यादव सरकार की संवेदनशीलता रवि अवस्थी

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मप्र में पिछले पांच साल में वन्यप्राणियों के हमले में 292 से अधिक लोगों की मौत हुई,लेकिन असमय जान गंवाने वालों के परिजनों को महज 8-8लाख रुपए की मदद ही मिल सकी..मप्र की मोहन सरकार ने इसे बढ़ाकर अब तीन गुना से अधिक किया है…
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बीते वित्तीय वर्ष यानी साल 2023-24 से गत अक्टूबर तक मप्र में करीब 15 करोड़ की सहायता उन परिवारों को दी गई जिनके परिजन वन्यप्राणी के हमले में मारे गए या घायल हुए..इन प्रकरणों में अधिकतम 8—8लाख रुपए की सहायता ही पीड़ित परिवार को मिल सकी..लेकिन प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार ने यह सहायता राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी है..इसमें दस लाख रुपए पीड़ित परिवार को तत्काल दिए जाएंगे…जबकि शेष 15 लाख रुपए दस सालों के लिए संबंधित के बैंक खाते में सवधि जमा किए जाएंगे..यानी एफडी मेच्योर होने पर इस राशि में और अधिक बढ़ोत्तरी होगी..सरकार की मंशा यही कि पीड़ित परिजन की अधिकाधिक मदद हो सके..
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वन्य जीव हमले से मृत्यु पर तीन गुना मुआवजा
मप्र सरकार देगी 25 लाख रुपए की सहायता
10लाख रु.नकद मिलेंगे,15 लाख की होगी FD

वर्तमान में 8 लाख रु.की सहायता का प्रावधान
हमले में सालाना मारे जाते हैं औसतन 40 लोग
पांच सालों में 292 से अधिक लोगों की हुई मौत

बीते वित्तीय वर्ष में दी गई 15 करोड़ की मदद
मुआवजा देने में महाराष्ट्र के बराबर आया मप्र
छत्तीसगढ़ में सिर्फ जनहानि पर 6 लाख रुपए

उप्र में मौत पर 5 लाख,अपंगता पर 4 लाख
गुजरात में भी 5लाख व दो लाख का प्रावधान
महाराष्ट्र:मौत पर 25 लाख,अपंगता पर 7.5लाख
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जीवन अमूल्य है..इसका कोई मुआवजा नहीं हो सकता..लेकिन हादसे में असमय हुई मौत संबंधित के परिवार पर किसी बज्रपात से कम नहीं होती..पीड़ित परिवार यदि गरीब है तो यह पीड़ा और भयावह होती है..ऐसे ही मामलों में सरकार मृतक के आश्रित की मदद कर उसे संबल प्रदान करती है..लेकिन यह राशि सम्मानजनक हो..वन्य प्राणियों की मौत के मामले में मुआवजा राशि को 8लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए किया जाना मप्र की डॉ मोहन यादव सरकार की संवदेनशीलता का एक और बड़ा उदाहरण है..खास बात यह कि इसमें 15 लाख रुपए की एफडी की जाएगी ताकि पीड़ित परिवार को इसका दीर्घकालीन लाभ मिले..।

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