10 हाथियों की मौत के बाद दूसरे राज्यों की स्टडी

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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत हुई थी। - Dainik Bhaskar
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत हुई थी।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत के बाद अब एमपी सरकार उन राज्यों में हाथियों के रहन-सहन और प्रबंधन की स्टडी कराएगी, जहां इनकी संख्या अधिक है।

इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर तमिलनाडु और कर्नाटक में दो अलग-अलग टीमों को भेजा जा रहा है। ये टीमें 30 नवंबर तक इन राज्यों में अलग-अलग विजिट करेंगी और वन विभाग को रिपोर्ट देंगी। इसके बाद आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

प्रदेश में जंगली हाथियों के रहवास, प्रबंधन और मानव-वन्यजीव द्वंद्व के उपायों के संबंध में एमपी के वन अधिकारियों का अध्ययन दल कर्नाटक और तमिलनाडु जाएगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव) और मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक वीएन अंबाड़े ने इसके निर्देश जारी किए हैं। अंबाड़े ने बताया कि यह अध्ययन दल 30 नवंबर तक इन राज्यों में रहेगा। अध्ययन दल मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन रणनीति, प्रभावी अवरोध, बंदी प्रबंधन, सामुदायिक सहभागिता और एआई के उपयोग पर अध्ययन करेगा।

ये जाएंगे स्टडी टीम में शामिल होकर

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव) अंबाड़े ने जिन अधिकारियों को स्टडी के लिए भेजने को कहा है, उनमें क्षेत्र संचालक संजय टाइगर रिजर्व, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, कान्हा टाइगर रिजर्व और वन मण्डलाधिकारी उत्तर शहडोल, उमरिया, पश्चिम मण्डला, पूर्व मण्डला, सीधी, दक्षिण शहडोल, कटनी और अनूपपुर वन मण्डल शामिल हैं।

अंबाड़े ने बताया कि राज्य वन अधिकारियों के दो बैच इस अध्ययन दौरे पर जाएंगे, जिसमें कर्नाटक और तमिलनाडु राज्य शामिल हैं।

दो बैच जाएंगे स्टडी के लिए

दोनों बैचों के लिए एपीसीसीएफ वाइल्डलाइफ एल. कृष्णमूर्ति समन्वयक होंगे। पहले अध्ययन दल का दौरा 23 नवंबर तक चलेगा, जिसमें टीम प्रभारी आईएफएस अमित कुमार दुबे और फील्ड डायरेक्टर संजय टाइगर रिजर्व होंगे।

इनके साथ उप संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, डीएफओ शहडोल उत्तर, उमरिया, मण्डला पश्चिम और सीधी वन संभाग के एक-एक रेंज अधिकारी, कान्हा, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, शहडोल उत्तर, उमरिया, मण्डला पश्चिम और सीधी वन संभाग, और पशु चिकित्सक संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारी इस पहले बैच में शामिल रहेंगे।

दूसरा टीम 25 से 30 नवंबर तक दौरे पर रहेगी

दूसरे अध्ययन दल का दौरा 25 से 30 नवंबर तक रहेगा। इसमें टीम प्रभारी डॉ. अनुपम सहाय आईएफएस और फील्ड डायरेक्टर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व होंगे। इस दल में डिप्टी डायरेक्टर संजय टाइगर रिजर्व, कान्हा टाइगर रिजर्व बफर, डीएफओ शहडोल दक्षिण, मण्डला पूर्व, कटनी, अनूपपुर वन संभाग, एडीजी संजय टाइगर रिजर्व, एसडीओ शहडोल दक्षिण, मण्डला पूर्व, कटनी, अनूपपुर वन संभाग, एक-एक रेंज अधिकारी संजय टाइगर रिजर्व, शहडोल दक्षिण, मण्डला पूर्व, कटनी, अनूपपुर वन संभाग और पशु चिकित्सक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व शामिल रहेंगे।

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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत के बाद वन विभाग ने वन्य प्राणी क्षेत्रों में गश्त तेज करने और अवैध शिकार करने वालों पर कार्रवाई के लिए ऑपरेशन ‘वाइल्ड ट्रैप’ चलाने का फैसला किया है।

यह अभियान 1 दिसंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक चलेगा। अभियान के तहत जांच दल के अधिकारी हर 15 दिन में अपने एरिया की गश्त से संबंधित रिपोर्ट सौंपेंगे। वन विभाग ने यह भी कहा है कि जिन क्षेत्रों में गश्त नहीं होगी, वहां के काम का रिव्यू कर कार्रवाई की जाएगी।

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