे थे। उसी के घर में विस्फोट हुआ है। पंकज राठौर, कृष्णा राठौर और राहुल बंसल पर आकाश के साथ मिलकर पटाखे बेचने का आरोप है।

मुरैना में पुलिस ने विस्फोट मामले में 8 लोगों पर केस दर्ज किया है। इसमें से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मुरैना में पुलिस ने विस्फोट मामले में 8 लोगों पर केस दर्ज किया है। इसमें से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मलबे के ढेर से देसी पटाखों के खोखे मिले मुरैना की राठौर कॉलोनी में ब्लास्ट से चार मकान मलबे के ढेर में बदल गए। हादसे में चार महिलाओं की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मलबे के ढेर से देसी पटाखों के खोखे मिले हैं। इसका VIDEO भी सामने आया है।

उधर, जिस मकान में ब्लास्ट हुआ, उसके मालिक मुंशी राठौर के पोते रोहित राठौर का कहना है कि बिल्डिंग को इस्लामपुरा निवासी सद्दाम ने जूते-चप्पल का गोडाउन बनाने के लिए किराए पर लिया था। वह गोदाम में क्या रख रहा था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।

सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब साढ़े 12 बजे हुए हादसे में वैजयंती, उसकी बेटी विमला सहित पड़ोस में रहने वाली देवरानी-जेठानी पूजा और विद्या राठौर की भी मौत हो गई। पूजा और विद्या के शव रात में ही मिल गए थे। वहीं. मां-बेटी के शव 11 घंटे बाद निकाले जा सके। परिजन का कहना है कि मलबे से अभी भी बारूद की गंध आ रही है। सरियों पर भी बारूद लगा दिख रहा है।

VIDEO में स्थानीय लोगों ने दिखाए देसी पटाखे हादसे के कुछ देर बाद ही शूट किया गया एक VIDEO भी सामने आया है। इसमें स्थानीय लोग ब्लास्ट को लेकर चर्चा करते हुए देसी पटाखों के खोखे दिखा रहे हैं। साथ ही कह रहे हैं कि इन्हीं पटाखों के बारूद से इतना बड़ा धमाका हुआ है।

ब्लास्ट में जान गंवाने वाली पूजा के ससुर वासुदेव सिंह राठौर का कहना है कि बारूद के जलने की महक आ रही थी। सरियाें के ऊपर बारूद जलने के निशान भी हैं। जरूर इस गोदाम में बारूद रखा होगा, वरना इतना बड़ा धमाका नहीं हो सकता था।

मृतकों के परिजन को दो-दो लाख की सहायता

​​​​​​सिंघार बोले- सरकार की लापरवाही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मामले में सरकार और प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने X पर लिखा- ये हद दर्जे की लापरवाही है, जिसका कारण प्रशासन की कमजोरी है।

दो एलपीजी सिलेंडर सही सलामत मिले मलबे से दो एलपीजी सिलेंडर सही सलामत निकाले गए हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मकान में रखे पटाखों में विस्फोट हुआ है। हालांकि, पुलिस अभी इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है।

इस मामले में चंबल रेंज के आईजी सुशांत कुमार सक्सेना का कहना है कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। मामले की जांच की जा रही है। फॉरेसिंक रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। शीघ्र ही मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

राठौर मोहल्ले में जिस जगह ब्लास्ट हुआ था, वहां जूते-चप्पल का गोदाम होने की बात कही गई है।
राठौर मोहल्ले में जिस जगह ब्लास्ट हुआ था, वहां जूते-चप्पल का गोदाम होने की बात कही गई है।

जूते-चप्पल का गोदाम बनाने किराये पर लिया था मकान मुंशी राठौर के पोते रोहित राठौर का कहना है कि मकान के जिस हिस्से में ब्लास्ट हुआ है, उसे सद्दाम ने किराए पर ले रखा था। ब्लास्ट के बाद सद्दाम घर पर ताला डालकर परिवार के साथ कहीं चला गया है। उसके मिलने के बाद ही पता चल सकेगा कि उसने गोडाउन में क्या रखा था?

रोहित ने बताया कि इस मामले में जल्द पुलिस से मिलेंगे।

हादसे के बाद परिजन को खोने वाले लोगों को संभालना मुश्किल हो गया था।
हादसे के बाद परिजन को खोने वाले लोगों को संभालना मुश्किल हो गया था।

करीब 24 घंटे बंद रही बिजली, लोग होते रहे परेशान राठौर कॉलोनी में ब्लास्ट के बाद पुलिस-प्रशासन, नगर निगम और एसडीईआरएफ की टीमों ने रात में ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया था। जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से मलबा हटाया गया। रात में ही बिजली सप्लाई को बंद कर दिया गया था, जो मंगलवार की रात 10 बजे तक शुरू नहीं हो सकी थी।

रहवासियों का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो जाने के बाद भी बिजली शुरू नहीं की गई, जिससे काफी परेशानी हुई।

इस्लामपुरा में पुलिस की दबिश, दो महीने पहले ब्लास्ट हुआ था मुरैना के इस्लामपुरा में भी करीब दो महीने ब्लास्ट हुआ था। इसमें चार मकान पूरी तरह से मलबे के ढेर में तब्दील हो गए थे। अभी तक फॉरेसिंक रिपोर्ट नहीं आने के कारण यह पता नहीं चल सका है कि यह ब्लास्ट कैसे हुआ था। हालांकि, यहां पर भी लोगों ने बारूद में विस्फोट होना बताया था। इसके साथ ही पटाखों के अवशेष भी मिले थे।

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