अब CM हाउस से नहीं भगाते, खट्टर से अच्छे नायब

0
Spread the love

‘खट्टर से तो नायब ही बेहतर हैं। खट्टर के समय तो हम CM हाउस के अंदर घुस भी नहीं सकते थे। वो कभी नहीं मिलते थे। उनका OSD भी बात नहीं करता था, लेकिन पिछले डेढ़ महीने में हम 5 बार CM हाउस होकर आए हैं। टाइम न हो तब भी नायब भले 5 मिनट के लिए मिलें, पर मिलते जरूर हैं। चाय-नाश्ता कराते हैं। विधायक-सांसद बने तब भी नायब हमारे घर में शादी-ब्याह में भी आते थे।’

अंबाला के मिर्जापुर माजरा गांव में रहने वाले सेना के पूर्व सूबेदार सुरजीत सिंह हरियाणा के मुखिया से खुश हैं। वो नायब सिंह के बारे में ऐसे बात करते हैं, जैसे- कोई उनके परिवार का ही CM बन गया हो। नायब के गांव मिर्जापुर माजरा में उनकी तारीफ के कसीदे पढ़ने वालों में सुरजीत अकेले नहीं हैं। उन्हें चाहने वालों का ये सिलसिला रुकता ही नहीं है।

हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए 5 अक्टूबर को एक फेज में वोटिंग होनी है। राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गांव मिर्जापुर माजरा में चुनावी मूड कैसा है। ये जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम यहां पहुंची। उनकी सहजता और मिलनसार स्वभाव की चर्चा पूरे गांव में है।

हरियाणा के हिसार में नए बने महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट पर PM नरेंद्र मोदी ने चुनावी कार्यक्रम किया। हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी भी साथ मौजूद रहे।
हरियाणा के हिसार में नए बने महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट पर PM नरेंद्र मोदी ने चुनावी कार्यक्रम किया। हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी भी साथ मौजूद रहे।

शुरुआत नायब के गांववालों की बात से… MLA बने तो लगा पूरा गांव बन गया, अब CM बन गया अंबाला के मिर्जापुर माजरा गांव में जाट, सिख, हरिजन और सैनियों की आबादी है। गांव की हर कम्युनिटी और जाति के बीच नायब बराबर लोकप्रिय हैं। गांव में हमारी मुलाकात मंजीत सिंह से हुई। नायब से करीब 3-4 साल बड़े मंजीत गांव के गुरुद्वारे में सेवादार हैं।

नायब के बारे में एक किस्सा सुनाते हुए वे कहते हैं, ‘1980-82 की बात होगी। मैं और नायब खेत में बैठे थे। वो क्लास में मेरा जूनियर था। मैंने उससे पूछा कि नायब तुम्हारे कामकाज का क्या हुआ, कहीं नौकरी पक्की हुई? तो जवाब मिला- हां, वाजपेयी जी और आडवाणी जी से मुलाकात हुई है। शायद मुझे पार्टी दफ्तर में काम पर रख लें।

काम के बारे में पूछने पर नायब जवाब देते हैं- मैंने भी पूछा था, वही दरी बिछाने और साफ-सफाई का काम होगा और क्या?’

मंजीत खुश होते हुए कहते हैं, ‘राजनीति में जाने के बाद वो जब भी गांव आता, तब हम पूछते थे कि भाई नायब हमारे गांव के लिए टिकट कब ला रहे हो। हमने ये कभी नहीं पूछा कि तुम्हें कब टिकट मिलेगा, तुम कब MLA बनोगे। नायब बहुत अच्छा लड़का था, उसने पूरे गांव का सिर ऊंचा कर दिया। वो जब MLA बना तो लगा पूरा गांव बन गया। अब CM बना तब भी।

वे आगे कहते हैं, ‘नायब जब सांसद बना तो मैंने उससे कहा- अब तो PM की कुर्सी की तरफ बढ़ गया। उसने बस हंसते हुए जवाब दिया- महाराज की कृपा है।’

इसके बाद हम प्रियंका सैनी से मिले। खुद को रिश्ते में नायब की छोटी बहन कहने वाली प्रियंका गर्व से बताती हैं, ‘उनके और मेरे पापा आपस में चाचा-ताऊ हैं। मैं उनकी छोटी बहन हूं।’ राजनीति में जाने के सवाल पर वो कहती हैं, ‘नहीं, मैं टीचर बनना चाहती हूं।’ प्रियंका भाई के CM बनने से खुश हैं और कहती हैं, ‘जब दोबारा CM बन जाएंगे तो मैं उनसे मिलने CM हाउस जरूर जाऊंगी।’

