वास्तु का साया
पिछले कई चुनावों से हार झेल रही मध्य प्रदेश कांग्रेस खुद को मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है..दो दिन पहले पार्टी प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने साफगोई दिखाते हुए पार्टी में सुधार की बात कही..अगले ही दिन प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का वास्तुदोष दूर करने की कवायद सामने आई..इसे लेकर बीजेपी हमलावर है..उसका कहना है कि दोष कार्यालय की बिल्डिंग में नहीं,बल्कि पार्टी के नेताओं में है..
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अब वास्तु के लिहाज से एक बार फिर बदलाव हो रहा है..पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के कार्यकाल में लिंक रोड के सामने वाला जो प्रवेश द्वार खोला गया था..उसे एक बार फिर बंद सिंधु भवन की ओर वाले गेट को प्रवेश के लिए खोला गया है.जबकि नाथ के कार्यकाल में इस गेट पर स्थायी तौर पर ताला जड़ दिया गया था..प्रवेश द्वार ही नहीं कार्यालय के अन्य कक्ष व निर्माण कार्यों में भी बदलाव की तैयारी है..इसी सिलसिले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी व संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने समूचे कार्यालय का निरीक्षण किया व जरूरी बदलाव के निर्देश दिए..पार्टी नेता इसे अब कार्यालय का रिनोवेशन बताकर बच रहे हैं..वहीं जानकारों की मानें तो पार्टी नेताओं ने यह निर्णय कार्यालय के वास्तु दोष को दूर करने के इरादे से लिया है…इससे पहले भी पीसीसी में इस तरह के प्रयोग हो चुके हैं..इधर,प्रदेश कांग्रेस की इस कवायद पर बीजेपी हमलावर हो गई है..बीजेपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस यह समझने को तैयार नहीं कि दोष उसके कार्यालय भवन में नहीं बल्कि पार्टी के नेताओं व उसकी रीति—नीति में है..दरअसल,2019—20 के सवा साल की अवधि का छोड़ दिया जाए तो कांग्रेस बीते दो दशक से सत्ता से बाहर है..प्राय: हर चुनाव में उसे पराजय का सामना करना पड़ रहा है..पिछले विधानसभा चुनाव में भी उसे करारी हार का सामना करना पड़ा..यही नहीं बीते छह माह में ही बड़ी संख्या में उसके नेता व कार्यकर्ता पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए..तो क्या प्रदेश कांग्रेस अब टोटकों के जरिए अपने संगठन का मजबूत करने की कवायद कर रही है..
