माधव क्लब में हो रही अश्लीलता गरबा नहीं हो सकती।
माधव क्लब में हो रही अश्लीलता गरबा नहीं हो सकती।
क्या नगर के प्रतिष्ठित ऒर साधन संपन्न धनानंदों को धर्म ओर संस्कृति से कुछ लेना देना नही है।
माधव क्लब उज्जैन में हो रहे गरबा आयोजन से जुड़े उज्जैन के ऎसे प्रतिष्ठित लोग जिनमें से कई बडे़ बडे़ उद्योगपति है, बड़े-बड़े व्यवसायी हैं, कुछ लोग प्रमुख राजनीतिक दलों के भी हैं, बड़े प्रशासनिक अधिकारी भी हैं।
इन्हीं में से कई लोग वर्ष में बड़े धार्मिक आयोजन जैसे कथा, भागवत, भंडारा इत्यादि के बड़े-बड़े आयोजन भी करते हैं।
कुछ व्यक्ति विशेष तो ऐसे भी हैं जो स्वयं को परम वैष्णव एवं कृष्ण भक्त के रूप में विभिन्न वैष्णव धार्मिक परंपराओं का निर्माण भी करते हैं,
इन्हीं में से कई लोग बड़े-बड़े विद्वत संतों महंतों और बड़े बड़े नेताओं से भी जुड़े होंगे।
बड़े-बड़े बल-अहंकारी भी होंगे, बड़े रसूखदार भी होंगे।
“तो क्या समरथ को न दोष गोसांई” पंक्ति को आधार मानकर इन्हें जो करना हॆ वह करने देवें?
हिन्दू समाज मॊन रहे?
नहीं! यह नहीं चलेगा । यह लोग भी इसी हिंदू समाज का हिस्सा है जिस हिंदू समाज में गैर संस्कृतिक गरबा एवं अश्लीलता को लेकर विगत कई दिनों से एक स्वस्थ और शुद्ध विमर्श चल रहा है। इसलिए समाज के प्रतिष्ठित वर्ग से होने के कारण इन्हें अपना कर्तव्य बोध होना अति आवश्यक है।
विगत दिवस दिनांक 4/10/2024 को माधव क्लब उज्जैन में गरबा के स्थान पर अश्लीलता और फुहड़ता को परोसा गया। jasleen_matharu नाम की एक bigboss प्रतियोगी को बुलाया गया जिसकी “पार्टी कल अश्लीलता के साथ शुरू हुई और फुहड़ता के साथ बंद हुई।
धर्म, संस्कृति, शालीनता, सुचिता, माता की उपासना आध्यात्म, साधना नाम के शब्द कचरे की तरह बिखरे पड़े थे। जिन्हें अधर्मी नर पिशाचों के पैरों में रोंदा जा रहा था।
उत्सुकता की बात तो यह है कि यह सब बाबा महाकाल की धार्मिक तीर्थ नगरी उज्जैन जहां भगवान कृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की, जहां भगवान राम के पिता की अस्थियां विसर्जित की गई, जहां महादानी कर्ण का अंतिम संस्कार किया गया, जहां न्यायप्रिय चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य द्वारा शासन किया गया, सम्राट अशोक जहां का राज्यपाल था, जहां कवि कालिदास जैसे विद्वानों ने जन्म लिया वहाँ हो रहा था।
सुख समृद्धि और ऐश्वर्य की बहुलता यदि मनुष्य में अधर्म लेकर आए तो ऐसे मनुष्य को राक्षक कहा जाएगा।
और ऐसे अधर्म का पूरी निडरता के साथ प्रतिकार करने वाला प्रत्येक व्यक्ति धर्मवीर कहलाएगा।
इसलिए न कोई राजनॆतिक दल, न कोई हिन्दूवादी संगठन, न कोई व्यक्ति विशेष बनकर नहीं केवल हिन्दू बनकर ऎसे अश्लील ऒर संस्कृति विरोधी कार्यक्रम बंद कराने के लिए पूरी संख्याबल के साथ रात्री 7.30 बजे समय पर माध्व क्लब पहुंचकर अपनी हिन्दू निष्ठा का परिचय दे।
माधव क्लब के कुछ प्रमुख लोगों के संपर्क-
085178 44444,9425195755,9425091309
नोट- इस मेसेज को ही अंतिम सूचना मानकर समग्र हिन्दू समाज के सामुहिक विरोध में सभी यथा पहुंचे।