इसके बाद हम यहां की दलित बस्ती पहुंचे। वहां हमें पूर्ण चंद मिले। CM नायब के बारे में पूछने पर वे भरोसे के साथ कहते हैं, ‘अभी फोन मिलाऊंगा तो उठा लेंगे। नहीं उठा पाए तो कॉल करेंगे। वो जब भी गांव आते हैं तो हमारी बस्ती में जरूर आते हैं। शादी-ब्याह कामकाज में खुद आते हैं। खुद न आ पाएं तो अपने भाइयों को भेजते हैं।’

नायब के ताऊ बोले- उसे ईमानदारी और मेहनत का फल मिला नायब सिंह सैनी का घर भी भारतीय घरों के लिए मिसाल है। गांव में एक बड़े से कैम्पस में 5 घर बने हैं। तीन घर नायब के ताऊ-चाचा के बेटों के हैं। बाकी दो घर CM नायब और दूसरा उनके भाई चंदन के हैं। तीनों घरों का मेन गेट एक ही है। घर में हमारी मुलाकात नायब सिंह के ताऊ तेजा राम से हुई। उनके भाई पिछले कई दिनों से लाडवा सीट में नायब सिंह के लिए प्रचार कर रहे हैं।

ताऊ तेजा राम कहते हैं, ‘इस घर में अगर कोई शेर का बच्चा है तो मैं ही हूं।’ अपनी उम्र बताते हुए कहते हैं, ‘1 कम 100 का हूं। एक भी पूरा कर ही लूंगा।’ हमने जब उनसे नायब सिंह सैनी के बारे में बातचीत शुरू की, तो ताऊ कहते हैं, ‘वो मेहनत करके आगे बढ़ा है।’

नायब आपकी सेवा करते हैं? जवाब में ताऊ कहते हैं, ‘बहुत दिनों से नहीं आया। अब सेवा क्या करेगा। प्रणाम करता है। हालचाल लेता है। जब CM बना था तो मुझसे आशीर्वाद लिया था। मैंने कहा था- ‘खूब आगे बढ़ो। मेहनत करना, ईमानदारी बनाए रखना।’

राजनीति को लेकर वे कहते हैं, ‘राजनीति अच्छी भी है और बुरी भी है। झूठ-सच बोलना पड़ता है, लेकिन नायब ने मेहनत की, उसी से आगे बढ़ा। नायब को हमने कभी बदमाशी करते नहीं देखा। वो ईमानदार है।’ नायब बचपन में कैसे थे? ताऊ तपाक से जवाब देते हैं, ‘शरीफ और मेहनती थे। हमारे सभी बच्चे ठीक हैं। ये तो CM बन गया, लेकिन घर में 2-3 अधिकारी भी हैं।’

भतीजे के लिए प्रचार करने लाडवा नहीं गए? वे हंसते हुए जवाब देते हैं, ‘मैंने तो कहा था, मुझे ले चलो, लेकिन सबने कहा- वहां जाकर क्या करोगे। बहुत भीड़ होगी। थक जाओगे, तबीयत खराब हो जाएगी। यहीं रुक कर सबसे मिलो।’

नायब बोले- BJP की सरकार बन रही, हमारे पास बड़ी उपलब्धियां चुनाव प्रचार के दौरान हमारी मुलाकात CM नायब सिंह सैनी से भी हुई। वो पार्टी की जीत को लेकर आश्वस्त दिखे। नायब सिंह ने कहा, ‘पूरे मेंडेट के साथ BJP की सरकार बन रही है। 10 साल में हमारी एक से बढ़कर एक उपलब्धियां हैं।

हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां सरकार किसानों की 24 फसलें MSP पर खरीद रही है। हम 500 रुपए में बहनों को गैस सिलेंडर दे रहे हैं।’ चुनाव से ऐन पहले CM बदलने की वजह पूछने पर नायब का अंदाज थोड़ा बदला दिखा। उन्होंने थोड़े रूखेपन से कहा, ‘ये पार्टी का फैसला है।’

नायब सिंह के मिलनसार स्वभाव का पूरा गांव मुरीद इसके बाद हम मिर्जापुर माजरा के ही बलविंदर सिंह से मिले। वे नायब सिंह के बारे में पूछने पर एक किस्सा बताते हैं, ‘नारायण गढ़ में कुछ दिन पहले चुनाव प्रचार के लिए नायब रैली कर रहे थे। मैं भी उसी रास्ते से गुजर रहा था। वे पैदल थे। मैंने भीड़ में घुसकर उनका हाथ पकड़ लिया। मैं उन्हें किसी से मिलवाना चाहता था। उन्होंने उससे मुलाकात की और फिर मेरा भी हालचाल लिया।

इस दौरान सिक्योरिटी वालों ने कुछ बोला तो उन्होंने चुप करा दिया। नायब ऐसे हैं। उनमें CM बनने के बाद भी कोई घमंड नहीं आया। आप पूर्व CM मनोहर लाल खट्टर से मिले हैं, इसके जवाब में बलविंदर कहते हैं, ‘नहीं उनसे कभी नहीं मिला। CM हाउस में तो तब मुलाकात ही नहीं होती थी।’

