8-9 को पचमढ़ी में रहेंगे राहुल गांधी

पचमढ़ी के होटल हाईलैंड में 2 नवंबर से एमपी कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग चल रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस ट्रेनिंग में शामिल होने 8 नवंबर को पचमढ़ी पहुंचेंगे। राहुल 8 और 9 नवंबर को पचमढ़ी के ट्रेनिंग कैंप में शामिल रहेंगे। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के संभावित दौरे की जानकारी मिलने की पुष्टि की है।
उत्तराखंड के विधायक बोले- बीजेपी की पिच पर न खेलें
ट्रेनिंग के दूसरे दिन दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी और उत्तराखंड से विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा-
हमें बीजेपी के ग्राउंड पर जाकर नहीं खेलना चाहिए। बीजेपी वाले फुटबॉल की पिच पर क्रिकेटर को बुलाकर खिलाते हैं और हराते हैं। हमें ऐसे किसी एजेंडे में नहीं उलझना चाहिए, जो बीजेपी क्रिएट करके हमें उलझाना चाहती है।

अब पढ़िए प्रशिक्षण के पहले दिन क्या चर्चा हुई
2 नवंबर को प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन कांग्रेस ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के नेशनल इंचार्ज और CWC मेंबर सचिन राव ने किया। इस दौरान पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मुख्य रूप से मौजूद थे।
सचिन राव ने बताया ट्रेनिंग का महत्व
प्रशिक्षण के पहले दिन सचिन राव ने बताया कांग्रेस क्या है? कांग्रेस की विचारधारा, पार्टी और विचारधारा में क्या अंतर है? एक कार्यकर्ता होना, राजनीति क्या है, जनता क्या है? इन सारे विषयों पर जानकारी दी।
सचिन राव ने कहा कांग्रेस की विचारधारा के बिना संविधान और देश नहीं चल सकता। आप सत्ता में बैठ सकते लेकिन, जनता की मूल भावना संविधान की मूल भावना का समावेश हो। विकास में अशांति, बंधुत्व भाईचारा न हो तो वह कैसा विकास ? सचिन राव ने जिला अध्यक्षों को बताया कि आप पॉलिटिक्स में क्यों और कैसे आए क्या पाया खोया? खुद का आकलन कैसे कर पा रहे, जिस उद्देश्य से आए उसमें क्या अचीव किया, बाधाएं क्या हैं?

महात्मा गांधी के कपडे़ दान करने वाली घटना सुनाई सचिन राव ने महात्मा गांधी द्वारा अपने कपडे़ छोड़ने वाली घटना सुनाई। उन्होंने बताया कि गांधी जी ने अपने कपडे़ एक महिला को दिए थे उसके बाद उनकी क्या सोच थी? गांधी जी जब अफ्रीका से आए थे तो गोखले जी ने देश भ्रमण की बात की थी उस वक्त लंबी दूरी की ट्रेन नदी, तालाब पर रूकती थीं उस दौरान यात्री नहा, धो लेते थे। गांधी जी ने देखा एक महिला आधे कपड़ों में थी तो उन्होंने आधे कपड़े दे दिए थे। उसके बाद उन्होंने आधे वस्त्रों में ही पूरा जीवन गुजारा।
बापू ने नमक आंदोलन को स्वतंत्रता से जोड़ा गांधी की कहानी बताते हुए सचिन राव ने कहा बापू ने नमक आंदोलन को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा। जब संचार व्यवस्था और फंड नहीं तब एक एक आदमी के कहने पर लाखों लोग आ रहे थे। गांधी को जेल में डाल दिया, जनता सड़क पर उतरी, लेकिन रिएक्ट नहीं किया। 1931 में अंग्रेज थक गए तो अंग्रेजों ने ड्राफ्ट में लिखा था कि अब भारत गुलाम नहीं रहा। किसी ने मन से यह स्वीकार कर लिया हम आपकी दास्ता को स्वीकार नहीं करेंगे। हृदय परिवर्तन की बात कही कि जब अंग्रेज थक गए जब मार खाई ये मारने पर उतर आते तो हमारा क्या होता। उसके बाद से ही हमारी क्रांति की शुरुआत हुई।

