गूगल की मदद से ढूंढी बच्ची की लाश
इंदौर में 23 नवंबर को घर से लापता हुई बच्ची का शव सोमवार सुबह नाले में मिला। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में बताया गया कि बच्ची की मौत पानी में डूबने से हुई है। सीसीटीवी फुटेज खंगालते समय पुलिस को बच्ची के नाले में होने का शक हुआ था। इसके बाद जेसीबी से नाले को साफ कराया गया। कचरा बाहर निकलने के बाद बच्ची का शव मिला।
6 साल की लक्षिका को ढूंढने के लिए पुलिस ने गूगल की मदद ली। कॉलोनी का नक्शा बनाया और 60 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को देखा। एक-एक कड़ी जोड़कर पुलिस नाले तक पहुंची। पुलिस ने इस ऑपरेशन को कैसे अंजाम दिया, लीड कहां मिली, बच्ची का शव पानी में फूलकर ऊपर क्यों नहीं आया…पढ़िए, रिपोर्ट


इस तरह चला पुलिस इन्वेस्टिगेशन
कॉलोनी के अंदर-बाहर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले मासूम के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद से ही पुलिस एक्शन में आ गई थी। लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटानी शुरू की गई। गूगल की मदद से शिव सागर कॉलोनी का नक्शा निकाला गया। नक्शा मिलने के बाद पुलिस ने कॉलोनी में उन इमारतों को मार्क करना शुरू किया, जहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।
कॉलोनी की 36 बिल्डिंग्स में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। कॉलोनी से बाहर जाने के तीन रास्ते हैं। पुलिस ने इन तीनों रास्तों और उसके आगे जा रही सड़कों के सीसीटीवी फुटेज निकाले। कुल मिलाकर पुलिस ने 60 से ज्यादा जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

जेसीबी की मदद से नाला साफ कराया, तब दिखा शव फुटेज मिलने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी- इन फुटेज में लक्षिका की तलाश। पुलिस ने एक-एक फुटेज को पांच से छह बार देखा। फुटेज देखने के लिए स्क्रीन पर छोटे-छोटे बॉक्स बनाए। हर बॉक्स को जूम करके देखा गया।
पुलिस को कुछ फुटेज में बच्ची की मूवमेंट मिली। गार्डन के पास लगे सीसीटीवी से मिले फुटेज में बच्ची का मूवमेंट साइड में नजर आया। इसके बाद पुलिस की तलाश गार्डन के पास नाले पर आकर पहुंची।
एसीपी रुबीना मिजवानी ने बताया-
नाले में थर्माकोल का कचरा काफी मात्रा में था। एसडीईआरएफ की टीम भी यह कह चुकी थी कि बच्ची यहां नहीं होगी। कचरा साफ करने के लिए दो जेसीबी बुलवाईं। थर्माकोल के टुकड़े पानी के ऊपर ही तैर रहे थे। काफी कचरा साफ किया गया। इसके बाद हमें बच्ची का शव मिला।

तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया पोस्टमार्टम एसीपी मिजवानी ने बताया कि शव मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन डॉक्टरों के पैनल से जिला अस्पताल में बच्ची का पीएम कराया गया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में सामने आया है कि डूबने से ही बच्ची की मौत हुई है। असॉल्ट के कोई निशान नहीं मिले हैं।

अब दो बड़े सवालों के जवाब
1. बच्ची का शव फूला क्यों नहीं परिजन का आरोप था कि अगर बच्ची डूबी तो शव फूला क्यों नहीं? इसके जवाब में एसीपी मिजवानी ने बताया कि इस बारे में भी डॉक्टरों से बात की गई। डॉक्टरों का कहना है कि 48 घंटे बाद ही बॉडी डीकंपोज होनी शुरू होती है। सर्दी में इससे भी ज्यादा समय लगता है। हमने शव 48 घंटे पहले ही बरामद कर लिया, इसलिए वह फूला नहीं था।
2. शव ऊपर क्यों नहीं आया एसीपी ने बताया कि नाले के ऊपर थर्माकोल का कचरा जमा था। एक वजह यह भी हो सकती है, जिसकी वजह से शव ऊपर नहीं आया होगा। बच्ची ठीक से बोल नहीं सकती थी। जब वह पानी में गिरी होगी तो वह चिल्लाई भी होगी लेकिन उसकी आवाज कोई सुन नहीं पाया होगा।
