वाइसराय कॉलोनी में हुए विवाद में नया खुलासा
शाहपुरा थाना क्षेत्र की वाइसराय कॉलोनी में 20 नवंबर को हुए विवाद के बाद आरोपियों को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी करेरा में पदस्थ जिला पंचायत सीईओ संजीत श्रीवास्तव के बेटे शेखर श्रीवास्तव नाम के युवक को पीटने पहुंचे थे। हालांकि शेखर घर पर नहीं मिला, उसने अपने साथी विशाल, आकाश और नवल को कॉल कर कॉलोनी में भेजा।
यह तीनों स्कूटी पर सवार होकर कॉलोनी में पहुंचते हैं और हमला करने आए बाहरी युवकों को लाठी और डंडों से बेरहमी से पीटना शुरू कर देते हैं। इस पूरे घटनाक्रम का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। हालांकि शेखर की मां की ओर से शाहपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिसमें उन्होंने कॉलोनी में हंगामा कर रहे सभी युवकों को उनके घर हमला करने वाला बताया था।
हमलावरों में अर्जुन चतुर्वेदी नाम के युवक को स्पॉट पर होना बताया गया, उसकी कार का नंबर एफआईआर में दर्ज कराया गया। जांच में इस बात की पुष्टि भी हुई है कि जिस कार का नंबर एफआईआर में दर्ज कराया गया, वह कार घटना के समय नर्मदा अस्पताल के बाहर सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी में खड़ी थी।

असल में शेखर और उसके दोस्तों ने अर्जुन को अरेरा हिल्स इलाके में बेरहमी से पीटा था। उसे जमीन पर गिराकर उसके हाथ पर लातें मारीं, जिससे उसका एक हाथ फ्रेक्चर हो गया था, मारपीट में अर्जुन गंभीर घायल हुआ था। उसके दोस्त उसे अस्पताल में भर्ती कराने के बाद बात करने के इरादे से शेखर के घर पहुंचे थे। जहां शेखर के दोस्तों और उनके बीच विवाद हुआ।
अर्जुन के पिता बोले बात करने कॉलोनी गए थे बेटे के दोस्त
अर्जुन के पिता विकास चतुर्वेदी ने बताया कि जिस कार का नंबर एफआईआर में शाहपुरा थाने में दर्ज कराया गया, वह कार उनकी पत्नी के नाम रजिस्टर्ड है और वाइसराय कॉलोनी में हुए विवाद के दौरान नर्मदा अस्पताल पर थी। यह सही है कि अर्जुन के दोस्त कॉलोनी पहुंचे थे, लेकिन शेखर के नहीं मिलने की हालत में उन्होंने उसकी मां से सहज तरीके से बात की।
बात कर टहलते हुए कॉलोनी से बाहर निकल रहे थे, तभी शेखर के दोस्तों ने पहले हमला किया, यह वीडियो में दिख भी रहा है। अर्जुन को शेखर और उसके दोस्तों ने अरेरा हिल्स इलाके में बेरहमी से पीटा था, उसके हाथ पर तीन युवकों ने लाते मारीं और कूदे थे, इसका वीडियो भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

शेखर की मां बोलीं, हर हाल में बेटे को पीटना चाहते थे आरोपी
शेखर की मां विशाखा श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की रात 3-4 बजे के बीच मेरे घर में 15-20 लड़के आए थे। सभी मेरे बेटे के संबंध में पूछ रहे थे, उन्होंने साफ कहा कि बेटे को मारना चाहते हैं। छोड़ेंगे नहीं, मैंने उन्हें पैरेंट्स को बुलाने और बैठकर बात करने की बात कही, सभी नशे में थे, कुछ सुनने को तैयार नहीं थे।
एक बार आरोपी कॉलोनी में आने के बाद चले गए थे, दोबारा आने के बाद उन्होंने मेरे बेटे के दोस्तों को बेरहमी से पीटा। जाते समय कार में भी तोड़फोड़ की। इस पूरे घटनाक्रम से मैं सहम गई थी। क्योंकि मैं और बेटा यहां अकेले रहते हैं। मैंने पति को कॉल पर पूरी जानकारी दी थी, इसके बाद थाने पहुंचकर एआईआर दर्ज कराई।
हमलावरों में एसडीओपी का बेटा भी शामिल
घटना के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ब्यावरा के एसडीओपी प्रकाश शर्मा के बेटे सुयश शर्मा की पहचान हमलावरों के रूप में की गई है। वारदात के समय वह डंडा हाथ में लेकर भागता दिखा था। जबकि घटना के दिन अर्जुन के साथियों में से एक ने अर्जुन को आईजी का बेटा बताया था।
घटना के बाद सात आरोपी अब भी फरार हैं, इसमें दो एडवोकेट के बेटे सहित चूना भट्टी के प्रतिष्ठित टायर कारोबारी जागरण बाबा का लड़का भी शामिल है। अन्य सभी युवक न्यूमार्केट के कारोबारियों के बेटे हैं।

रिटायर आईजी पीएन चतुर्वेदी का पोता है अर्जुन
ई-2 अरेरा कॉलोनी निवासी अर्जुन के पिता विकास चतुर्वेदी बिल्डर हैं। वहीं, अर्जुन के दादा पीएन चतुर्वेदी आईजी रहे हैं। उनका निधन हो चुका है। घटना के समय जिस कार की टक्कर हुई थी, वह अर्जुन की मां सपना चतुर्वेदी के नाम पर रजिस्टर्ड है।
एसीपी उमेश तिवारी ने बताया कि सुयश शर्मा को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचानने के बाद नामजद किया गया है। फिलहाल वह फरार है, उसके साथ अन्य 6 आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश में तीनों थानों की पांच टीमें जुटी हैं। सात आरोपियों को गिरफ्तार कर 22 नवंबर को जेल भेजा गया था।