गांव के ही बलवंत सिंह सैनी के सामने जैसे ही नायब का नाम लिया। वे हंसते हुए कहते हैं’ हमारे गांव का लड़का है, हमारे परिवार-खानदान के हैं। स्वभाव के बहुत अच्छे हैं। जब गांव आते हैं तो मुझसे मिलते-जुलते हैं।’ वे आगे कहते हैं कि नायब मददगार भी हैं। मेरे दो बेटों की नौकरी भी लगवाई। एक की PWD में और दूसरे बेटे की लेबर कोर्ट में।’

पास में खड़े गांव के ही श्याम लाल हमारी बातें सुन रहे थे। वे कहते हैं, ‘नायब मेरा भतीजा है। यहां जितने सैनी हैं, सब एक ही खानदान के हैं। अभी मिस कॉल करूंगा तो तुरंत जवाब आएगा। कभी भी फोन करो जवाब जरूर देता है। CM हाउस गए थे, तब उनसे मुलाकात भी हुई थी।’

खट्टर के बारे में पूछने पर श्याम लाल कहते हैं, ‘वो हमारे गांव में कई दिनों तक रहे हैं। हालांकि, उनसे कभी बात नहीं हुई, क्योंकि जरूरत ही नहीं पड़ी।’

पास में खड़ी श्याम लाल की पत्नी परमजीत सिंह सैनी भी नायब के बारे में कुछ बोलना चाहती थीं। जब हमने उनसे बात शुरू की तो वो उत्साह से बोलती हैं, ‘हमारा बच्चा है, भतीजा है। जब भी यहां आता है मुझसे नमस्ते करते हैं, बातचीत करते हैं।’

नायब सिंह सैनी लाडवा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। ये तस्वीर उनके नॉमिनेशन के वक्त की है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी नॉमिनेशन कराने उनके साथ गए थे।
नायब सिंह सैनी लाडवा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। ये तस्वीर उनके नॉमिनेशन के वक्त की है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी नॉमिनेशन कराने उनके साथ गए थे।

नायब की बहन की शादी में 15 दिन रुके थे खट्टर नायब सिंह सैनी जब मुख्यमंत्री बने तो इनकी और पूर्व CM मनोहर लाल खट्टर की नजदीकियों की चर्चा हुई। हमने गांव में लोगों से इस बारे में भी पूछा। बलवंत सिंह सैनी कहते हैं, ‘खट्टर इस गांव में कई बार आए। नायब सिंह सैनी की बहन की शादी में तो 10-15 दिन रुके थे। ये बहुत पहले की बात है। तब खट्टर CM नहीं थे। उसके बाद भी आते-जाते रहे।’

CM बनने के बाद भी क्या खट्टर कभी गांव आए? बलवंत कहते हैं, ‘हां, मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वो 2-3 बार गांव आए।’

गांव के ही रहने वाले सुरजीत सिंह से जब पूछा कि क्या गांव में खट्टर से आपने बातचीत की? तो वे कहते हैं, ‘नहीं ऐसी कोई बातचीत तो नहीं हुई। खट्टर नायब के घर कई बार आ चुके हैं। कुछ दिन रुकते भी थे। खट्टर ने ही उन्हें आगे बढ़ने में मदद की। दोनों के बीच अच्छी बनती है, लेकिन स्वभाव दोनों का बिल्कुल अलग है। नायब बहुत मिलनसार हैं।’

ये तस्वीर नायब सिंह सैनी के घर की है। गांव में एक बड़े से कैम्पस में नायब, उनके भाई चंदन और तीन चचेरे भाइयों के मकान बने हुए हैं।
ये तस्वीर नायब सिंह सैनी के घर की है। गांव में एक बड़े से कैम्पस में नायब, उनके भाई चंदन और तीन चचेरे भाइयों के मकान बने हुए हैं।

12वीं पास कर संघ से जुड़े, खट्टर राजनीतिक गुरु नायब 12वीं पास करने के बाद संघ से जुड़ गए। उसके बाद हरियाणा में BJP से भी जुड़ गए। खट्टर को उनका राजनीतिक गुरु भी कहा जा सकता है। खट्टर और नायब की बहुत नजदीकियां हैं। खट्टर ने उनका बहुत साथ भी दिया। 2010 में नारायण गढ़ से इन्हें पार्टी ने विधायक का टिकट दिया, लेकिन हार गए।

अगले चुनाव में पार्टी ने फिर इन पर भरोसा जताया और नायब चुनाव जीत गए। 2015 से 2019 तक राज्य में मिनिस्टर भी रहे। 2019 में कुरुक्षेत्र से सांसद चुने गए। इसके बाद मार्च 2024 में हरियाणा के CM बने। अब कुरुक्षेत्र की लाडवा सीट से विधायक का चुनाव लड़ रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home2/lokvarta/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481