नर्मदापुरम के जनपद पंचायत केसला में आजीविका मिशन की एक ‘पशु सखी’ से उसकी मेहनत की कमाई लूटने की कोशिश करने वाले भ्रष्टाचार के खिलाड़ियों का पर्दाफाश हो गया- इक्का न्यूज़ भारतद्वारा

नर्मदापुरम के जनपद पंचायत केसला में आजीविका मिशन की एक ‘पशु सखी’ से उसकी मेहनत की कमाई लूटने की कोशिश करने वाले भ्रष्टाचार के खिलाड़ियों का पर्दाफाश हो गया है। मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) में कार्यरत आवेदिका सुनैया बरकडे को जब फरवरी 2026 का 29,700 रुपये मानदेय मिला, तो विकासखंड प्रबंधक धर्मेंद्र गुप्ता की नीयत डोल गई। आरोपी प्रबंधक ने आवेदिका पर बेहद शर्मनाक दबाव बनाया कि वह केवल 4,000 रुपये अपने पास रखे और बाकी के 25,000 रुपये रिश्वत के तौर पर उसे दे दे। आरोपी ने धमकी भी दी कि अगर पैसे नहीं मिले, तो उसे नौकरी से निकालकर किसी दूसरी महिला को ट्रेनिंग पर रख लिया जाएगा।
हौसले वाली सुनैया बरकडे ने इस भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय पुलिस अधीक्षक दुर्गेश कुमार राठौर से शिकायत कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल सत्यापन कराया और एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया। शुक्रवार को जब रिश्वत के लेन-देन का जाल बिछाया गया, तो धर्मेंद्र गुप्ता अपने कार्यालय में सुरभि क्लस्टर फेडरेशन की मैनेजर कामिनी राजपूत और चपरासी कृष्णा धुर्वे के जरिए 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने सरकारी दफ्तरों में फैले कमीशनखोरी के खेल को बेनकाब कर दिया है। पुलिस ने आरोपी प्रबंधक, मैनेजर और चपरासी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
