पूज्य “प्रभुश्री” जी के प्रमुख कार्यक्रमों की झलकियाँ

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जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर पूज्यपाद श्री स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज “पूज्य प्रभुश्री जी” कल दिनांक 09 फरवरी, 2024 को दो दिवसीय प्रवास पर श्री सालासर धाम (राजस्थान) पहुँचे।

 

पूज्य “प्रभुश्री” जी के प्रमुख कार्यक्रमों की झलकियाँ इस प्रकार हैं : –

09 फरवरी की सायंकाल श्रीसालासर धाम में स्वामी अवधेशानन्द फाउंडेशन के वरिष्ठ न्यासी एवं देश के सुप्रसिद्ध उद्यमी आदरणीय श्री विनोद अग्रवाल जी एवं उनकी गृहलक्ष्मी आदरणीया श्रीमती नीना अग्रवाल जी के “षष्टी पूर्ति महोत्सव” में सम्मिलित हुए।

 

अपने प्रेरक उद्बोधन में पूज्य “प्रभुश्री” जी ने कहा कि मनुष्य के अंतःकरण में सत्कर्मों की अभिप्रेरणा भगवान की कृपा का फलादेश है। यदि देव और पितृ प्रसन्न न हो तो हमारे द्वारा कोई भी श्रेष्ठ व पारमार्थिक कार्य संपादित नही हो सकते। परमात्मा जब अत्यन्त प्रसन्न होते हैं तो हमें मनुष्य देह उपलब्ध कराते हैं, मनुष्य होकर मुमुक्षा दूसरा दुर्लभ संयोग है, और उससे भी बड़ी उपलब्धि वीतराग महापुरुषों का नित्य संग करना है। इसी से जीवन की श्रेष्ठताएँ प्रकाशित होती है। परमार्थ की प्रवृत्ति ईश्वरीय अनुग्रह है, इसे कृपा कहते हैं। हिरणाक्ष जैसे असुरों के पास बड़ा संग्रह था, लेकिन उनको बाँटना नही आया। तीनों लोक उनसे आतंकित थे। इस दृष्टि से जिसे बाँटना नही आया, वह बड़ा नही बन सकता। पूज्य “प्रभुश्री जी” कहते हैं कि जीवन की महान उपलब्धि है – अभयता। जिसके लिए आंतरिक समृद्धि आवश्यक है। आपके रहते आपका उत्तराधिकारी यदि आपसे आगे निकल जाए वो सफलता है। सेवा का अर्थ है – अहमन्यता का अभाव। जब जीवात्मा के जीवन में महात्मा आता है तो उसका परिणाम स्वयं परमात्मा है। हम दूसरों को बदलना चाहते हैं, स्वयं नही बदलते। भक्त उसे कहते हैं कि जो भगवान के प्रत्येक विधान को कल्याणकारी मानता है। षष्ठी पूर्ति के अवसर पर आपका सेवा परायण पारमार्थिक जीवन ही आपकी सफलता को परिभाषित करता है। पूज्य “प्रभुश्री जी” कहते हैं कि अपने चित्त में वीतराग महापुरुषों का स्मरण करने से शोक, भय आदि विकार नष्ट हो जाते हैं।

 

इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कथा वाचक एवं समर्थ लेखक आदरणीय श्री विजय शंकर मेहता जी समेत अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।

 

सायंकाल पूज्य “प्रभुश्री जी” ने जिनके अनुग्रह से साधक लौकिक-पारलौकिक समस्त ऐश्वर्य और परमानन्द प्राप्त कर लेता है, ऐसे संकटमोचक मोक्ष प्रदाता सालासर हनुमान श्री बालाजी के दर्शन – अर्चन कर लोकमंगल की कामना की।

 

इस अवसर पर पूज्य “प्रभुश्री जी” ने मन्दिर परिसर में ही निर्माणाधीन भवन का अवलोकन किया एवं प्रमुख पुजारियों के साथ मंत्रणा की। इस अवसर पर सालासर श्रीहनुमान जी के पुजारी परिवार से आदरणीय श्री विश्वनाथ कावर जी, आदरणीय श्री मिठ्ठनलाल पुजारी, आदरणीय श्री यशोदानन्दन जी, आदरणीय श्री अजय जी, आदरणीय श्री प्रदीप जी, आदरणीय श्री युधिष्ठिर जी, आदरणीय श्री सुरेश जी, आदरणीय श्री किशन जी, आदरणीय श्री अरविन्द जी, आदरणीय श्री अनूप जी, आदरणीय श्री विजय जी, आदरणीय श्री बबलू जी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

दिनांक 10 फरवरी को पूज्य “प्रभुश्री जी” ने श्री बालाजी सेवार्थ विनोद अग्रवाल फाउंडेशन द्वारा निर्मित अत्याधुनिक “चमेली देवी अग्रवाल मांगलिक भवन” का लोकार्पण किया।

 

इस अवसर पर आदरणीय श्री विनोद अग्रवाल जी एवं उनकी सहधर्मिणी आदरणीया श्रीमती नीना अग्रवाल जी, आदरणीय श्री पुरुषोत्तम अग्रवाल जी एवं उनकी सहधर्मिणी आदरणीया श्रीमती सुशीला अग्रवाल जी, आदरणीय श्री संजय अग्रवाल जी एवं उनकी सहधर्मिणी श्रीमती मीना अग्रवाल जी, आदरणीय श्री सुनील अग्रवाल जी एवं अग्रवाल परिवार के सदस्य व ईष्ट मित्रों समेत देश के अनेक उद्यमी, सामाजिक कार्यकर्ता और साधक जनों की उपस्थिति रही।

 

इस सम्पूर्ण कार्यक्रम का समायोजन आदरणीय श्री तपन अग्रवाल उनकी धर्मपत्नी आदरणीया श्रीमती वंशिका अग्रवाल एवं श्री विनोद अग्रवाल जी की सुपुत्री आदरणीया अर्चना अग्रवाल जी ने किया।

 

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