जिला अध्यक्षों से कहा- कार्यकर्ता तनख्वाह नहीं लेता, उससे सीधे जुडे़ं सचिन राव ने जिला अध्यक्षों से पूछा कि वर्तमान परिदृश्य में खुद को कितना सफल मानते हैं? आप लोगों से कितने जुडे़ हैं। आप चूल्हा चौका तक जा पाते हैं। संगठन बनाया तो चर्चा कर पाते हैं या नहीं? नीचे तक जाते हैं तो जनता के बीच में कार्यकर्ताओं का सोच क्या है? सचिन राव ने कहा- कार्यकर्ता किसी का गुलाम नहीं होता। वर्कर तनख्वाह या सर्टिफिकेट वाला नहीं होता। वो विचारधारा से जुड़ा होता है। हमारे पास 40 प्रतिशत वोटर हैं। आर्थिक संसाधनों की बात करें तो हमारे पास सिर्फ 10 प्रतिशत संसाधन हैं। अब हमारी जिम्मेदारी है कि संगठन सृजन की चर्चा करें कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करें और संगठन सृजन अभियान के महत्व को बताएं। सत्ता की समय सीमा होती है। अगर उन मूल विषयों पर चर्चा नहीं की तो ये अवधि बढ़ती जाती है।
ट्रेनिंग के दूसरे दिन क्या हुआ
काजी निजामुद्दीन बोले- मुसलमानों की छवि बिगाड़ी जा रही
दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी और उत्तराखंड से विधायक निजामुद्दीन काजी ने धर्मनिरपेक्षता और भारतीय राजनीति में मुसलमानों की भूमिका पर कहा- भारत में बीजेपी का स्पष्ट एजेंडा तीन तलाक, लव जिहाद, 370 आतंकवाद की बात करते हुए मुसलमानों से जोड़ती है। भ्रम फैलाकर मुसलमानों की छवि बिगाड़ी जा रही है। ये कहा जा रहा है कि मुसलमानों की जनसंख्या बढ़ रही है आने वाले समय में भारत हिन्दू राष्ट्र नहीं रहेगा।
बीजेपी मैसेज देती है कि मुस्लिम डरा हुआ है निजामुद्दीन ने कहा- जो पढ़ा लिखा तबका है वो जनसंख्या ग्रोथ वाला नहीं हैं। हाई क्लास वाला वर्ग और लोअर तबका, किसी भी वर्ग का हो उन्होंने बहुत बच्चे पैदा किए। तीन-चार शादियां कर सकते हैं। आज सब सुधार करना चाहते हैं। जो भी प्लान कर रहे हैं वो एजेंडा ध्रुवीकरण का है। बीजेपी यह दिखाना चाहती है कि भाजपा की सरकार है तो मुस्लिम डरा हुआ है। बीजेपी वाले ये बताने की कोशिश करते हैं कि बीजेपी है तो मुस्लिम डरे हुए हैं। मुस्लिम बोल नहीं पा रहे, हम हैं इसलिए कंट्रोल कर पा रहे हैं। निजामुद्दीन ने कहा- 370 से बहुत कुछ बदल गया ऐसा नहीं है। अगर जम्मू कश्मीर में 60-70 लाख पब्लिक और 10 लाख सेना है। तो फिर क्या बदला? विकास के बहुत से पैमाने बना दो लेकिन असंतोष, अशांति है तो फिर कुछ नहीं हैं।

रामदेव जैसे लोग कांग्रेस के समय में बढ़े अब बीजेपी के साथ हो गए निजामुद्दीन ने बाबा रामदेव का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस करती बहुत है लेकिन उसको बता, भुना नहीं पाती। बाबा रामदेव की मदद कांग्रेस की सरकार के समय कमलनाथ, गुलाम नबी आजाद, एनडी तिवारी जैसे लोगों ने की। हमें गैप नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसे लोगों की मदद करें जो मरते दम तक हमारे साथ रहें। बीजेपी की पिच पर न खेलें निजामुद्दीन ने कहा- हमें बीजेपी के ग्राउंड पर जाकर नहीं खेलना चाहिए। बीजेपी वाले फुटबॉल की पिच पर क्रिकेटर को बुलाकर खिलाते हैं और हराते हैं। हमें ऐसे किसी एजेंडे में नहीं उलझना चाहिए जो बीजेपी क्रिएट करके हमें उलझाना चाहती है।
राहुल गांधी को पता है उनके बारे में लोग क्या सोचते हैं कांग्रेस सांसद और संगठन सृजन अभियान के इंचार्ज शशिकांत सैंथिल ने कहा- आइडियोलॉजी, ऑर्गेनाइलेशन और लीडरशिप के बीच की कनेक्टिविटी का महत्व बताया। सैंथिल ने कहा- कई बार हम आम कार्यकर्ताओं को लगता है कि राहुल गांधी क्या कर रहे हैं? उन्हें कोई समझाता क्यों नहीं हैं? ये बात राहुल जी को खुद मालूम है, लेकिन अब हम लोग राहुल गांधी को सलाह नहीं ताकत देंगे। कोई ऐसी बात नहीं करेंगे जिससे बीजेपी को फायदा हो। हम अपनी पिच सेट करके खेलेंगे।

आज तीसरे दिन क्या हुआ
अहमदाबाद सिटी की अध्यक्ष ने बताया जेंडर सेंसेटाइजेशन का महत्व
प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन आज “जेंडर सेंसेटाइजेशन – लैंगिक संवेदनशीलता, लैंगिक बोध और जेंडर जागरूकता” विषय पर एक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की पूर्व सचिव और अहमदाबाद सिटी जिला अध्यक्ष सोनल पटेल ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में समाज में महिलाओं की भूमिका, योगदान, पहचान और समकालीन चुनौतियों पर चर्चा की।
सोनल पटेल ने कहा कि “जेंडर समानता केवल नीति नहीं, बल्कि एक सोच और व्यवहार है, जिसे समाज के हर स्तर पर आत्मसात करना होगा।” उन्होंने उपस्थित जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों के साथ खुला और सार्थक संवाद किया तथा संगठन में महिला भागीदारी को और सशक्त बनाने की दिशा में प्रेरित किया।
